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Monsoon Session: लोकसभा से कांग्रेस के चार सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित, पार्टी बोली- हम डरेंगे नहीं
Mon, 25 Jul 2022 05:32 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 25 Jul 2022 05:32 PM IST
सार
कांग्रेस के चार सासंदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस सांसद जोतिमणि, राम्या हरिदास, मणिकम टैगोर, टीएन प्रतापन को निलंबित किया गया है। लोकसभा की कार्रवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
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कांग्रेस के चार सांसद लोकसभा से निलंबित
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कांग्रेस के चार सासंदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस सांसद जोतिमणि, राम्या हरिदास, मणिकम टैगोर, टीएन प्रतापन को निलंबित किया गया है। लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
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सदन में तख्तियां दिखाकर प्रदर्शन करने और आसन की अवमानना करने के मामले में कांग्रेस के चार सांसदों को चालू सत्र की शेष अवधि के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया। एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे बैठक पुन: शुरू हुई तो पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने आवश्यक कागजात प्रस्तुत कराए। इस दौरान कांग्रेस के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। उनके हाथों में तख्तियां भी थीं। शोर-शराबे के बीच ही कुछ सदस्यों ने नियम 377 के तहत अपने विषय रखे।
इसके बाद पीठासीन सभापति अग्रवाल ने कहा कि कुछ सदस्य निरंतर तख्तियां आसन के सामने दिखा रहे हैं जो सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने भी इस संबंध में सदस्यों को चेतावनी दी थी। मानसून सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के अंदर प्रदर्शन कर रहे सांसदों को तख्तियां न दिखाने की चेतावनी दी थी।
अग्रवाल ने कहा कि आसन के पास इन सदस्यों के नाम लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सदस्य कृपया इस चेतावनी का ध्यान रखें और किसी तरह की तख्ती नहीं दिखाएं। उन्होंने कांग्रेस के चारों सदस्यों को सदन की कार्यवाही से निलंबित किये जाने की घोषणा की।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आसन से चारों कांग्रेस सांसदों के खिलाफ कार्यवाही करने का अनुरोध किया और इस संबंध में सदन में प्रस्ताव रखा। अग्रवाल ने इसके बाद सदन की कार्यवाही अपराह्न करीब 3:50 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
संसद परिसद के भीतर तख्तियां ले जाने पर लगा था प्रतिबंध
मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले संसद परिसर के भीतर तख्तियां ले जाने और विरोध प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। मणिकम टैगोर, राम्या हरिदास, जोतिणि और टीएन प्रतापन को एक अभूतपूर्व कार्रवाई में निलंबित कर दिया गया।
नियम 374 के तहत की गई कार्रवाई
कांग्रेस सांसदों यह कार्रवाई नियम 374 के तहत की गई है। नियमें जिद्द और जानबूझकर सदन की कार्यवाही रोकना शामिल है। इसके अलावा इस नियम में सीपकर के प्राधिकार की उपेक्षा करना और नियमों का दुरुपयोग भी शामिल है। इन सांसदों के खिलाफ पहले निलंबन प्रस्ताव दिया गया था जिसके बाद सर्वसम्मित ने सभी को निलंबित कर दिया गया है।
डराने की कोशिश कर रही सरकार : कांग्रेस
वहीं चार सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार उसे डराने की कोशिश कर रही है और कहा कि पार्टी झकेगी नहीं। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा, सरकार हमारे सांसदों को निलंबित करके हमें डराने की कोशिश कर रही है। उनकी क्या गलती थी? वे उन मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे थे जो लोगों के लिए मायने रखते हैं।
उन्होंने कहा, "सांसद गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि, आटा और छाछ जैसी वस्तुओं पर जीएसटी लगाने के मुद्दों को उठाते हुए तख्तियां लिए हुए थे। हमने इन मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए एक स्थगन प्रस्ताव पेश किया लेकिन कोई चर्चा नहीं हुई।"
अहंकार दिखा रही सरकार : टैगोर
निलंबित सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस पिछले छह दिनों से मूल्य वृद्धि पर चर्चा की मांग कर रही है, स्थगन प्रस्ताव के लिए नोटिस दे रही है लेकिन सरकार ने पूरा अहंकार दिखाया है। उन्होंने कहा, आज जब एक आदिवासी महिला ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली है, तो एक दलित महिला को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है।
टैगोर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा केवल यह चाहती है कि संसद, उनके अपने नेताओं और उनकी जीत की जय-जयकार करे। उन्होंने कहा, हम सदन में तख्तियां दिखाने और उन्हें कैमरे के एंगल में रखने की कोशिश कर रहे थे। वे कहते हैं कि संसद में तख्तियों की अनुमति नहीं है..जो अनुमति है वह केवल मोदी जी के लिए जयकार है।
टैगोर ने आरोप लगाया कि सरकार केवल दुनिया के चौथे सबसे अमीर आदमी (गौतम अडानी) की आवाज सुनती है, आम आदमी की नहीं। निलंबित सांसद टैगोर ने कहा, हमें संसद में लोगों की आवाज उठाने के लिए निलंबित किया गया है। हम देश की जनता के लिए लड़ते रहेंगे। संसद में सौ चीजों की इजाजत नहीं, सिर्फ मोदी जी और अमित शाह जी की जय-जयकार करने की इजाजत है।
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Congress MPs Manickam Tagore, TN Prathapan, Jothimani and Ramya Haridas suspended for rest of session after LS passes resolution
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2022विज्ञापन
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इसके बाद पीठासीन सभापति अग्रवाल ने कहा कि कुछ सदस्य निरंतर तख्तियां आसन के सामने दिखा रहे हैं जो सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने भी इस संबंध में सदस्यों को चेतावनी दी थी। मानसून सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के अंदर प्रदर्शन कर रहे सांसदों को तख्तियां न दिखाने की चेतावनी दी थी।
अग्रवाल ने कहा कि आसन के पास इन सदस्यों के नाम लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सदस्य कृपया इस चेतावनी का ध्यान रखें और किसी तरह की तख्ती नहीं दिखाएं। उन्होंने कांग्रेस के चारों सदस्यों को सदन की कार्यवाही से निलंबित किये जाने की घोषणा की।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आसन से चारों कांग्रेस सांसदों के खिलाफ कार्यवाही करने का अनुरोध किया और इस संबंध में सदन में प्रस्ताव रखा। अग्रवाल ने इसके बाद सदन की कार्यवाही अपराह्न करीब 3:50 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
संसद परिसद के भीतर तख्तियां ले जाने पर लगा था प्रतिबंध
मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले संसद परिसर के भीतर तख्तियां ले जाने और विरोध प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। मणिकम टैगोर, राम्या हरिदास, जोतिणि और टीएन प्रतापन को एक अभूतपूर्व कार्रवाई में निलंबित कर दिया गया।
नियम 374 के तहत की गई कार्रवाई
कांग्रेस सांसदों यह कार्रवाई नियम 374 के तहत की गई है। नियमें जिद्द और जानबूझकर सदन की कार्यवाही रोकना शामिल है। इसके अलावा इस नियम में सीपकर के प्राधिकार की उपेक्षा करना और नियमों का दुरुपयोग भी शामिल है। इन सांसदों के खिलाफ पहले निलंबन प्रस्ताव दिया गया था जिसके बाद सर्वसम्मित ने सभी को निलंबित कर दिया गया है।
डराने की कोशिश कर रही सरकार : कांग्रेस
वहीं चार सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार उसे डराने की कोशिश कर रही है और कहा कि पार्टी झकेगी नहीं। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा, सरकार हमारे सांसदों को निलंबित करके हमें डराने की कोशिश कर रही है। उनकी क्या गलती थी? वे उन मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे थे जो लोगों के लिए मायने रखते हैं।
उन्होंने कहा, "सांसद गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि, आटा और छाछ जैसी वस्तुओं पर जीएसटी लगाने के मुद्दों को उठाते हुए तख्तियां लिए हुए थे। हमने इन मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए एक स्थगन प्रस्ताव पेश किया लेकिन कोई चर्चा नहीं हुई।"
अहंकार दिखा रही सरकार : टैगोर
निलंबित सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस पिछले छह दिनों से मूल्य वृद्धि पर चर्चा की मांग कर रही है, स्थगन प्रस्ताव के लिए नोटिस दे रही है लेकिन सरकार ने पूरा अहंकार दिखाया है। उन्होंने कहा, आज जब एक आदिवासी महिला ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली है, तो एक दलित महिला को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है।
टैगोर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा केवल यह चाहती है कि संसद, उनके अपने नेताओं और उनकी जीत की जय-जयकार करे। उन्होंने कहा, हम सदन में तख्तियां दिखाने और उन्हें कैमरे के एंगल में रखने की कोशिश कर रहे थे। वे कहते हैं कि संसद में तख्तियों की अनुमति नहीं है..जो अनुमति है वह केवल मोदी जी के लिए जयकार है।
टैगोर ने आरोप लगाया कि सरकार केवल दुनिया के चौथे सबसे अमीर आदमी (गौतम अडानी) की आवाज सुनती है, आम आदमी की नहीं। निलंबित सांसद टैगोर ने कहा, हमें संसद में लोगों की आवाज उठाने के लिए निलंबित किया गया है। हम देश की जनता के लिए लड़ते रहेंगे। संसद में सौ चीजों की इजाजत नहीं, सिर्फ मोदी जी और अमित शाह जी की जय-जयकार करने की इजाजत है।
We've been suspended from the House for raising the voice of the people in Parliament. We will continue to fight for the people of the country. A hundred things are not allowed in Parliament, only cheering Modi ji and Amit Shah ji is allowed: Suspended Cong MP, Manickam Tagore pic.twitter.com/BFOwIzi4PN
— ANI (@ANI) July 25, 2022