{"_id":"5a7ae05f4f1c1bd34b8b7444","slug":"former-north-korean-detective-said-kim-jong-friendship-is-a-hypocrisy","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व उत्तर कोरियाई जासूस ने कहा- ढोंग है किम जोंग उन की दोस्ती ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पूर्व उत्तर कोरियाई जासूस ने कहा- ढोंग है किम जोंग उन की दोस्ती
बीबीसी, हिन्दी
Updated Wed, 07 Feb 2018 04:52 PM IST
विज्ञापन
Kim Jong
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण कोरिया में हो रहे विंटर ओलंपिक में उत्तर कोरिया की हिस्सेदारी से बहुत लोग हैरान हैं। यह सवाल उठ रहा है कि 'अड़ियल' कहा जाने वाला उत्तर कोरिया अचानक अपने पड़ोसी देश से दोस्ती के मूड में क्यों आ गया है।
कुछ लोग इसे दोनों देशों के रिश्ते सुधरने के संबंध में एक ज़रूरी संकेत मान रहे हैं, लेकिन किम ह्विन-हुई इससे सहमत नहीं हैं। ह्विन-हुई उत्तर कोरिया की जासूस रही हैं। दक्षिण कोरिया में 1988 में हुए ग्रीष्म ओलंपिक से कुछ महीने पहले उन्होंने दक्षिण कोरियाई विमान में बम लगाकर 115 लोगों की जान ले ली थी।
बीबीसी की लॉरा बिकर ने उनसे पूछा कि उत्तर कोरिया के इस नए कदम के बारे में वह क्या सोचती हैं। ह्विन हुई ने कहा, "बेशक ये सब ढोंग है, उत्तर कोरिया का अंतिम मकसद अपना परमाणु कार्यक्रम पूरा करना है। उनके दिमाग में परमाणु हथियारों के सिवा कुछ नहीं है। आप उत्तर कोरिया को संवाद से, मीठे शब्दों से नहीं बदल सकते। मैं मानती हूं कि सिर्फ दबाव की रणनीति ही उत्तर कोरिया पर कारगर हो सकती है।"
विज्ञापन
अब भी सुरक्षा गार्डों के बीच रहती हैं
1989 में एक दक्षिण कोरियाई अदालत ने ह्विन-हुई को मौत की सजा दी थी, लेकिन राष्ट्रपति रो ते-वू ने उन्हें माफी दे दी थी। 56 साल की ह्विन-हुई वह अब दक्षिण कोरिया में एक गोपनीय जगह पर सुरक्षा गार्डों के घेरे में रहती हैं और उन्हें डर है कि उत्तर कोरियाई सरकार उनकी हत्या करना चाहती है।
वह याद करती हैं, "मुझे बताया गया था कि मैं कोरिया के एकीकरण की फंट्रलाइन सिपाही हूं। मैं दक्षिण कोरिया को एक क्रांतिकारी की तरह आजाद कराऊंगी। मैं इसे लेकर गर्व से भरी हुई थी।"
उन्हें अपने किए का पछतावा है
वह कहती हैं, "लेकिन बाद में मैंने महसूस किया कि यह सिर्फ हत्या करना था। वो एक छोटा जापानी रेडियो था, जिसमें मैंने बम का डेटोनेटर लगाया था। उसके बगल में ही एक प्लास्टिक बैग में लिक्विड बम था, जो मैंने विमान की शेल्फ में रख दिया था। "
राष्ट्रपति से मिली माफी
इस हमले को ह्विन-हुई ने अपने एक पुरुष साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था। जब दोनों को पकड़ा गया तो उन्होंने सायनाइड लगी हुई सिगरेट मुंह से काट ली। उनके साथी की मौत हो गई, लेकिन ह्विन-हुई बच गईं।
इसके बाद उन्हें मीडिया के सामने पेश किया गया, जहां उन्होंने टीवी कैमरों के सामने अपना गुनाह कबूल किया था। वह बताती हैं, "उत्तर कोरिया में हम ये सोचा करते थे कि दक्षिण कोरिया अमेरिका की एक गरीब और भ्रष्ट कॉलोनी है, ग़रीब और भ्रष्ट है। हमें बताया जाता था कि वे हमारे दुश्मन हैं और हम उनके साथ एक आसमान के नीचे नहीं रह सकते। "
'बच्चे शायद जानते हैं'
ह्विन-हुई ने बाद में दक्षिण कोरिया के एक इंटेलीजेंस अधिकारी से शादी कर ली. उनके दो बच्चे भी हैं। क्या उनके बच्चे उनका इतिहास जानते हैं, पूछने पर वह कहती हैं, "मेरे बच्चे अभी इतने बड़े नहीं हैं कि वो ये कहानी जानें। मैंने भी उन्हें ये सब बताने की कोशिश नहीं की। लेकिन आज कल इंटरनेट पर सब उपलब्ध है। मीडिया में मेरे इंटरव्यूज़ हैं। मुझे लगता है कि वे जरूर इस बारे में जानते होंगे।"
विज्ञापन
कुछ लोग इसे दोनों देशों के रिश्ते सुधरने के संबंध में एक ज़रूरी संकेत मान रहे हैं, लेकिन किम ह्विन-हुई इससे सहमत नहीं हैं। ह्विन-हुई उत्तर कोरिया की जासूस रही हैं। दक्षिण कोरिया में 1988 में हुए ग्रीष्म ओलंपिक से कुछ महीने पहले उन्होंने दक्षिण कोरियाई विमान में बम लगाकर 115 लोगों की जान ले ली थी।
विज्ञापन
बीबीसी की लॉरा बिकर ने उनसे पूछा कि उत्तर कोरिया के इस नए कदम के बारे में वह क्या सोचती हैं। ह्विन हुई ने कहा, "बेशक ये सब ढोंग है, उत्तर कोरिया का अंतिम मकसद अपना परमाणु कार्यक्रम पूरा करना है। उनके दिमाग में परमाणु हथियारों के सिवा कुछ नहीं है। आप उत्तर कोरिया को संवाद से, मीठे शब्दों से नहीं बदल सकते। मैं मानती हूं कि सिर्फ दबाव की रणनीति ही उत्तर कोरिया पर कारगर हो सकती है।"
विज्ञापन
अब भी सुरक्षा गार्डों के बीच रहती हैं
1989 में एक दक्षिण कोरियाई अदालत ने ह्विन-हुई को मौत की सजा दी थी, लेकिन राष्ट्रपति रो ते-वू ने उन्हें माफी दे दी थी। 56 साल की ह्विन-हुई वह अब दक्षिण कोरिया में एक गोपनीय जगह पर सुरक्षा गार्डों के घेरे में रहती हैं और उन्हें डर है कि उत्तर कोरियाई सरकार उनकी हत्या करना चाहती है।
वह याद करती हैं, "मुझे बताया गया था कि मैं कोरिया के एकीकरण की फंट्रलाइन सिपाही हूं। मैं दक्षिण कोरिया को एक क्रांतिकारी की तरह आजाद कराऊंगी। मैं इसे लेकर गर्व से भरी हुई थी।"
उन्हें अपने किए का पछतावा है
वह कहती हैं, "लेकिन बाद में मैंने महसूस किया कि यह सिर्फ हत्या करना था। वो एक छोटा जापानी रेडियो था, जिसमें मैंने बम का डेटोनेटर लगाया था। उसके बगल में ही एक प्लास्टिक बैग में लिक्विड बम था, जो मैंने विमान की शेल्फ में रख दिया था। "
राष्ट्रपति से मिली माफी
इस हमले को ह्विन-हुई ने अपने एक पुरुष साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था। जब दोनों को पकड़ा गया तो उन्होंने सायनाइड लगी हुई सिगरेट मुंह से काट ली। उनके साथी की मौत हो गई, लेकिन ह्विन-हुई बच गईं।
इसके बाद उन्हें मीडिया के सामने पेश किया गया, जहां उन्होंने टीवी कैमरों के सामने अपना गुनाह कबूल किया था। वह बताती हैं, "उत्तर कोरिया में हम ये सोचा करते थे कि दक्षिण कोरिया अमेरिका की एक गरीब और भ्रष्ट कॉलोनी है, ग़रीब और भ्रष्ट है। हमें बताया जाता था कि वे हमारे दुश्मन हैं और हम उनके साथ एक आसमान के नीचे नहीं रह सकते। "
'बच्चे शायद जानते हैं'
ह्विन-हुई ने बाद में दक्षिण कोरिया के एक इंटेलीजेंस अधिकारी से शादी कर ली. उनके दो बच्चे भी हैं। क्या उनके बच्चे उनका इतिहास जानते हैं, पूछने पर वह कहती हैं, "मेरे बच्चे अभी इतने बड़े नहीं हैं कि वो ये कहानी जानें। मैंने भी उन्हें ये सब बताने की कोशिश नहीं की। लेकिन आज कल इंटरनेट पर सब उपलब्ध है। मीडिया में मेरे इंटरव्यूज़ हैं। मुझे लगता है कि वे जरूर इस बारे में जानते होंगे।"