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सुप्रीम कोर्ट : केंद्र ने माना, एनसीएलएटी के पूर्व अध्यक्ष को 20 सितंबर तक पद पर रहने दिया जाएगा
Thu, 16 Sep 2021 01:24 PM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 16 Sep 2021 01:24 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने 20 सितंबर को अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाले चीमा की जगह जल्दबाजी में जस्टिस वेणुगोपाल को नियुक्त करने की आलोचना की।
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार ने माना कि एनसीएलएटी के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक इकबाल सिंह चीमा को फैसला सुनाने के लिए 20 सितंबर तक पद पर बने रहने दिया जाएगा, जिसके बाद चीमा की समय से पहले सेवानिवृत्ति से जुड़ा विवाद खत्म हो गया।
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राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति चीमा को 20 सितंबर को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उनकी जगह 11 सितंबर को ही न्यायमूर्ति एम वेणुगोपाल को न्यायाधिकरण का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। इसके चलते एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई और न्यायमूर्ति चीमा ने शीर्ष अदालत में अपील की।
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गुरुवार को अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ को बताया, ‘मैंने निर्देश ले लिया है। ऐसा बताया गया कि उन्होंने (चीमा) फैसला लिखने के लिए छुट्टी ली थी। इसलिए हमने फैसला किया है कि उन्हें कार्यालय जाने और फैसला सुनाने की अनुमति दी जाएगी, वर्तमान अध्यक्ष न्यायमूर्ति वेणुगोपाल को छुट्टी पर भेजा जाएगा।’
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पीठ ने कहा कि इस दलील को स्वीकार किया जाता है और (सरकार द्वारा) इसके परिणामी आदेश जारी किए जाएंगे। वर्तमान अध्यक्ष 20 सितंबर तक छुट्टी पर रहेंगे और यह आदेश इस मामले के असाधारण तथ्यों और हालात को ध्यान में रखते हुए पारित किया गया है।