Lok Sabha Election: बिष्णुपुर लोकसभा सीट पर पूर्व पति-पत्नी आमने-सामने, रोचक हुआ मुकाबला; पढ़ें पूरी खबर
तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को जारी उम्मीदवारों की सूची में प्रत्याशियों के चयन में अनुभव और उत्साह दोनों को ध्यान में रखा है। पुराने नेताओं और अगली पीढ़ी के नेताओं के बीच कथित सत्ता संघर्ष के बीच, पार्टी ने अनुभवी नेताओं और नई प्रतिभा का मिश्रण बनाए रखा।
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पश्चिम बंगाल की बिष्णुपुर लोकसभा सीट पर रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा क्योंकि यहां पूर्व पति-पत्नी आपस में ही एक दूसरे से भिड़ेंगे। दरअसल, कुछ दिनों पहले भाजपा ने लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें उन्होंने बिष्णुपुर सीट से सौमित्र खान को उम्मीदवार बनाया था। अब रविवार को टीएमसी ने खान की पूर्व पत्नी सुजाता मंडल को इसी सीट से टीएमसी उम्मीदवार के रूप में उतारा है।
टीएमसी ने रविवार को जारी की सूची
तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को जारी उम्मीदवारों की सूची में प्रत्याशियों के चयन में अनुभव और उत्साह दोनों को ध्यान में रखा है। पुराने नेताओं और अगली पीढ़ी के नेताओं के बीच कथित सत्ता संघर्ष के बीच, पार्टी ने अनुभवी नेताओं और नई प्रतिभा का मिश्रण बनाए रखा। पार्टी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को फिर डायमंड हार्बर से प्रत्याशी बनाया है। नौ विधायकों को भी लोकसभा का टिकट दिया है, इसमें राज्य के दो मंत्री पार्थ भौमिक और बिप्लब मित्रा भी शामिल हैं।
तृणमूल ने जिन विधायकों को प्रत्याशी बनाया है, उनमें भाजपा से आए बिस्वजीत दास और मुकुटमणि अधिकारी शामिल हैं। इन दोनों को क्रमश: बनगांव और राणाघाट से प्रत्याशी बनाया है, जो मतुआ बहुल है। पिछले चुनाव में टीएमसी को दोनों सीटों पर पराजय का सामना करना पड़ा था। तीन बार के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय, सौगत रॉय, शताब्दी रॉय, कल्याण बनर्जी और काकोली घोष दस्तीदार को फिर मैदान में उतारा है। वहीं, नए चेहरों के रूप में सयानी घोष, देशबंधु भट्टाचार्य, गोपाल लामा, जूने मलिया, बपी हलदर व अभिनेत्री रचना बनर्जी को भी टिकट दिया है। दिसंबर 2020 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए शुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी को टिकट नहीं दिया है। दोनों नेताओं ने सुवेंदु के भाजपा में शामिल होने के बाद टीएमसी से दूरी भी बना ली थी।
कांग्रेस ने बताया निराशाजनक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सभी सीटों पर टीएमसी के उम्मीदवार घोषित करने पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने बार-बार टीएमसी से सम्मानजनक सीट बंटवारे की इच्छा व्यक्त की। समझौते को बातचीत के माध्यम से अंतिम रूप दिए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि इस तरह की एकतरफा घोषणा निराशाजनक है। कांग्रेस हमेशा एकजुट हो कर भाजपा से मुकाबले के पक्ष में रही है।