फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   former Haryana MLA under ED scanner Promised homes collected 600 crore 2000 people left without homes

ED: घर देने का वादा, 600 करोड़ रुपये एकत्रित, 2000 लोगों को नहीं मिला आशियाना, रडार पर हरियाणा के पूर्व विधायक

Sat, 17 Jan 2026 05:17 PM IST
ज्योति भास्कर डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 17 Jan 2026 05:17 PM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय (ई़डी) ने हरियाणा में बड़ी कार्रवाई की है। रियल एस्टेट से जुड़ी धोखाधड़ी के इस मामले में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रमोटरों ने निवेशकों और घर खरीदारों को सुनिश्चित रिटर्न और समय पर कब्ज़ा दिलाने का वादा करके विभिन्न परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञापन
former Haryana MLA under ED scanner Promised homes collected 600 crore 2000 people left without homes
ED (सांकेतिक) - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने फरीदाबाद, पलवल, भिवाड़ी आदि में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के संबंध में पीयूष ग्रुप ऑफ कंपनीज और उसके पूर्व प्रवर्तकों के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया है। तलाशी में पूर्व प्रवर्तकों, वर्तमान समाधान पेशेवरों, निदेशकों और हरियाणा के पूर्व विधायक महेंद्र प्रताप सिंह के परिसर शामिल थे। इन सभी ने मिलकर हजारों लोगों को समय पर घर देने का वादा किया। 600 करोड़ रुपये एकत्रित कर लिए गए। बाद में 2000 से अधिक लोगों को आशियाना नहीं मिला। लोगों को उनके पैसे भी वापस नहीं मिल सके। उक्त रियल एस्टेट कंपनी के संचालकों के अलावा ईडी के रडार पर हरियाणा के पूर्व विधायक महेंद्र प्रताप चौधरी भी हैं।  

विज्ञापन


ईडी के मुताबिक, उक्त कंपनी और विधायक, एक संयुक्त उद्यम (जेवी) के माध्यम से वाणिज्यिक परियोजना में भागीदार हैं। संदेह है कि इस परियोजना का निर्माण अन्य परियोजनाओं से निकाले गए गृह खरीदारों के धन से किया गया है। लंबे समय तक देरी होने के बाद भी लोगों को उनकी प्रॉपर्टी का कब्जा नहीं दिया गया। उनका रिफंड भी नहीं किया गया। एफआईआर में दस्तावेजों की हेराफेरी और जालसाजी की बात सामने आई। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सहित विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर पर आधारित है। इसमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। 
विज्ञापन


एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रमोटरों ने निवेशकों और घर खरीदारों को सुनिश्चित रिटर्न और समय पर कब्ज़ा दिलाने का वादा करके विभिन्न परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, पर्याप्त बुकिंग राशि वसूलने के बावजूद, परियोजनाएं काफी हद तक अधूरी रहीं। लंबे समय तक देरी के बाद भी लोगों को घर नहीं दिया गया। उन्हें रिफंड भी नहीं मिल सका। एफआईआर में दस्तावेजों की हेराफेरी और जालसाजी, एक ही यूनिट का कई खरीदारों को आवंटन और बैंक की सहमति के बिना गिरवी रखी जमीन की धोखाधड़ी से बिक्री का भी आरोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों कंपनियां वर्तमान में पलवल, फरीदाबाद, भिवाड़ी, धारूहेड़ा और अन्य स्थानों पर अधूरी परियोजनाओं के लिए दिवालियापन की कार्यवाही से गुजर रही हैं। तलाशी के दौरान प्राप्त प्रारंभिक सामग्री से पता चला है कि समूह ने 2010 से 2018 के बीच 600 करोड़ रुपये से अधिक की रकम एकत्र की। बताया जाता है कि 2,000 से अधिक घर खरीदार/पीड़ित प्रभावित हुए हैं। कई परियोजनाओं के भौतिक निरीक्षण से पता चला है कि निर्माण कार्य या तो बहुत पहले रुक गया था या 50% से भी कम पूरा हुआ था।

पीयूष समूह, जिसकी स्थापना दिवंगत अनिल गोयल और उनके पुत्रों दिवंगत पुनीत गोयल और अमित गोयल ने की थी, हरियाणा और राजस्थान में आवासीय और वाणिज्यिक रियल एस्टेट विकास के क्षेत्र में कार्यरत था। समूह ने पलवल, फरीदाबाद, भिवाड़ी, धारूहेड़ा और अन्य स्थानों पर कई परियोजनाएं शुरू कीं। समूह की प्रमुख कंपनियां, जिनमें पीयूष कॉलोनाइजर्स लिमिटेड और पीयूष शेल्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं, कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में शामिल की गईं।


सीआईआरपी के दौरान, फोरेंसिक ऑडिट से धन के बड़े पैमाने पर गबन का संकेत मिला। तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप, दस्तावेजों, लेखा-पुस्तकों और डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ नकदी, आभूषण और बैंक खातों में जमा राशि सहित 5 करोड़ रुपये से अधिक की आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed