US: ‘राजनीतिक दल के साथ…’, फॉक्स न्यूज के पूर्व होस्ट टकर कार्लसन का अमेरिकी मीडिया पर बड़ा आरोप
Tucker Carlson Quits Fox News: ट्वीटर पर एक वीडियो साझा कर बताया कि अमेरिकी मीडिया में युद्ध, नागरिक स्वतंत्रता, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, कॉर्पोरेट शक्ति और प्राकृतिक संसाधनों जैसे विषयों पर बहस की अनुमति नहीं है।
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अमेरिका के सबसे लोकप्रिय न्यूज चैनल फॉक्स ने हाल ही में एलान किया था कि यह टीवी नेटवर्क और मशहूर एंकर टकर कार्लसन एक दूसरे से ‘अलग होने पर राजी’ हो गए हैं। एक दशक से इस चैनल का चेहरा रहे टकर कार्लसन ने चैनल से नाता तोड़ने के बाद अमेरिका की मीडिया पर बड़ा आरोप लगाया है।
उन्होंने ट्वीटर पर एक वीडियो साझा कर बताया कि अमेरिकी मीडिया में युद्ध, नागरिक स्वतंत्रता, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, कॉर्पोरेट शक्ति और प्राकृतिक संसाधनों जैसे विषयों पर बहस की अनुमति नहीं है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दल के साथ सांठगांठ करने का भी आरोप लगाया।
अहम मुद्दों पर नहीं होती बहस
कार्लसन ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां और उनके दानदाता दोनों इस सहमति पर पहुंच गए हैं कि उन्हें क्या फायदा होगा। साथ ही वह किसी भी बातचीत को दबाने के लिए सांठगांठ करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बार युद्ध, लोगों की स्वतंत्रता, विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ना, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, कॉर्पोरेट शक्ति, प्राकृतिक संसाधन आदि मुद्दे पर आपने बहस कब सुनी थी?
टीवी डिबेट को नहीं लेता कोई गंभीरता से
पूर्व एंकर ने कहा कि इन मुद्दों पर हुई बहस को एक लंबा समय हो गया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अचानक एक पार्टी राज्य की तरह दिखता है। जो निराशाजनक है। हालांकि यह सभी स्थायी नहीं है। वास्तव में टीवी पर बहस करने वालों पर कोई भी विश्वास नहीं करता है। शायद ही टीवी डिबेट ने किसी का जीवन सुधारा हो।
उन्होंने कहा कि यह बहस हास्यास्पद लगती हैं। इसलिए यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। यह बात प्रभारी लोग भी जानते हैं। इसलिए वे उन्मादी और आक्रामक हैं। वे डरते हैं। उन्होंने समझाना छोड़ दिया है। वे जबरदस्ती कर रहे हैं। लेकिन यह काम नहीं करेगा।
टीवी बहसें वास्तविकताओं से परे
कार्सलन ने कहा कि जब ईमानदार लोग शांति से और बिना शर्मिंदगी के सच कहते हैं, तो वे शक्तिशाली हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने नोटिस किया होगा कि जब आप टेलीविजन पर बहसें देखते हैं, तो यह बेवकूफी भरी होती हैं। उनका वास्तविकता से कोई मतलब नहीं होता है।