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पूर्व विदेश सचिव बोले- 'शंघाई सहयोग संगठन' में दिखाई देगा पीएम मोदी की चीन यात्रा का असर

Sat, 28 Apr 2018 03:26 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Sat, 28 Apr 2018 03:26 PM IST
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Former Foreign Secretary said, China visit of PM Modi Will be historic

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा को भले ही अनौपचारिक यात्रा माना जा रहा हो, मगर भविष्य में यह यात्रा ऐतिहासिक साबित होने वाली है। इस यात्रा का वास्तविक असर हमें जून महीने में चीन में ही होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में देखने को मिलेगा। दुनिया भर में आए बदलाव और चीन की दक्षिण एशिया में बढ़ते असर के बीच पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो दिनों में होने वाली छह मुलाकातें कई मायने में अहम साबित होंगी।

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वैश्विक नजरिये से देखें तो दुनिया में एकाएक परिवर्तन के बड़े संकेत सामने आ रहे हैं। बीती बातों को भुला कर दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच हुई वार्ता, अमेरिका और रूस के बीच निकटता बढने केसंकेत के दौरान पीएम मोदी ऐसे समय चीन गए हैं जब जिनपिंग का शुमार वहां के सर्वकालिक ताकतवर नेताओं में होने लगा है। 
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जाहिर तौर पर इस अनौपचारिक बातचीत के दौरान दोनों देशों के शासनाध्यक्ष परस्पर द्विपक्षीय मुद्दों के इतर अन्य वैश्विक मुद्दों पर एक दूसरे के रुख से अवगत होंगे। एक पंक्ति में कहें तो वर्तमान समय में दोनों देशों को एक दूसरे की जरूरत है और वर्तमान में दोनों ताकतवर शासनाध्यक्ष विभिन्न मुद्दों पर ऐतिहासिक फैसला लेने की ताकत भी रखते हैं।
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मेरे ख्याल से पीएम ने अपनी चीन यात्रा के लिए बेहद अहम समय चुना है। चीन का न सिर्फ दक्षिण एशियाई देशों में प्रभाव बढ़ रहा है। चीन नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश जैसे देशों में भी अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिशों में जुटा है। दक्षिण चीन सागर, कोरिया विवाद, संयुक्त राष्ट्र, एनएसजी का विस्तार जैसे कई वैश्विक मुद्दे हैं जिन पर दोनों देशों की राहें जुदा जुदा है। 


खासतौर से चीन ने जिनपिंग को सर्वशक्तिमान बनाते हुए उनके लिए जीवन भर इस पर पर बने रहने का रास्ता भी साफ किया है। बीते साल दोनों देश दोकलम के मुद्दे पर कूटनीतिक जंग लड़ चुके हैं। ऐसे में मुझे लगता है कि दोनों शासनाध्यक्ष इन सभी मुद्दों पर एक दूसरे का रुख अच्छी तरह समझेंगे। ऐसे में जब पीएम मोदी संभवत: जब जून महीने में एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने चीन जाएंगे तब असली तस्वीर सामने आएगी।

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