फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Former Diplomat Veena Sikri Says Sheikh Hasina Address Is Not Political, Supports Return to Bangladesh

शेख हसीना भाषण विवाद: पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी बोलीं- यह राजनीतिक बयान नहीं, लौटने की अपील; वापसी पर क्या कहा?

Wed, 05 Aug 2026 04:22 AM IST
शिवम गर्ग एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 05 Aug 2026 04:22 AM IST
सार

पूर्व राजनयिक वीणा सिकरी ने कहा कि शेख हसीना का प्रस्तावित संबोधन राजनीतिक नहीं है। उन्होंने हसीना की बांग्लादेश वापसी, अदालत का सामना करने और देश में लोकतंत्र बहाल करने की वकालत की। वहीं, भारत सरकार ने कार्यक्रम से दूरी बनाई है।

विज्ञापन
Former Diplomat Veena Sikri Says Sheikh Hasina Address Is Not Political, Supports Return to Bangladesh
शेख हसीना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पूर्व राजनयिक वीणा सिकरी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में प्रस्तावित संबोधन का बचाव करते हुए कहा कि इसे राजनीतिक भाषण नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने बांग्लादेश में सुलह और लोकतंत्र की बहाली की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को होने वाले इस कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं है। यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित किया जा रहा है और मंच पर व्यक्त किए जाने वाले विचारों का सरकार समर्थन नहीं करती।

विज्ञापन


क्या वीणा सिकरी ने राजनीतिक भाषण बताए जाने पर आपत्ति जताई?
वीणा सिकरी ने कहा कि शेख हसीना राजनीतिक भाषण नहीं दे रही हैं। उनके अनुसार, हसीना पहले ही कह चुकी हैं कि वह अपने देश लौटना चाहती हैं और सम्मेलन में भी अपनी वापसी की इच्छा से जुड़े विवरण साझा करेंगी। वीणा सिकरी ने कहा कि शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने की घटना छात्र आंदोलन नहीं थी, बल्कि सुनियोजित शासन परिवर्तन की कार्रवाई थी। उन्होंने दावा किया कि मोहम्मद यूनुस को अंतरिम मुख्य सलाहकार बनाया गया और जमात-ए-इस्लामी पर्दे के पीछे प्रमुख शक्ति रही।
विज्ञापन


क्या हसीना के सत्ता से हटने के बाद लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई?
वीणा सिकरी ने आरोप लगाया कि शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में 18 महीने तक अव्यवस्था का माहौल रहा। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था कमजोर हुई, अल्पसंख्यकों पर हमले हुए और लोकतंत्र का अभाव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि तथाकथित स्टूडेंट्स पार्टी को कोई मान्यता नहीं मिली है और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों में मौतों के दावों को उन्होंने फर्जी खबर बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या वीणा सिकरी ने शेख हसीना की वापसी की मांग की?
उन्होंने कहा कि शेख हसीना बांग्लादेश लौटकर अदालत का सामना करना चाहती हैं, जो किसी लोकतंत्र में सामान्य मांग है। उनके अनुसार, उन्हें वापस जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह बांग्लादेश में सभी राजनीतिक दलों के बीच सुलह और वास्तविक लोकतंत्र की बहाली का उपयुक्त समय है।

क्या भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी वीणा सिकरी ने टिप्पणी की?
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बोलते हुए वीणा सिकरी ने प्रधानमंत्री तारीक रहमान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रहमान ने दोनों देशों के संबंध बेहतर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया और भारत के उच्चायुक्त का अपमान किया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत प्रतिनिधि और कैबिनेट रैंक के राजनीतिक नियुक्ति वाले अधिकारी हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि तारीक रहमान ने अन्य विदेशी प्रतिनिधियों से मुलाकात की, लेकिन भारत के उच्चायुक्त से अब तक मुलाकात नहीं की। उनके अनुसार, रहमान ने चीन की यात्रा के दौरान मोंगला बंदरगाह और तीस्ता बेसिन विकास जैसी परियोजनाओं पर सहमति दी, जबकि ये भारत की सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हैं। सिकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं पर पहले शेख हसीना के साथ चर्चा हुई थी और उन्होंने सुरक्षा कारणों से इन्हें भारत को देने की बात चीनी पक्ष को बताई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस रुख की अनदेखी की।

क्या विदेश मंत्रालय ने सरकार की भूमिका से इनकार किया?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि शेख हसीना से जुड़ा यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्थान आयोजित कर रहा है। इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है और मंच पर व्यक्त किए जाने वाले विचारों का सरकार समर्थन नहीं करती।

क्या बांग्लादेश ने इस प्रस्तावित संबोधन पर चिंता जताई है?
बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल संबोधन की खबरों पर चिंता जताई है। उसका कहना है कि इससे दोनों देशों के संबंधों में हाल में आई सकारात्मक प्रगति प्रभावित हो सकती है। यह मुद्दा बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर और ढाका में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के बीच हुई बैठक में भी उठा।


रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि भारत ने फरवरी 2026 में पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री तारीक रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा था। इसके अलावा, बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में उन्हें 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने का भी आमंत्रण दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed