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सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने हाई कोर्ट पहुंचे पूर्व जस्टिस कर्णन
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Fri, 28 Jul 2017 02:09 PM IST
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जस्टिस सीएस कर्णन
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कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सीएस कर्णन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अदालत की अवमानना के ऐक्ट की संवैधानिकता को लेकर याचिका दायर की है।
इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ दिए गए फैसले को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि अदालत की अवमानना ऐक्ट नैचुरल न्याय के खिलाफ है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के आरोप में प्रेसीडेंसी जेल में सजा काट रहे कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज सीएस कर्णन ने नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सजामाफी के लिए पहली याचिका भेजी है। कर्णन के वकीलों ने मंगलवार को ई-मेल के जरिए और फिर पोस्ट से यह याचिका भेजी।
पूर्व जज कर्णन के वकील एसी फिलिप ने बताया कि मंगलवार को सुबह 11 बजे नए राष्ट्रपति, उनके सचिव, अतिरिक्त सचिव व निजी सचिव को ई-मेल से याचिका भेजी गई है।
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ न्यायमूर्ति कर्णन की अपील पर सुनवाई तक राष्ट्रपति उनकी सजा को माफ या स्थगित कर सकते हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कर्णन ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र भेजा था।
उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनको अवमानना का नोटिस जारी किया था। बाद में मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली एक सात-सदस्यीय खंडपीठ ने कर्णन को अवमानना का दोषी करार देते हुए उन्हें छह महीने की सजा सुनाई थी।
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Former Calcutta HC judge CS Karnan has also sought quashing of the SC's Contempt of Court notice against him.
— ANI (@ANI_news) July 28, 2017
इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ दिए गए फैसले को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि अदालत की अवमानना ऐक्ट नैचुरल न्याय के खिलाफ है।
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Former Calcutta HC judge CS Karnan in his petition argued that provisions of Contempt of Court Act are against principles of natural justice
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) July 28, 2017
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के आरोप में प्रेसीडेंसी जेल में सजा काट रहे कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज सीएस कर्णन ने नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सजामाफी के लिए पहली याचिका भेजी है। कर्णन के वकीलों ने मंगलवार को ई-मेल के जरिए और फिर पोस्ट से यह याचिका भेजी।
पूर्व जज कर्णन के वकील एसी फिलिप ने बताया कि मंगलवार को सुबह 11 बजे नए राष्ट्रपति, उनके सचिव, अतिरिक्त सचिव व निजी सचिव को ई-मेल से याचिका भेजी गई है।
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ न्यायमूर्ति कर्णन की अपील पर सुनवाई तक राष्ट्रपति उनकी सजा को माफ या स्थगित कर सकते हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कर्णन ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र भेजा था।
उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनको अवमानना का नोटिस जारी किया था। बाद में मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली एक सात-सदस्यीय खंडपीठ ने कर्णन को अवमानना का दोषी करार देते हुए उन्हें छह महीने की सजा सुनाई थी।