फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Former Attorney General of India Mukul Rohatgi refuses to appear for Tik Tok against the Government of India

भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने टिक टॉक का केस लड़ने से किया इनकार

Wed, 01 Jul 2020 01:58 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 01 Jul 2020 01:58 PM IST
विज्ञापन
Former Attorney General of India Mukul Rohatgi refuses to appear for Tik Tok against the Government of India
Mukul Rohatgi, former Attorney General of India - फोटो : ANI

भारत सरकार की ओर से 59 चीनी एप्स को बैन करने के बाद टिक टॉक ने कानूनी रास्ता अपनाने की कोशिश की, लेकिन उसे पहले कदम पर ही झटका लगा है। अपने मामले की पैरवी करने के लिए टिक टॉक ने भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने टिक टॉक की तरफ से पेश होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वह भारत सरकार के खिलाफ चीनी एप के लिए कोर्ट में केस नहीं लड़ेंगे।

विज्ञापन


 


बता दें कि देश में टिक टॉक सहित 59 चीनी एप्स को प्रतिबंधित करने के बाद चीन की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पाबंदी से तिलमिलाया चीन अब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देने लगा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि हम इससे चिंतित हैं और स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन



प्रवक्ता ने कहा कि हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा चीनी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों-विनियमों का पालन करने के लिए कहती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पर चीनी निवेशकों सहित अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों को बनाए रखने की जिम्मेदारी है।

सोमवार को भारत सरकार ने चीन को बड़ा झटका देते हुए टिक-टॉक समेत 59 चीनी एप्स को प्रतिबंधित कर दिया। हेलो और कैम स्कैनर पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बाद से ही टिक-टॉक एप को बैन करने की मांग की जा रही थी। 

इसके अलावा यूसी ब्राउजर, शेयर इट जैसे और भी बहुत से चर्चित एप्स को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से चीनी एप्स की एक सूची तैयार कर केंद्र सरकार से उनपर रोक लगाने की अपील की थी। इसके पीछे यह दलील दी गई थी कि चीन भारतीय डाटा हैक कर सकता है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार सरकार ने उन 59 मोबाइल एप्स को प्रतिबंधित किया है, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा थे।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से इन एप्स को लेकर कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें कई मोबाइल एप्स के दुरुपयोग की बाते हैं। ये एप्स आईफोन और एंड्रॉयड दोनों यूजर्स का डाटा चोरी कर रहे हैं। इन सभी एप्स का सर्वर भारत के बाहर है।  


इन सभी एप्स को सरकार ने किया प्रतिबंधित
टिक-टॉक- TikTok, शेयर इट- Shareit, कवाई- Kwai, यूसी ब्राउजर- UC Browser, बायडू मैप- Baidu map, शेन- Shein, क्लैश ऑफ किंग्स- Clash of Kings, डीयू बैटरी सेवर- DU battery saver, हेलो- Helo, लाइकी- Likee, यूकैम मेकअप- YouCam makeup, एमआई कम्युनिटी- Mi Community, सीएम ब्राउजर- CM Browers, वायरस क्लिनर- Virus Cleaner, आपुस ब्राउजर- APUS Browser, रोमवी- ROMWE, क्लब फैक्ट्री- Club Factory, न्यूजडॉग- Newsdog, ब्यूटी प्लस- Beutry Plus, वीचैट- WeChat, यूसी न्यूज- UC News, क्यूक्यू मेल- QQ Mail, वीबो- Weibo 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed