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पीओके के शारदा पीठ में 72 साल बाद पहली बार हुई पूजा, हांगकांग से पहुंचे भारतीय मूल के दंपती

Tue, 08 Oct 2019 11:18 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Nilesh Kumar Updated Tue, 08 Oct 2019 11:18 AM IST
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For The First Time in 72 Years Pooja held in Sharda Shakti Peeth in Pakistan Occupied Kashmir
Sharda Shakti Peeth, POK - फोटो : Twitter

पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित मां शारदा शक्ति पीठ स्थल पर 72 साल बाद पहली बार पूजा की गई। हांगकांग से पहुंचे भारतीय मूल के दंपती केपी वेंकटरमन और सुजाता ने पूजा-अर्चना की। पाकिस्तान ने पहले तो उन्हें जाने से रोका, फिर पूछताछ के बाद अनुमति दी। 

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खंडहर हो चुके शारदा पीठ तक पहुंचने में वेंकटरम और उनकी पत्नी सुजाता को काफी दिक्कतें हुई। भारतीय मूल का होने के कारण पाक प्रशासन ने उन्हें शारदा पीठ तक जाने की पहले तो अनुमति ही नहीं दी थी। कई दिन की पूछताछ के बाद पाकिस्तान ने उन्हें एनओसी जारी की। 
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माता के सभी शक्ति पीठ के दर्शन कर चुके दंपती को हाल ही में सोशल मीडिया से पीओके स्थित इस शक्ति पीठ के बारे में पता चला। बताया जा रहा है कि यहां आजादी के बाद से आज तक कोई नहीं जा सका था। दंपती ने ट्विटर के जरिए ‘सेव शारदा समिति कश्मीर’ के फाउंडर रविंद्र पंडित से संपर्क साधा और जानकारी हासिल की। 

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शारदा शक्ति पीठ की यात्रा के लिए 30 सितंबर को दंपती वैध वीजा पर पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद पहुंचा। शारदा पीठ तक पहुंचाने के लिए यहां के दो स्थानीय निवासियों ने इनकी मदद की। पीओके जाने के लिए एनओसी जरुरी था।

दंपती ने अपनी यात्रा के दस्तावेजों के साथ मुजफ्फराबाद में पाक सरकार को जानकारी दी कि वे लोग हांगकांग निवासी हैं और वहीं से आए हैं। बड़ी मुश्किल से दस्तावेजों की जांच के बाद आखिरकार दंपती को एनओसी जारी हुई। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान के कब्जे वाले किशनगंगा नदी के पास तट पर जाने की अनुमति दी गई, जहां चार अक्तूबर को वे लोग पूजा कर पाए। 

शारदा शक्ति पीठ मंदिर पूरी तरह खंडहर हालत में है। नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव के बीच उसी रात शारदा क्षेत्र में भारी गोलाबारी भी हुई। वहां से सुरक्षित निकालने में दो स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की। रविंद्र पंडित और अन्य लोगों ने कहा कि करतारपुर की तरह ही शारदा पीठ को फिर से खोले जाने की मांग की जाएगी। 
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