फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   for surveillance on social media online friend will be made

बनाएंगे ऑनलाइन फ्रेंड, करेंगे सोशल मीडिया की निगरानी

Tue, 15 Mar 2016 04:09 AM IST
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी/अमर उजाला, वाराणसी
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी/अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 15 Mar 2016 04:09 AM IST
सार

  • आला अधिकारियों ने मातहतों को अपडेट होने का एक माह का समय दिया है।
  • मुजफ्फरनगर दंगे में सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो की अहम भूमिका सामने आई थी।

विज्ञापन
for surveillance on social media online friend will be made

विस्तार

सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन आईएसआईएस की सक्रियता, अफवाहों, अश्लीलता और साइबर अपराधों पर निगरानी के लिए पुलिस अब ऑनलाइन दोस्त बनाएगी।

विज्ञापन


इसके लिए क्राइम ब्रांच की सर्विलांस सेल, हर थानेदार, चौकी प्रभारी और उनके अधीनस्थ कांस्टेबल सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट और वाट्सएप, हाइक जैसे मोबाइल एप्लीकेशन पर सक्रिय रहकर अपनी फ्रेंड सर्किल बढ़ाएंगे। स्मार्ट पुलिसिंग की इस मुहिम को मूर्त रूप देने के लिए महकमे के आला अधिकारियों ने मातहतों को अपडेट होने का एक माह का समय दिया है।
विज्ञापन


बीते साल मुजफ्फरनगर दंगे में सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो की अहम भूमिका सामने आई थी। वहीं, देश की शीर्षस्थ सुरक्षा एजेंसियां बार-बार अलर्ट जारी कर रही हैं कि सीरिया के इस्लामिक स्टेट सहित अन्य आतंकी संगठन अब देश के युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। जबकि अफवाहों और अश्लीलता की बाढ़ के साथ ही तरह-तरह के भ्रामक ऑफर देकर रुपये ऐंठने की बातें भी सोशल मीडिया पर आम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी पुलिस इन पर सोशल मीडिया के माध्यम से ही प्रभावी अंकुश लगाने की तैयारी कर रही है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ से फोन पर पीएसी पूर्वी जोन लखनऊ के आईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि सूबे के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर अब सभी जिलों की पुलिस को सोशल मीडिया और इससे जुड़े मोबाइल एप्लीकेशन पर सक्रिय किया जा रहा है।

कंपनियां लगाती हैं समय इसलिए लिया गया निर्णय

for surveillance on social media online friend will be made
फेसबुक - फोटो : getty images

निर्देशित किया गया है कि सर्विलांस सेल, थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और कांस्टेबल अप्रैल के पहले सप्ताह तक इस मुहिम में शामिल होने के लिए खुद को अपडेट कर लें। सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को मित्र बनाएं। अफवाहों, अश्लीलता, अपराधों पर निगरानी रखें, कार्रवाई करें और जहां उचित लगे वहां पुलिस का पक्ष रखकर बताएं कि क्या सही और क्या गलत है।

आईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया के कंटेट्स से संबंधित जानकारी मांगने पर इनसे जुड़ी निजी कंपनियां जैसे फेसबुक, गूगल आदि जवाब देने में काफी समय लगाती हैं।

इसके लिए ऐसी कई कंपनियों पर भारत सरकार ने ही नहीं बल्कि रूस और अमेरिका की सरकार ने भी नाराजगी जताई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामाजिक तनाव बढ़ाने वाले फोटो या वीडियो वायरल करने सहित तमाम अन्य प्रकार की समाज विरोधी गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस का इंटरनेट फ्रेंडली होना बेहद जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed