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अटल जी को सबसे अंत में ही क्यों श्रद्धांजलि दी राष्ट्रपति ने, ये थी वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Aug 2018 05:51 PM IST
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जब अटल बिहारी वाजपेयी को अंत्येष्टी कार्यक्रम चल रहा था तब देखा गया कि सबसे आखिरी में राष्ट्रपति श्रद्धाजंलि देने पहुंचे। इस कार्यक्रम को जो भी लोग टेलीविजन स्क्रीन पर देख रहे थे उनके मन में एक ही सवाल था कि आखिर देश का राष्ट्रपति उन्हें सबसे आखिरी में ही क्यों श्रद्धांजलि देने पहुंचे। क्यों 15 अगस्त हो या 26 जनवरी का कार्यक्रम या फिर देश से जुड़ा कोई कार्यक्रम उसमें राष्ट्रपति सबसे आखिरी में आते हैं और उनके स्वागत में देश के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री खड़े होते हैं।
हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है
जब भी कोई शासकीय कार्यक्रम होता है तब देखा जाता है कि राष्ट्रपति सबसे आखिरी में आते हैं और सबसे पहले कार्यक्रम से निकल जाते हैं। कुछ ऐसा ही प्रोटोकॉल आज तब देखने को मिला जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को शासकीय श्रद्धांजलि दी जा रही थी। उस दौरान यह देखा गया कि बारी -बारी से नेता और राजनेताओं ने श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
आइए जाने कि क्या होता है यह प्रोटोकॉल
1. राष्ट्रपति- देश का सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और वह प्रथम पुरुष कहे जाते हैं इसलिए उनका स्थान देश में सर्वोपरी रखा गया है। किसी भी कार्यक्रम में जहां प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और नेतागण एकत्रित होने वाले होते हैं उस कार्यक्रम में राष्ट्रपति सबसे आखिरी में आते हैं और सबसे पहले कार्यक्रम स्थल को छोड़ते हैं। जब तक राष्ट्रपति स्थल पर होते हैं तब तक उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल से नहीं जा सकते हैं। और जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर आते हैं तो उनकी स्वागत और अगुवाई उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री करते हैं।
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2.उपराष्ट्रपति- राष्ट्रपति के बाद देश में सर्वोच्च स्थान उपराष्ट्रपति को प्राप्त है। कार्यक्रम स्थल पर आने और जाने का दूसरा नंबर इन्हें प्राप्त होता है। इनकी अगुवाई प्रधानमंत्री करते हैं।
3.फिर तीसरा नंबर प्रधानमंत्री का आता है। प्रधानमंत्री के स्वागत और कार्यक्रम में आने व जाने का भी प्रोटोकॉल है जिसमें प्रदेश का मुख्यमंत्री और कैबिनेट के मंत्री उनके जाने के बाद ही कार्यक्रम से निकल सकते हैं जबकि उनके आने से पहले स्वागत में नेता खड़े होते हैं।
4.इसके बाद नंबर आता है राज्यों के राज्यपाल का अगर वे अपने राज्य में हैं यानि जिस राज्य के वे राज्यपाल हैं।
5. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के बाद मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा अध्यक्ष का नंबर आता है।
6. फिर संघ के कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री का नंबर आता है। यह किसी भी शासकीय और उपराष्ट्रपति कार्यक्रम में सबसे पहले पहुंचते हैं और फिर सारा कार्यक्रम का दारोमदार उनके उपर होता है।
7. राज्यों के राज्यपाल अगर अपने राज्य के बाहर, राज्यों के मुख्यमंत्री अपने राज्यों के बाहर के भी हैं तब भी इसी क्रम में वह आते औरजाते हैं।
8. और सबसे आखिरी में संघ के राज्यमंत्री और रक्षा मंत्रालय के रक्षा मामलों के मंत्री का आता है। यह किसी भी राजकीय कार्यक्रम और शासकीय कार्यक्रम में सबसे पहले पहुंचते हैं और सबसे आखिरी में सभी गणमान्य के प्रस्थान के बाद ही स्थान छोड़ते हैं।
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हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है
जब भी कोई शासकीय कार्यक्रम होता है तब देखा जाता है कि राष्ट्रपति सबसे आखिरी में आते हैं और सबसे पहले कार्यक्रम से निकल जाते हैं। कुछ ऐसा ही प्रोटोकॉल आज तब देखने को मिला जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को शासकीय श्रद्धांजलि दी जा रही थी। उस दौरान यह देखा गया कि बारी -बारी से नेता और राजनेताओं ने श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
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आइए जाने कि क्या होता है यह प्रोटोकॉल
1. राष्ट्रपति- देश का सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और वह प्रथम पुरुष कहे जाते हैं इसलिए उनका स्थान देश में सर्वोपरी रखा गया है। किसी भी कार्यक्रम में जहां प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और नेतागण एकत्रित होने वाले होते हैं उस कार्यक्रम में राष्ट्रपति सबसे आखिरी में आते हैं और सबसे पहले कार्यक्रम स्थल को छोड़ते हैं। जब तक राष्ट्रपति स्थल पर होते हैं तब तक उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल से नहीं जा सकते हैं। और जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर आते हैं तो उनकी स्वागत और अगुवाई उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री करते हैं।
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2.उपराष्ट्रपति- राष्ट्रपति के बाद देश में सर्वोच्च स्थान उपराष्ट्रपति को प्राप्त है। कार्यक्रम स्थल पर आने और जाने का दूसरा नंबर इन्हें प्राप्त होता है। इनकी अगुवाई प्रधानमंत्री करते हैं।
3.फिर तीसरा नंबर प्रधानमंत्री का आता है। प्रधानमंत्री के स्वागत और कार्यक्रम में आने व जाने का भी प्रोटोकॉल है जिसमें प्रदेश का मुख्यमंत्री और कैबिनेट के मंत्री उनके जाने के बाद ही कार्यक्रम से निकल सकते हैं जबकि उनके आने से पहले स्वागत में नेता खड़े होते हैं।
4.इसके बाद नंबर आता है राज्यों के राज्यपाल का अगर वे अपने राज्य में हैं यानि जिस राज्य के वे राज्यपाल हैं।
5. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के बाद मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा अध्यक्ष का नंबर आता है।
6. फिर संघ के कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री का नंबर आता है। यह किसी भी शासकीय और उपराष्ट्रपति कार्यक्रम में सबसे पहले पहुंचते हैं और फिर सारा कार्यक्रम का दारोमदार उनके उपर होता है।
7. राज्यों के राज्यपाल अगर अपने राज्य के बाहर, राज्यों के मुख्यमंत्री अपने राज्यों के बाहर के भी हैं तब भी इसी क्रम में वह आते औरजाते हैं।
8. और सबसे आखिरी में संघ के राज्यमंत्री और रक्षा मंत्रालय के रक्षा मामलों के मंत्री का आता है। यह किसी भी राजकीय कार्यक्रम और शासकीय कार्यक्रम में सबसे पहले पहुंचते हैं और सबसे आखिरी में सभी गणमान्य के प्रस्थान के बाद ही स्थान छोड़ते हैं।