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Health: प्लास्टिक डिब्बों में माइक्रोवेव में गरम किया खाना खतरनाक, पेट में पहुंचते हैं जहरीले नैनोप्लास्टिक कण

Sat, 22 Jul 2023 06:27 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 22 Jul 2023 06:27 AM IST
सार

यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर की स्वेतलाना रोमानोवा और उनकी पूरी टीम ने इन नैनो और माइक्रो-प्लास्टिक कणों का जोखिम आंकने के लिए इन्हें कृत्रिम एब्रीऑनिक किडनी सेल के संपर्क में रखा। इनके संपर्क में आकर ये कोशिकाएं जितनी तेजी से नष्ट हुई।

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Food heated in microwave in plastic containers is dangerous toxic nanoplastic particles reach the stomach
खाना (File Photo) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्लास्टिक के डिब्बों में झटपट माइक्रोवेव पर खाना गरम करना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हालांकि लोग इसके लिए माइक्रोवेव सेफ प्लास्टिक के डिब्बों का इस्तेमाल करते हैं, लेिकन गरम होने पर इन बर्तनों से अरबों जहरीले नैनोप्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक कण खाने के साथ आपके पेट में पहुंच जाते हैं।

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एक ताजा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि प्लास्टिक के डिब्बों में खाना गरम करने पर डिब्बे के हर एक सेंटीमीटर हिस्से से दो अरब से अधिक नैनोप्लास्टिक्स और 40 लाख माइक्रोप्लास्टिक्स कण निकलते हैं। इनवायरमेंटल साइंस एंड टेन्नोलॉजी पत्रिका में हाल में प्रकाशित एक अध्ययन में कृत्रिम ढंग से तैयार तीन-चौथाई एम्ब्रीऑनिक किडनी सेल ऐसे कणों के संपर्क में आने के दो दिन बाद ही मर गईं। अध्ययन के मुख्य लेखक और अमेरिका स्थित नेब्रास्का-लिंकन यूनिवर्सिटी के डॉक्टरेट छात्र काजी अल्बाब हुसैन कहते हैं, महत्वपूर्ण यह नहीं है कि कितने नैनोप्लास्टिक कण हमारे पेट में पहुंच रहे हैं बल्कि यह जानना ज्यादा जरूरी है कि यह सेहत के लिए कितने घातक हैं।

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किडनी को पहुंचा सकते हैं नुकसान
यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर की स्वेतलाना रोमानोवा और उनकी पूरी टीम ने इन नैनो और माइक्रो-प्लास्टिक कणों का जोखिम आंकने के लिए इन्हें कृत्रिम एब्रीऑनिक किडनी सेल के संपर्क में रखा। इनके संपर्क में आकर ये कोशिकाएं जितनी तेजी से नष्ट हुईं, उसे देखते हुए इन शोधकर्ताओं का मानना है कि सामान्यत: आंखों से नजर न आने वाले ये बेहद छोटे कण किडनी के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह हो सकते हैं।

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फूड कंटेनर व रियूजेबल पाउच किए इस्तेमाल
टीम ने पॉलीप्रोपलीन से बने दो बेबी फूड कंटेनर और पॉलीथीन से बने एक रियूजेबल पाउच का इस्तेमाल कर यह शोध किया। इन दोनों को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग के लिए अनुमोदित कर रखा है। शोधकर्ताओं ने ये कंटेनर डिऑयनाइज्ड वाटर या तीन प्रतिशत एसेटिक एसिड से भर दिए। कंटेनर और पाउच को 1000 वॉट के माइक्रोवेव पर तीन मिनट पर पूरी क्षमता के साथ गरम किया गया। इसके बाद तरल पदार्थों के विश्लेषण पर शोधकर्ताओं ने पाया कि इसमें लाखों-अरबों की संख्या में माइक्रो और नैनोप्लास्टिक कण उत्पन्न हुए हैं।

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