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Insurance Amendment Bill: वित्त मंत्री बोलीं- शीतकालीन सत्र में पेश हो सकता है बीमा संशोधन विधेयक
Sun, 14 Sep 2025 01:59 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 14 Sep 2025 01:59 PM IST
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : एएनआई
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा है कि बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने वाला बीमा संशोधन विधेयक संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। जब उनसे पूछा गया कि क्या बीमा क्षेत्र में एफडीआई को और उदार बनाने वाला विधेयक आगामी शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है? इस पर उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है।
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वित्त मंत्री ने इस साल के बजट भाषण में, नई पीढ़ी के वित्तीय क्षेत्र सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा के 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा, यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपना पूरा प्रीमियम भारत में निवेश करती हैं। विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।
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वित्त मंत्रालय ने बीमा अधिनियम, 1938 के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिसमें बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करना, चुकता पूंजी में कमी और एक समग्र लाइसेंस का प्रावधान शामिल है। एक व्यापक विधायी प्रक्रिया के तहत, जीवन बीमा निगम अधिनियम-1956 और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम-1999 में बीमा अधिनियम-1938 के साथ-साथ संशोधन किया जाएगा।
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वर्तमान में, भारत में 25 जीवन बीमा कंपनियां और 34 गैर-जीवन या साधारण बीमा कंपनियां हैं, जिनमें एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड और ईसीजीसी लिमिटेड जैसी विशिष्ट साधारण बीमा कंपनियां शामिल हैं। बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा पिछली बार 2021 में 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई थी। 2015 में, सरकार ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दी थी। अबतक, बीमा क्षेत्र ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के माध्यम से 82,000 करोड़ रुपये आकर्षित किए हैं।