चीन के फॉर्मूले पर 5 साल में 4 करोड़ नौकरियों और 6 से 6.5 फीसदी विकास दर का अनुमान
- वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया 'आर्थिक सर्वेक्षण : 2019-20', आज बजट
- थीम : बाजार सक्षम बने, कारोबारी नीतियों को बढ़ावा मिले और अर्थव्यवस्था में विश्वास जगे
- आर्थिक सर्वे में सरकार ने पांच साल में चार करोड़ नौकरियां देने का चीन का फॉर्मूला सुझाया
- वित्त वर्ष 2020-21 में 6-6.5% विकास दर रहने का अनुमान, 2019-20 में 5 फीसदी रहेगी
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विस्तार
दुनियाभर में आर्थिक मोर्चे पर अनिश्चितता और सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को फिर से रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के जरिये ‘अच्छे दिन’ का भरोसा दिलाया और सुनहरे भविष्य की उम्मीद जताई है। बजट से एक दिन पहले शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश इस सर्वे में सरकार ने पांच साल में चार करोड़ नौकरियां देने का चीन का फॉर्मूला सुझाया है।
वित्त वर्ष 2020-21 में 6-6.5 फीसदी विकास दर रहने का अनुमान है, जबकि मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में यह पांच फीसदी ही रहेगा। यह 11 साल की सबसे कम विकास दर होगी। हालांकि, सरकार ने विकास दर में गिरावट का दौर खत्म होने की उम्मीद जताई है। सर्वे में 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के चलते आई आर्थिक गिरावट को थामने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है।
सर्वे में मौजूदा समय में सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों में ढील देने की वकालत की है। सरकार ने साल 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे को 3.3 फीसदी को स्तर पर रखने का लक्ष्य रखा था, लेकिन घटती कमाई की वजह से यह 3.8 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया है। सर्वे में फूड सब्सिडी बिल में भी कटौती की बात कही गई है। अभी 1.84 लाख करोड़ रुपये फूड सब्सिडी बिल है।
सर्वे में 1991 के बाद बाजार के अदृश्य हाथों को मजबूत कर यानी आर्थिक खुलेपन की नीतियों को अपनाने से संपत्ति का तेजी से सृजन हुआ। जिन क्षेत्रों में उदारीकरण की नीति अपनाई गई, उनमें उन क्षेत्रों के मुकाबले काफी तेजी से विकास हुआ, जिन्हें उदार नहीं बनाया गया। यह भी कहा गया है कि सरकार को अपने मजबूत जनादेश का इस्तेमाल आर्थिक सुधारों के लिए करना चाहिए।
वहीं, वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन ने अपने पूर्ववर्ती अरविंद सुब्रमण्यन के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें अरविंद ने कहा था कि 2011-12 के बाद भारत की विकास दर अनुमान को 2.7 फीसदी ज्यादा बताया गया था। केवी सुब्रमण्यन ने कहा, यह आरोप निराधार है और उनके आंकड़ों में कोई दम नहीं है।
हथियार खरीदना आसान, रेस्तरां खोलना मुश्किल
सर्वे के अनुसार, भारत में रेस्तरां खोलने के मुकाबले बंदूक खरीदना सरल है। रेस्तरां के लिए बंगलूरू में 36 और मुंबई में 22 तरह की मंजूरी लेनी पड़ती है। नए हथियार के लिए केवल 19 मंजूरियां जरूरी हैं।
कृषि का मशीनीकरण
2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि के मशीनीकरण, पशुधन तथा मछली पालन क्षेत्र, खाद्य प्रसंस्करण, वित्तीय समावेश, कृषि कर्ज, फसल बीमा, सूक्ष्म सिंचाई तथा भंडार प्रबंधन पर बल दिया गया है।
यह है चीन का फॉर्मूला
साल 2001 से 2006 के बीच चीन में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त मजदूरों के लिए सात करोड़ रोजगार के अवसर बने, यह सिर्फ निर्यात के दम पर हुआ। भारत में भी साल 1999 से 2011 के बीच निर्यात बढ़ाने से आठ लाख मजदूरों की नौकरी पक्की हुई। यह देश के कुल श्रमिकों की संख्या का 0.8 फीसदी है।
मेक इन इंडिया में जुड़ेगा 'असेंबलिंग इन इंडिया फॉर वर्ल्ड'
सर्वे के मुताबिक, 2025 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए ‘मेक इन इंडिया’ में ‘असेंबलिंग इन इंडिया फॉर वर्ल्ड’ को शामिल करने की जरूरत है। रोजगार व निर्यात पर ध्यान देने से 2025 तक अच्छे वेतन वाली चार करोड़ और 2030 तक आठ करोड़ नौकरियां दी जा सकती हैं।
हर साल 60 लाख रोजगार चाहिए
पांच साल में 2.62 करोड़ रोजगार बढ़े। महिलाओं के रोजगार में आठ पीसदी इजाफा हुआ। अगले एक दशक में हर साल 55-60 लाख रोजगार देने की जरूरत है।
खास सुझाव
- बुनियादी ढांचे पर 14 खरब डॉलर खर्च किए जाएं।
- वितरण से पहले संपत्ति जुटाना जरूरी।
- बंदरगाहों पर लालफीताशाही खत्म हो।
- कारोबार के नियम आसान हों।
- सरकारी बैंकों की ज्यादा जानकारियां सार्वजनिक हों।
लक्ष्य कैसे हासिल होगा
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए सालाना आठ फीसदी विकास दर चाहिए। लेकिन, इस साल पांच और अगले साल छह से 6.5 फीसदी विकास दर का ही अनुमान है। ऐसे में लक्ष्य कैसे हासिल होगा।
पहली बार थालीनॉमिक्स
सर्वे में कहा है कि 2006-07 के मुकाबले 2019-2020 में शाकाहारी थाली 18 से 29 फीसदी तक ज्यादा सस्ती है। मांसाहारी थाली के दाम 18 फीसदी तक गिरे हैं। इस प्रक्रिया को वित्तमंत्री ने थालीनॉमिक्स बताया। उन्होंने कहा, थाली की कीमत में वृद्धि या गिरावट ही महंगाई की सूचक है।
बैंड बाजा बारात
सुब्रमण्यन ने फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ का उदाहरण देते हुए कहा, यह फिल्म उद्यमियों के लिए है। इस फिल्म में दो लोग वेडिंग प्लानिंग का बिजनेस शुरू करते हैं। भारत में उद्यमशीलता का दायरा व्यापक है, यह बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है।
'130 करोड़ भारतीयों के लिए धन सृजन पर फोकस'
आर्थिक सर्वे में 130 करोड़ भारतीयों के लिए धन सृजन पर फोकस है। 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पाने के लिए रणनीति का खाका खींचा गया है।
- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
'कैसे दूर होगी 45 साल की भयावह बेरोजगारी'
वित्तमंत्री बताएं कि 45 साल की सबसे भयावह बेरोजगारी कैसे दूर होगी। मोदीनॉमिक्स का पहला और आखिरी अध्याय नोटबंदी था। इसके बाद खालीनॉमिक्स आया।
- गौरव वल्लभ, कांग्रेस प्रवक्ता
माना- यह मुश्किल साल, दावा- जो सुस्ती आनी थी आ चुकी
मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन ने सरकार को आर्थिक सुधारों पर तेजी से काम करने का सुझाव दिया है। उन्होंने माना, वैश्विक वृद्धि में कमजोरी का भारत पर भी असर हो रहा है। निवेश में कमी से भी चालू वित्त वर्ष में विकास दर घटी, लेकिन जितनी गिरावट आनी थी, आ चुकी है। अगले वर्ष से बढ़ने की उम्मीद है।
'संपत्ति सृजन करने वालों को मिले सम्मान'
अर्थव्यवस्था में संपत्ति वितरण से पहले सृजन जरूरी है। सृजन तब होता है, जब सही नीतिगत फैसलों का सहारा मिले। इसलिए संपत्ति सृजन करने वालों को सम्मान मिलना चाहिए।
- केवी सुब्रमण्यन
हकीकत...फिर थमा उद्योग का पहिया... 1.3 फीसदी की गिरावट
सुस्ती से जूझ रही अर्थव्यवस्था को उद्योग के मोर्चे पर शुक्रवार को एक बार फिर झटका लगा है। दिसंबर में देश के आठ बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 1.3 फीसदी रही। पिछले साल की समान अवधि में यह 2.1 फीसदी थी।