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महाराष्ट्र में बाढ़: नौका पलटने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हुई
Sun, 11 Aug 2019 03:36 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 11 Aug 2019 03:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
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महाराष्ट्र के सांगली जिले में नौका पलटने की घटना में पांच और शवों के मिलने के बाद मृतकों की संख्या 17 पर पहुंच गई है। राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अभी तक चार लाख लोगों को बाहर निकाला गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पश्चिमी महाराष्ट्र में बाढ़ के प्रकोप को कम करने की कवायद के तौर पर कर्नाटक में कृष्णा नदी पर बने अलमट्टी बांध से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है।
पश्चिमी महाराष्ट्र में पिछले एक सप्ताह में पांच जिलों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें बृहस्पतिवार को सांगली के ब्रह्मनाल गांव के समीप एक नौका पलटने से डूबे 17 लोग शामिल हैं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि नौका हादसे के बाद अभी तक 17 शव मिले हैं। सांगली के कुछ इलाकों में पानी कम होना शुरू हो गया है।
बृहस्पतिवार को बचाव अभियान के दौरान नौका पलटने से नौ लोगों की डूबने से मौत हो गई और कई अन्य लापता हो गए। उन्होंने बताया कि शनिवार तक तीन और शव बरामद हुए और रविवार तक पांच और शव मिले। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 17 पर पहुंच गई।
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राज्य में पिछले एक सप्ताह में कोल्हापुर, सांगली, सतारा, ठाणे, पुणे, नासिक, पालघर, रत्नागिरी, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिलों में भारी बारिश हुई। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राज्य में सबसे ज्यादा प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों से अभी तक करीब 3.78 लाख लोगों को बचाया गया है। इन जिलों में शनिवार को पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया।
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में बड़ा हादसा, नाव पलटने से नौ की मौत, 16 को सुरक्षित निकाला गया
उन्होंने बताया कि राज्यभर से अभी तक कुल 4,24,333 लोगों को बचाया गया है। इनमें से अकेले कोल्हापुर से 2.33 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। 69 तहसीलों में कुल 761 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि कोल्हापुर के कुछ इलाकों में हेलीकॉप्टर से खाने के पैकेट गिराए गए।
अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने इन 10 जिलों में 29 टीमें, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने तीन, तटरक्षक बल ने 16, नौसेना ने 41 और सेना ने 21 टीमें तैनात की है। वे 211 नौकाओं की मदद से लोगों को बचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन जिलों में बाढ़ से विस्थापित लोगों को पनाह देने के वास्ते तकरीबन 369 अस्थायी शिविर बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ठाणे से 100 निजी डॉक्टरों का एक दल चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के लिए जल्द ही सांगली और कोल्हापुर जाएगा। दवाइयों के अलावा वे बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कपड़ें और कंबल भी लेकर जाएंगे। महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी (एमएसईडीसीएल) के एक अधिकारी ने बताया कि कोल्हापुर और सांगली में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बिजली के मीटरों को निशुल्क बदला जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमने लोगों से कहा है कि अगर उनके बिजली के मीटरों में पानी घुस गया है तो वे घरों में बिजली से चलने वाला कोई उपकरण ना चलाए। एमएसईडीसीएल कर्मी बिजली आपूर्ति बहाल करने से पहले हर प्रभावित मकान का निरीक्षण करेंगे।
इस बीच, कोल्हापुर में जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में बाढ़ के प्रकोप को कम करने के लिए कर्नाटक में अलमट्टी बांध से करीब 5.3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोल्हापुर में पिछले 24 घंटे में लगभग सभी बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शनिवार को सांगली में बचाव एवं राहत अभियान का जायजा लिया।
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पश्चिमी महाराष्ट्र में पिछले एक सप्ताह में पांच जिलों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें बृहस्पतिवार को सांगली के ब्रह्मनाल गांव के समीप एक नौका पलटने से डूबे 17 लोग शामिल हैं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि नौका हादसे के बाद अभी तक 17 शव मिले हैं। सांगली के कुछ इलाकों में पानी कम होना शुरू हो गया है।
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बृहस्पतिवार को बचाव अभियान के दौरान नौका पलटने से नौ लोगों की डूबने से मौत हो गई और कई अन्य लापता हो गए। उन्होंने बताया कि शनिवार तक तीन और शव बरामद हुए और रविवार तक पांच और शव मिले। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 17 पर पहुंच गई।
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राज्य में पिछले एक सप्ताह में कोल्हापुर, सांगली, सतारा, ठाणे, पुणे, नासिक, पालघर, रत्नागिरी, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिलों में भारी बारिश हुई। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राज्य में सबसे ज्यादा प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों से अभी तक करीब 3.78 लाख लोगों को बचाया गया है। इन जिलों में शनिवार को पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया।
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उन्होंने बताया कि राज्यभर से अभी तक कुल 4,24,333 लोगों को बचाया गया है। इनमें से अकेले कोल्हापुर से 2.33 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। 69 तहसीलों में कुल 761 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि कोल्हापुर के कुछ इलाकों में हेलीकॉप्टर से खाने के पैकेट गिराए गए।
अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने इन 10 जिलों में 29 टीमें, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने तीन, तटरक्षक बल ने 16, नौसेना ने 41 और सेना ने 21 टीमें तैनात की है। वे 211 नौकाओं की मदद से लोगों को बचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन जिलों में बाढ़ से विस्थापित लोगों को पनाह देने के वास्ते तकरीबन 369 अस्थायी शिविर बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ठाणे से 100 निजी डॉक्टरों का एक दल चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के लिए जल्द ही सांगली और कोल्हापुर जाएगा। दवाइयों के अलावा वे बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कपड़ें और कंबल भी लेकर जाएंगे। महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी (एमएसईडीसीएल) के एक अधिकारी ने बताया कि कोल्हापुर और सांगली में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बिजली के मीटरों को निशुल्क बदला जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमने लोगों से कहा है कि अगर उनके बिजली के मीटरों में पानी घुस गया है तो वे घरों में बिजली से चलने वाला कोई उपकरण ना चलाए। एमएसईडीसीएल कर्मी बिजली आपूर्ति बहाल करने से पहले हर प्रभावित मकान का निरीक्षण करेंगे।
इस बीच, कोल्हापुर में जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में बाढ़ के प्रकोप को कम करने के लिए कर्नाटक में अलमट्टी बांध से करीब 5.3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोल्हापुर में पिछले 24 घंटे में लगभग सभी बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शनिवार को सांगली में बचाव एवं राहत अभियान का जायजा लिया।