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Rain Alert: देश के कई राज्यों में बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा? IMD ने किन शहरों के लिए जारी किया येलो अलर्ट
Sat, 04 Jul 2026 06:01 PM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sat, 04 Jul 2026 06:01 PM IST
सार
मौसम विभाग ने केरल, महाराष्ट्र, और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रशासन ने समुद्र किनारे रहने वाले लोगों से विशेष चौर पर सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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बारिश को लेकर अलर्ट जारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। केरल से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान तक कई राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश का दौर जारी है। कई जगह नदियां और बांध उफान पर हैं, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि भूस्खलन और तेज हवाओं का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
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मध्य प्रदेश के किन 19 जिलों के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट?
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। सबसे अधिक असर बड़वानी और खंडवा में रहने की आशंका है, जहां अगले 24 घंटे में करीब आठ इंच तक बारिश हो सकती है। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, सागर, रीवा और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
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क्या बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून?
बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को मुजफ्फरपुर, सारण और वैशाली के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले दो से तीन घंटों के दौरान इन जिलों में मध्यम बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, बांका और जमुई समेत 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक, बारिश, वज्रपात और तेज़ हवाओं की संभावना है। लोगों को खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में क्यों धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार?
उत्तर प्रदेश में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। केवल मध्य प्रदेश से सटे जिलों में बारिश होने के आसार हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 30 जून को प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था और 2 जुलाई तक इसका प्रभाव पूरे प्रदेश में दिखाई देने लगा था। हालांकि, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी द्रोणी दक्षिण की ओर खिसक गई है। फिलहाल प्रदेश पर कोई अन्य सक्रिय मौसम तंत्र प्रभावी नहीं है।
गुजरात में मछुआरों को क्या दिया गया सलाह?
गुजरात में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार जूनागढ़ जिले में अत्यधिक बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने रविवार को भी राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। IMD के अनुसार दक्षिण गुजरात के सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा एवं नगर हवेली तथा सौराष्ट्र के भावनगर, अमरेली, गिर सोमनाथ और दीव में रविवार सुबह 8:30 बजे से भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 8 जुलाई तक गुजरात के विभिन्न तटीय इलाकों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
बारिश की वजह से लगा जाम
- फोटो : पीटीआई
राजस्थान में कब तक बारिश का आसार?
सामान्य तिथि से सात दिन की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान में सक्रिय हो गया है। 2 जुलाई को मानसून ने राज्य के पूर्वी हिस्से में प्रवेश किया और इसकी उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून के राज्य के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही आगामी दो सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले दो से तीन दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण राजस्थान में बारिश की गतिविधियों को और मजबूती मिलने की संभावना है।
केरल के इन जिलों में भयंकर बारिश
शनिवार को केरल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ गया, निचले इलाकों में जलभराव हो गया और कई स्थानों पर संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी करते हुए एहतियाती कदम उठाए। पलक्कड़ जिले में भारी बारिश के कारण दो घरों की बाउंड्री वॉल गिर गईं। वहीं, कोझिकोड के उत्तरी हिस्सों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि इडुक्की जिले के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते एहतियात के तौर पर पाम्बला बांध के शटर खोल दिए गए। पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अंडरपास के पास जमा पानी
- फोटो : पीटीआई
किन 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन जिलों में गरज-चमक के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। IMD के अनुसार, भारी बारिश का अर्थ 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक वर्षा होना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील तटीय क्षेत्रों को तुरंत खाली कर दें।
ठाणे और पालघर में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
शनिवार को मुंबई से सटे ठाणे और पालघर ज़िलों में भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। ठाणे शहर में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक 65.79 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही इस सीजन में कुल वर्षा 829.84 मिमी तक पहुंच गई। वहीं, पालघर में इसी अवधि के दौरान 97.70 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां कुल मौसमी वर्षा 643.10 मिमी हो गई।
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कई इलाकों में पानी भरा, पेड़ गिरने से हादसे
ठाणे जिले के कल्याण, भिवंडी, नवी मुंबई और बदलापुर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कलवा में पेड़ गिरने से दो वाहन चालक घायल हो गए, जबकि नवी मुंबई के वाशी में एक पेड़ कार पर गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, दोनों घटनाओं में किसी की मौत नहीं हुई। पालघर जिले के वसई में बाढ़ प्रभावित घरों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए आपातकालीन सेवाओं को तैनात किया गया। पूरे क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। कोलगांव पुल पर पानी भरने के कारण पालघर-बोइसर मार्ग बंद कर दिया गया। मनोर वाघोबा घाट के पास हाईवे पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। इसके अलावा सफाले-तंदुलवाड़ी रोड, गोवाड़े-रायपाड़ा रोड और शिल तथा देहरजे गांव को जोड़ने वाला पुल भी जलभराव और नदियों के उफान के कारण बंद करना पड़ा।