Sikkim: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हवाई निकासी का काम युद्धस्तर पर जारी, करीब 700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला
उत्तरी सिक्किम में फंसे लगभग 1700 पर्यटकों को बचा लिया गया है। सोमवार से भारतीय वायु सेना लोगों को सुरक्षित बचाने में लगी हुई है।
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भीषण बाढ़ से प्रभावित सिक्किम में राहत और बचाव कार्य जारी है। मंगन सहित अन्य जिलों में फंसे पर्यटकों और लोगों को निकालने का काम चल रहा है। अब तक 1700 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है। वहीं, संपर्क बहाल करने के लिए पुलों और अन्य साधनों पर काम जारी है।
सेना और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के जवान प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। बता दें, उत्तरी सिक्किम में फंसे लगभग 1700 पर्यटकों को बचा लिया गया है। सोमवार से भारतीय वायु सेना (आईएएफ) लोगों को सुरक्षित बचाने में लगी हुई है। 26 विदेशियों सहित कुल 690 पर्यटकों को वायु सेना ने लाचेन और लाचुंग शहरों से बचाया है।
वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। इसलिए आज यानी बुधवार को अन्य बचे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। बाढ़ से सबसे ज्यादा चुंगथांग प्रभावित हुआ है। यहां सेना और बीआरओ के जवानों ने शहर से गुजरने वाली सड़क से कीचड़ को साफ किया। वहीं, आईटीबीपी और स्थानीय लोगों की मदद से एक लंबे ब्रिज को तैयार किया है।
अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों सहित 500 से अधिक लोगों ने मंगलवार को ब्रिज को पार कर लिया और सेना के इंजीनियर पुल को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।
खराब मौसम का सामना कर रही सेना की एक टीम ने चाटेन इलाके में 11 लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता मुहैया कराई। अधिकारियों ने बताया कि एक हेलीपैड बनाया गया और बाद में उन्हें बचाया गया।
सिक्किम में अचानक आई बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। इसमें नौ सैनिक भी शामिल हैं। 105 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सेना बाढ़ के बाद कटे हुए गांवों को फिर से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। उसका फोकस चुंगथांग के जरिए उत्तरी सिक्किम से संपर्क बहाल करने पर है, जो विनाशकारी बाढ़ के दौरान सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।