फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Five things: why modi likes to sarbanand

जानिए, वो पांच बातें जिनसे मोदी की पहली पसंद बने सर्बानंद सोनोवाल

Tue, 24 May 2016 03:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 May 2016 03:07 PM IST
विज्ञापन
Five things: why modi likes to sarbanand

असम के आदिवासी नेता सर्बानंद सोनोवाल आज राज्य के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के भी उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की उम्‍मीद की जा रही है।

विज्ञापन


भाजपा में आने के मात्र पांच साल के भीतर ही मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे सर्बानंद सोनोवाल को प्रधानमंत्री मोदी की निजी पसंद भी माना जाता है, यही कारण है कि आम चुनावों में जीत के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रियों को शपथ दिलवाई तो सोनोवाल को खेल जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय देकर हर किसी को चौंका दिया था।
विज्ञापन


उसके बाद राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी और उनके सिपहसलार अमित शाह का सोनोवाल पर अटूट विश्वास उस समय भी दिखा जब उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्‍मीदवार घोषित कर दिया गया। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ खास बातों के बारे में जिनसे पांच साल के भीतर ही सोनोवाल ने जीत लिया मोदी का विश्वास।
विज्ञापन
विज्ञापन


जुझारू और बेदाग छवि
सर्बानंद सोनोवाल ने राजनीतिक जीवन की शुरूआत छात्र राजनीति से की थी, इसके बाद वह असम गण परिषद से विधायक, मंत्री और सांसद भी बने। राजनीति के 20 साल से ज्यादा लंबे कॅरियर में सोनोवाल की छवि हमेशा बेदाग ही रही। न उनके दामन पर भ्रष्टाचार का कोई दाग लगा न विवादों से उनका कोई नाता रहा। 

बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर वह असम में घर घर एक जाना पहचाना चेहरा बन गए। इस आंदोलन ने उनकी एक जुझारू नेता की छवि भी स्‍थापित की। उनकी इन खूबियों ने मोदी को खासा प्रभावित किया।

सूझबूझ वाला नेता और कुशल रणनीतिकार

Five things: why modi likes to sarbanand

सोनोवाल ने असम गण परिषद छोड़कर साल 2011 में भाजपा की सदस्यता ली थी। इसके बाद वह तेजी से पार्टी में तरक्‍की की सीढ़ियां चढ़ते गए। अगले साल ही पार्टी ने उन्हें राज्य का मुखिया बनाकर सारी बागडोर उनके हाथों में सौंप दी। इसके बाद सोनोवाल ने अपनी कुशल रणनीति और काबिलियत का परिचय देते हुए भाजपा को फ्रंट फुट ला दिया। इसका असर लोकसभा चुनावों में भी दिखा जब राज्य की 14 सीटों में से सात भाजपा के खाते में आ गई। इसके बाद से ही राज्य में भाजपा की सरकार बनने की उम्‍मीदें दिखने लगी थी।

बांग्लादेशी घुसपैठ के प्रति कड़ा नजरिया
छात्र राजनीति के दौरान ही सोनोवाल की पहचान बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति कड़ा नजरिया रखने की भी बनी। उन्होंने बांग्लादेशियों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और सुप्रीम कोर्ट में भी इसकी लड़ाई लड़ी। सोनोवाल से पहले भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाती रही थी।

इसके लिए पार्टी शुरू से कांग्रेस की नीतियों को ही दोष देती थी। ऐसे में सोनोवाल के रूप में उसे इस मुद्दे पर लड़ने वाला एक बड़ा सिपाही मिल गया। सोनोवाल की इस खूबी ने भी मोदी को खासा प्रभावित किया।

केन्द्रीय मंत्री के रूप में साबित की योग्यता

Five things: why modi likes to sarbanand

लोकसभा चुनावों में जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें खेल मंत्री जैसी बड़ी‌ जिम्मेदारी दी तो उन्होंने उसे भी बखूबी निभाया। दो साल के कार्यकाल में सोनोवाल ने इस अति विवादित मंत्रालय को पूरी तरह विवादों से दूर रखा। इस दौरान खेलों के विकास में भी सोनोवाल ने खासी रुचि दिखाई।

कई मामलों में वह निजी तौर पर रुचि लेते दिखते ‌थे। ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन में सुधार के लिए भी उन्होंने ओलंपिक पोडियम स्कीम जैसी योजनाओं को तेजी से परवान चढ़ाया। इसके चलते भी मोदी उनसे काफी प्रभावित रहे।

सभी पार्टियों के नेताओं से हैं अच्छे संबंध
सर्बानंद सोनोवाल मूल रूप से आसाम के आदिवासी समुदाय से आते हैं। आसाम की कुल जनसंख्या में से 53 फीसदी ट्राइबल ही है। वह इससे पहले राज्य में अगप सरकार के दौरान वह कई मंत्रालयों में कार्यभार संभाल चुके हैं। राज्य की प्रशासनिक मशीनरी पर भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

इसके अलावा लंबे समय तक छात्र राजनीति और असम गण परिषद जैसी पार्टी में रहने के कारण उनके सभी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध भी हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आमतौर पर भाजपा को वोट देने से परहेज करने वाला मुस्लिम समुदाय भी सोनोवाल का कायल है। विधानसभा चुनावों में सोनोवाल के चेहरे के कारण काफी संख्या में मुस्लिमों ने भी भाजपा को वोट दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed