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आरक्षण विरोधी दंगे में सिपाही की हत्या के आरोपी भाजपा पार्षद समेत पांच लोग बरी
Wed, 13 Feb 2019 01:39 AM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 13 Feb 2019 01:39 AM IST
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अदालत ने मंगलवार को भाजपा के एक वर्तमान पार्षद समेत 5 लोगों को एक पुलिस कांस्टेबल की हत्या के आरोप में बरी कर दिया। कांस्टेबल लक्ष्मण देसाई की हत्या 1985 में हुए आरक्षण विरोधी दंगे के दौरान अहमदाबाद के खड़िया मोहल्ले में की गई थी। यह दंगे सरकार की तरफ से अन्य पिछड़ा वर्ग को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण दिए जाने के खिलाफ रोष भड़कने के बाद हुए थे।
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अतिरिक्त सत्र न्यायधीश एआर पटेल ने भाजपा पार्षद मयूर दवे, विजय सिंह, किरण शाह, ध्रुव व्यास और मधुकर व्यास के खिलाफ कांस्टेबल लक्ष्मण देसाई की हत्या के पर्याप्त सबूत नहीं होने के चलते उन्हें बरी घोषित कर दिया। इस मामले में चार अन्य आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी, जबकि भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री हरिन पाठक और गुजरात के पूर्व मंत्री अशोक भट्ट समेत 11 अन्य आरोपियों को अदालत ने वर्ष 2006 में ही बरी कर दिया था। हालांकि अदालत के फैसले को लक्ष्मण देसाई की विधवा पत्नी की तरफ से उच्च अदालत में चुनौती दी गई थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा था।
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