टीडीपी के पांच सांसद वेंकैया नायडू से मिले, अलग गुट के भाजपा में विलय को दी चुनौती
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तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के चार सांसदों ने गुरुवार को अपना इस्तीफा उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को सौंपते हुए टीडीपी के चार सांसदों के गुट ने भाजपा में विलय कर लिया था। इसे लेकर आज टीडीपी सांसद जयदेव गल्ला समेत पांच सांसद इस दलबदल को चुनौती देने के लिए वेंकैया नायडू से मिले। मुलाकात करने वाले सांसदों में दो राज्यसभा सांसद तो तीन लोकसभा सांसद हैं।
उपराष्ट्रपति नायडू से मिलने के बाद टीडीपी सांसद जयदेव गल्ला ने कहा कि कल टीडीपी के चार राज्यसभा सदस्यों ने एक पत्र दिया था जिसमें लिखा था कि वह राज्यसभा में अपने गुट का विलय कर रहे हैं और चूंकि उनके पास दो तिहाई बहुमत है, इसलिए इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।
Jaydev Galla, TDP after meeting the Vice President: Yesterday four Rajya Sabha members of TDP had given a letter saying that they are merging the legislature party in Rajya Sabha and since they have 2/3rd majority, it should be accepted without any disqualification. pic.twitter.com/fNcyJGD9TM
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 21, 2019
गल्ला ने कहा कि इस पर विचार करने के बाद हम समझते हैं कि किसी राजनीतिक दल का विलय केवल संगठनात्मक स्तर पर होना चाहिए। अब चूंकि टीडीपी और भाजपा का संगठनात्मक स्तर पर विलय नहीं हुआ है तो यह वैध विलय नहीं है।
Jaydev Galla: Having gone through the law what we now understand is, merger of a political party has to take place at only organisational level. It cannot take place at legislature party level. Since TDP & BJP have not merged at the organisational level this is not a legal merger https://t.co/G8pn8BJumc
— ANI (@ANI) June 21, 2019
उन्होंने कहा कि हमने यही बात उपराष्ट्रपति के सामने स्पष्ट की। उन्होंने कहा है कि वह इसकी वैधताओं की समीक्षा करेंगे और कानून के अनुसार उचित कदम उठाएंगे। हमें इसका इंतजार करना है। हमने पत्र दे दिया है, हम संसदीय कार्य मंत्री को भी एक पत्र भेजेंगे।
Jaydev Galla, TDP: This is what we explained to Vice President, he said that he will review the legalities of it & do whatever is necessary according to the law. We have to wait & see. We've given the letter, well be giving letter to Parliamentary Affairs Minister also.
— ANI (@ANI) June 21, 2019
गुरुवार को टीडीपी के राज्यसभा सांसद टीजी वेंकटेश, वाईएस चौधरी, जीएम राव और सीएम रमेश अपना इस्तीफा सौंपकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।
बता दें कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव और राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में टीडीपी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। लोकसभा चुनाव में टीडीपी राज्य की 25 सीटों में से केवल तीन सीटें जीत सकी थी। वहीं, विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 सीटों में से महज 23 सीटें टीडीपी के खाते में आई थीं। इसके उलट वाईएसआर कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लोकसभा चुनाव में 22 और विधानसभा चुनाव में 151 सीटों पर कब्जा जमाया था।
उच्च सदन में टूटने के कगार पर टीडीपी
राज्यसभा में तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के चार सदस्यों के अपनी पार्टी से अलग होने के साथ ही उच्च सदन में पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच गई है। राज्यसभा में छह सदस्यों वाली टीडीपी के चार सदस्य अलग गुट बनाकर भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। चार सदस्यों का समर्थन मिलने से उच्च सदन में बहुमत के संकट से जूझ रही भाजपा को राहत मिली है। भाजपा की अगुवाई वाले राजग के पास राज्यसभा में फिलहाल बहुमत नहीं है।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली टीडीपी के राज्यसभा में छह सदस्य हैं और दलबदल विरोधी कानून के मुतबिक किसी दल से अलग हुए नए गुट को तभी मान्यता मिलेगी जबकि उसके दो तिहाई सदस्य इस गुट में शामिल हों। राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है। उच्च सदन में सर्वाधिक 71 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।
इस साल हुए लोकसभा चुनाव और राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में टीडीपी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। लोकसभा चुनाव में टीडीपी राज्य की 25 सीटों में से केवल तीन सीटें जीत सकी थी। वहीं, विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 सीटों में से महज 23 सीटें टीडीपी के खाते में आई थीं। इसके उलट वाईएसआर कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लोकसभा चुनाव में 22 और विधानसभा चुनाव में 151 सीटों पर कब्जा जमाया था।