सरकार की मुश्किलें दूर करेगा नया पिछड़ा वर्ग आयोग, जानिए खास बातें
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देशभर में पिछड़ी जाति में आरक्षण को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अब अलग से पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने जा रही है जिसे संवैधानिक दर्जा दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन और यूपी में पिछड़े वर्ग में कुछ जातियों की एंट्री को लेकर मचे विवाद के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस संबंध में एक बिल कल लोकसभा में भी पेश किया गया। आइए जानते हैं सरकार के इस मुद्दे पर पांच निर्णयों के बारे में।
ये हैं पांच प्रमुख बिंदू
पुराने पिछड़े वर्ग आयोग की जगह अब नया पिछड़ा वर्ग आयोग लेगा।
नए आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जाएगा, जबकि पुराने वाले को वैधानिक दर्जा मिला हुआ था। जिससे उसके अधिकारों में भी वृद्िध होगी।
नया आयोग अस्तित्व में आने के बाद वह पिछड़े वर्ग में जातियों को लाने और निकालने पर प्रस्ताव दे सकेगा।
पिछड़े वर्ग में नई जातियों की एंट्री पर अब निर्णय संसद लेगी।
नया पिछड़ा वर्ग आयोग सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े लोगों के लिए काम करेगा। इसके लिए नया पिछड़ा वर्ग मंत्रालय भी बनाया जा सकता है।