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RTI: देश के पांच करोड़ ग्रामीण घरों में अब तक नहीं पहुंचा पानी का कनेक्शन, जानें ‘हर घर जल’ अभियान का हाल

Mon, 01 Jan 2024 03:41 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 01 Jan 2024 03:41 AM IST
सार

एक आरटीआई के जवाब में भारत सरकार के पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने बताया कि 15 अगस्त 2019 से लेकर अब तक साढ़े चार वर्षों में 13,91,70,516 ग्रामीण घरों में पानी का कनेक्शन दिया जा चुका है। वहीं, अगस्त 2019 तक मात्र 3,23,62,838 घरों में ही पानी की आपूर्ति की गई थी।

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Five crore rural houses of country not yet received water connections under Har Ghar Jal abhiyan
water connection new - फोटो : istock

विस्तार

मोदी सरकार के ‘हर घर जल’ अभियान के तहत पिछले साढ़े चार वर्षों में 10 करोड़ ग्रामीण घरों में पानी की आपूर्ति की गई है। वहीं, अगस्त 2019 तक सिर्फ तीन करोड़ घरों में पानी का कनेक्शन पहुंच सका था। हालांकि, अब भी देश के करीब पांच करोड़ घर ऐसे हैं, जहां अब तक पानी का कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है।
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केंद्र का लक्ष्य- 2024 तक देश के हर घर में पानी का कनेक्शन 
एक आरटीआई के जवाब में भारत सरकार के पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने बताया कि 15 अगस्त 2019 से लेकर अब तक साढ़े चार वर्षों में 13,91,70,516 ग्रामीण घरों में पानी का कनेक्शन दिया जा चुका है। वहीं, अगस्त 2019 तक मात्र 3,23,62,838 घरों में ही पानी की आपूर्ति की गई थी। बता दें, देश के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19,25,17,015 (19.25 करोड़) घर हैं। गौरतलब है कि अभियान के बाद से पिछले साढ़े चार वर्षों में 10,68,07,678 (10.68 करोड़) घरों को पानी का कनेक्शन दिया गया है। केंद्र का लक्ष्य है कि 2024 तक देश के गांव के हर घर में पानी पहुंचाया जाएगा। आरटीआई के जवाब में मंत्रालय ने आगे बताया कि अगस्त 2019 तक देश के केवल 16.81 प्रतिशत गावों के घरों में ही पानी का कनेक्शन था, लेकिन पीएम मोदी के पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में यह आंकड़ा 72.29 प्रतिशत पहुंच गया है। हालांकि, अब भी कई घर पानी की आस ही देख रहे हैं। 
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भारत सरकार राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है
अभियान के तहत झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों के घरों में नल कनेक्शन की स्थिति बहुत खराब है। झारखंड के मात्र 47.57 प्रतिशत घरों में ही नल का कनेक्शन है तो वहीं राजस्थान में 45.33 प्रतिशत और और पश्चिम बंगाल में 40.69 प्रतिशत ही नल का कनेक्शन है। मंत्रालय का कहना है कि पेयजल का विष्य राज्य का है। आपूर्ति योजनाओं का डिजाइन, अनुमोदन और कार्यान्वयन राज्यों पर ही निर्भर होता है। भारत सरकार राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
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नल जल कनेक्शन में सरकार का बड़ा बजट पेश हुआ है- 
  1. 2019-20 में 9,951 करोड़ रुपये
  2. 2020-2021 में 10,916 करोड़ रुपये
  3. 2021-22 में 40,010 करोड़ रुपये
  4. 2022-23 में 54,744 करोड़ रुपये
  5. 2023-24 में 47,293 करोड़ रुपये
100 प्रतिशत जल कनेक्शन वाली सूची
  1. गोवा
  2. अंडमान और निकोबार
  3. दादरा और नगर हवेली
  4. दमन और दीव
  5. हरियाणा
  6. तेलंगाना
  7. पुडुचेरी
  8. गुजरात
  9. पंजाब
  10. हिमाचल प्रदेश
इन प्रदेशों में 75 प्रतिशत से अधिक नल कनेक्शन स्थापित- 
  1. मिजोरम (98.35 प्रतिशत)
  2. अरुणाचल प्रदेश (97.83 प्रतिशत)
  3. बिहार (96.42 प्रतिशत)
  4. लद्दाख (90.12 प्रतिशत)
  5. सिक्किम (88.54 प्रतिशत)
  6. उत्तराखंड (87.79 प्रतिशत)
  7. नागालैंड (82.82 प्रतिशत)
  8. महाराष्ट्र (82.64 प्रतिशत)
  9. तमिलनाडु (78.59 प्रतिशत)
  10. मणिपुर (77.73 प्रतिशत)
  11. जम्मू और कश्मीर (75.64 प्रतिशत)
  12. त्रिपुरा (75.25 प्रतिशत)
  13. छत्तीसगढ़ (73.35 प्रतिशत) 
  14. मेघालय (72.81 प्रतिशत)
  15. उत्तर प्रदेश (72.69 प्रतिशत)
  16. आंध्र प्रदेश (72.37 प्रतिशत)
  17. कर्नाटक (71.73 प्रतिशत)
  18. ओडिशा (69.20 प्रतिशत)
  19. असम (68.25 प्रतिशत)
  20. लक्षद्वीप (62.10 प्रतिशत)
  21. मध्य प्रदेश (59.36 प्रतिशत)
  22. केरल (51.87 प्रतिशत)
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