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NIA: विस्फोटक तस्करी मामले में एनआईए ने दाखिल की चार्जशीट; वैन से बरामद किए गए थे 81000 डेटोनेटर

Wed, 26 Apr 2023 09:56 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 26 Apr 2023 09:56 PM IST
सार

बीते साल जून में एक एसयूवी को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), कोलकाता द्वारा रोका गया था। जांच के दौरान एसयूवी में लगभग 81,000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर की तस्करी करते हुए पाया गया था। जिसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने वाहन के चालक आशीष केओरा को गिरफ्तार किया था।

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Five chargesheeted in West Bengal explosives and detonators recovery case
एनआईए - फोटो : ANI

विस्तार

बीते साल बड़ी मात्रा में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से इलेक्ट्रानिक डेटोनेटर और विस्फोटक बरामदगी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने बुधवार को चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए की चार्जशीट में पांच लोगों का नाम शामिल किया गया है। एनआईए ने इसके बारे में जानकारी दी है। एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोपी मनोज कुमार द्वारा नवंबर 2022 में आत्महत्या करने के कारण चार्जशीट में उसके खिलाफ आरोप हटा दिए गए हैं। 

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एनआईए ने इस मामले की जांच 20 सितंबर, 2022 को अपने हाथ में ली थी। एनआईए ने बताया कि आशीष केओरा, रिंटू एसके, मुंतज अली, मुकेश सिंह, मुख्तार खान इमरान और मृतक मनोज कुमार सहित सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। ये सभी अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों को विस्फोटक सामग्री और डेटोनेटर की आपूर्ति करने के लिए एक आपराधिक साजिश में शामिल थे। जांच के दौरान ही नवंबर 2022 में एक आरोपी मनोज कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। 
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एनआईए ने आगे बताया कि मनोज कुमार द्वारा किए गए अपराधों के आरोपों को उनकी आत्महत्या के बाद समाप्त कर दिया गया है। अन्य आरोपियों आशीष केओरा, रिंटू एसके, मुकेश सिंह और मुक्तार खान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 201 और 34 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए ने बताया कि इस मामले में शामिल शेष आरोपियों और अन्य लोग जो अवैध कारोबार में शामिल हो सकते हैं, उनके खिलाफ आगे की जांच जारी है। 
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क्या है पूरा मामला
बीते साल जून में एक एसयूवी को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), कोलकाता द्वारा रोका गया था। जांच के दौरान एसयूवी में लगभग 81,000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर की तस्करी करते हुए पाया गया था। जिसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने वाहन के चालक आशीष केओरा को गिरफ्तार किया था। केओरा की गिरफ्तारी के बाद उससे मिली जानकारी के आधार पर विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली गई थी। तलाशी के दौरान 2,525 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 27,000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और 1,625 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें बरामद की गईं थी। यह बरामदगी मामले के एक अन्य आरोपी रिंटू एस उर्फ 'मुंतज अली' के अवैध गोदाम से की गई थी। इसके अलावा,  आरोपी मुकेश सिंह के घर से 410 डेटोनेटर जब्त किए गए। वहीं, एक अन्य आरोपी मुख्तार खान उर्फ 'इमरान' के कब्जे से 45.75 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें और 1,200 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद किए गए।


शुरू में ये मामला बीरभूम के मोहम्मद बाजार पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए ने सितंबर 2022 में इसे अपने हाथ में ले लिया था। एजेंसी ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी इस साल जनवरी में की थी। रिंटू एसके नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।

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