{"_id":"683c57f6c23bcc77c7036d70","slug":"fish-thrown-at-govt-official-maharashtra-minister-nitesh-rane-others-acquitted-in-2017-case-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: मंत्री नितेश राणे समेत 31 आरोपी बरी, 2017 में सरकारी अधिकारी पर मछली फेंकने पर दर्ज हुआ था केस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: मंत्री नितेश राणे समेत 31 आरोपी बरी, 2017 में सरकारी अधिकारी पर मछली फेंकने पर दर्ज हुआ था केस
Sun, 01 Jun 2025 07:09 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 01 Jun 2025 07:09 PM IST
सार
इस मामले में सिंधुदुर्ग अदालत ने पाया कि सबूतों की कमी और गवाहों के बयान न मिलने के कारण नितेश राणे समेत सभी 31 लोगों को बरी कर दिया गया। अब यह मामला कानूनी रूप से खत्म हो गया है।
विज्ञापन
नितेश राणे, मंत्री, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले की एक अदालत ने बीजेपी मंत्री नितेश राणे और 30 अन्य लोगों को 2017 में सरकारी अधिकारी पर मछली फेंकने के मामले में बरी कर दिया है। यह मामला 6 जुलाई 2017 को हुआ था।
क्या था मामला?
जानकारी के अनुसार, नितेश राणे और लगभग 100 लोग मालवण में मौजूद मत्स्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रदीप वस्त के कार्यालय में गए थे। वहां वे मत्स्य व्यवसाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। लेकिन बात बिगड़ गई और उन्होंने अधिकारी के साथ गाली-गलौज की और मछली फेंकी, जो अधिकारी के चेहरे पर लगी। इतना ही नहीं, इन लोगों ने मछली पकड़ने वाली नावों को जलाने की धमकी भी दी थी।
यह भी पढ़ें - Maharashtra: भारतीय सेना ने मुंबई में किया उच्च स्तरीय सुरक्षा अभ्यास, गैर-परंपरागत खतरों से निपटने की तैयारी
विज्ञापन
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
इस मामले में नितेश राणे और अन्य पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसमें धारा 353: सरकारी काम में बाधा डालने के लिए हमला, धारा 332: सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना, धारा 341: गलत तरीके से रास्ता रोकना, धारा 141, 143, 147: गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा, धारा 504: जानबूझकर अपमान करना, धारा 506: धमकी देना शामिल है।
कोर्ट ने क्यों बरी किया?
21 मई को आए अदालत के फैसले की जानकारी अब सामने आई है। अदालत के अनुसार अधिकारी प्रदीप वस्त ने गवाही में यह नहीं कहा कि नितेश राणे ने खुद मछली फेंकी। उन्होंने सिर्फ यह बताया कि राणे के साथ आए कुछ लोगों ने मछली फेंकी थी। वे यह भी स्पष्ट रूप से नहीं बता सके कि किसने चोट पहुंचाई। अदालत ने कहा कि कोई पुख्ता और भरोसेमंद सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि आरोपियों ने अधिकारी को ड्यूटी करने से रोका या नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, गवाहों ने भी अभियोजन पक्ष की कहानी का समर्थन नहीं किया, जिससे अन्य आरोप भी टिक नहीं पाए।
यह भी पढ़ें - Politics: नगालैंड में विधायकों के पार्टी छोड़ने पर अजित पवार की पहली प्रतिक्रिया- उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी
घटना के बाद क्या हुआ था?
इस घटना का वीडियो क्लिप स्थानीय चैनलों पर चला था, जिसके बाद नितेश राणे और अन्य को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई थी। बता दें कि, नितेश राणे साल 2014 से कणकवली सीट से विधायक हैं। वे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे हैं। उन्हें दिसंबर 2023 में देवेंद्र फडणवीस की कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था।
विज्ञापन
क्या था मामला?
जानकारी के अनुसार, नितेश राणे और लगभग 100 लोग मालवण में मौजूद मत्स्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रदीप वस्त के कार्यालय में गए थे। वहां वे मत्स्य व्यवसाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। लेकिन बात बिगड़ गई और उन्होंने अधिकारी के साथ गाली-गलौज की और मछली फेंकी, जो अधिकारी के चेहरे पर लगी। इतना ही नहीं, इन लोगों ने मछली पकड़ने वाली नावों को जलाने की धमकी भी दी थी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Maharashtra: भारतीय सेना ने मुंबई में किया उच्च स्तरीय सुरक्षा अभ्यास, गैर-परंपरागत खतरों से निपटने की तैयारी
विज्ञापन
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
इस मामले में नितेश राणे और अन्य पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसमें धारा 353: सरकारी काम में बाधा डालने के लिए हमला, धारा 332: सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना, धारा 341: गलत तरीके से रास्ता रोकना, धारा 141, 143, 147: गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा, धारा 504: जानबूझकर अपमान करना, धारा 506: धमकी देना शामिल है।
कोर्ट ने क्यों बरी किया?
21 मई को आए अदालत के फैसले की जानकारी अब सामने आई है। अदालत के अनुसार अधिकारी प्रदीप वस्त ने गवाही में यह नहीं कहा कि नितेश राणे ने खुद मछली फेंकी। उन्होंने सिर्फ यह बताया कि राणे के साथ आए कुछ लोगों ने मछली फेंकी थी। वे यह भी स्पष्ट रूप से नहीं बता सके कि किसने चोट पहुंचाई। अदालत ने कहा कि कोई पुख्ता और भरोसेमंद सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि आरोपियों ने अधिकारी को ड्यूटी करने से रोका या नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, गवाहों ने भी अभियोजन पक्ष की कहानी का समर्थन नहीं किया, जिससे अन्य आरोप भी टिक नहीं पाए।
यह भी पढ़ें - Politics: नगालैंड में विधायकों के पार्टी छोड़ने पर अजित पवार की पहली प्रतिक्रिया- उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी
घटना के बाद क्या हुआ था?
इस घटना का वीडियो क्लिप स्थानीय चैनलों पर चला था, जिसके बाद नितेश राणे और अन्य को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई थी। बता दें कि, नितेश राणे साल 2014 से कणकवली सीट से विधायक हैं। वे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे हैं। उन्हें दिसंबर 2023 में देवेंद्र फडणवीस की कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था।