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2022 का पहला सूर्यग्रहण आज : जानिए कहां-कहां दिखाई देगा, भारत पर क्या होगा असर
Sat, 30 Apr 2022 07:37 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 30 Apr 2022 07:37 AM IST
सार
यह आंशिक सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, अटलांटिक क्षेत्र, प्रशांत महासागर व दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी पश्चिमी भागों में दिखाई देगा।
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 30 अप्रैल यानी आज रात 12.15 बजे से 1 मई को सुबह 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चार घंटे का यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
न ही किसी तरह का सूतककाल का असर होगा। भारतीय पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भोजन व मंदिरों में दर्शन निषिद्ध होते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद नदियों व घरों आदि में स्नान के बाद दान कर पुण्य अर्जित करने का विशेष महत्व है।
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चूंकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण है, जिन देशों में यह नजर आएगा, वहां सूरज करीब 65 फीसदी हिस्सा चांद से ढक जाएगा। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और पृथ्वी पर सूरज के प्रकाश को पूर्णत: या आंशिक रूप से रोक देता है। जब चांद सूरज को पूरी तरह से ढक लेता है तब पूर्ण सूर्यग्रहण होता है।
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो सूर्य या चंद्रग्रहण मात्र एक खगोलीय घटना है। इस साल कुल 4 ग्रहण पड़ने वाले हैं। इनमें से 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण होंगे। हिन्दू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण का बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।
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यह आंशिक सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, अटलांटिक क्षेत्र, प्रशांत महासागर व दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी पश्चिमी भागों में दिखाई देगा। यह भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए यहां इसके किसी धार्मिक प्रभाव का सवाल नहीं है। रात में मंदिर बंद रहते हैं, इसलिए ग्रहणकाल में इन्हें बंद करने की भी जरूरत नहीं होगी।
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न ही किसी तरह का सूतककाल का असर होगा। भारतीय पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भोजन व मंदिरों में दर्शन निषिद्ध होते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद नदियों व घरों आदि में स्नान के बाद दान कर पुण्य अर्जित करने का विशेष महत्व है।
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चूंकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण है, जिन देशों में यह नजर आएगा, वहां सूरज करीब 65 फीसदी हिस्सा चांद से ढक जाएगा। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और पृथ्वी पर सूरज के प्रकाश को पूर्णत: या आंशिक रूप से रोक देता है। जब चांद सूरज को पूरी तरह से ढक लेता है तब पूर्ण सूर्यग्रहण होता है।
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो सूर्य या चंद्रग्रहण मात्र एक खगोलीय घटना है। इस साल कुल 4 ग्रहण पड़ने वाले हैं। इनमें से 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण होंगे। हिन्दू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण का बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।