राहुल ने बुलाई अहम बैठक: मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ विपक्ष एकजुट, 11 अगस्त को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च
दिल्ली में गुरुवार को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की बड़ी बैठक हुई। बैठक कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास में हुई। इस दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ विपक्ष ने एकजुटता दिखाई और 11 अगस्त को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का फैसला किया।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर गुरुवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं की बैठक हुई। रात्रि भोज के दौरान हुई बैठक में बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग पर राहुल गांधी की ओर से लगाए गए धांधली के दावों पर चर्चा की गई। बैठक में 25 दलों के लगभग 50 नेता मौजूद थे। यहां लोकसभा में विपक्ष के नेता ने चुनाव आयोग पर लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों पर एक प्रस्तुति भी दी। इससे पहले दिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत के जरिए चुनावों में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी होने का दावा किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राकांपा-सपा नेता शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, सपा के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे, द्रमुक के तिरुचि शिवा, माकपा के एमए बेबी, भाकपा के राजा, भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य और एमएनएम प्रमुख कमल हासन सहित विपक्षी नेता रात्रिभोज में शामिल हुए।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी बैठक में उपस्थित हुए। इसके अलावा प्रियंका गांधी, जयराम रमेश (कांग्रेस), महुआ माजी (झामुमो), एनके प्रेमचंद्रन (आरएसपी), डिंपल यादव और रामगोपाल यादव (सपा) भी रात्रिभोज में मौजूद थे। बैठक में फॉरवर्ड ब्लॉक, वीसीके, केरल कांग्रेस (एम), एमडीएमके, केएमडीके, पीडब्ल्यूके, आरएलपी, आईयूएमएल और केरल कांग्रेस (जे) के नेता भी मौजूद थे।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'आज राहुल गांधी ने विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने आवास पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया। लगभग 24 दलों के नेता यहां मौजूद रहे। शरद पवार, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और कई अन्य वरिष्ठ नेता यहां मौजूद रहे। यहां एक सकारात्मक माहौल है, संवाद का माहौल है। जिस तरह हमने संसद में जनहित और राष्ट्रहित में सरकार से एकजुट होकर सवाल किए, उनसे महत्वपूर्ण सवाल पूछे- संवाद, मित्रता और सद्भाव का वही माहौल हमें राहुल गांधी के आवास पर देखने को मिला। उन्होंने फर्जी मतदाताओं और फर्जी मतदान के मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने इस पर सबूतों के साथ बात की। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के मन में इस बारे में सवाल थे। इसी पर बातचीत हो रही है। राहुल गांधी ने आज जो सबूत सबके सामने पेश किए, वही सबूत नेताओं के सामने भी पेश किए जा रहे हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक पर भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा, '...कहा गया है कि 11 अगस्त को इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से बुलाई गई इंडिया ब्लॉक के नेताओं की यह पहली बैठक है। हम सभी इंडिया ब्लॉक के सभी दलों के नेताओं के साथ बातचीत करने की उनकी पहल की सराहना करते हैं। आज की बैठक बहुत ही सार्थक रही। मुद्दा मतदाता सूची के SIR को लेकर चल रहे विवाद, चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता पंजीकरण के मामले में हो रही गड़बड़ियों पर था। राहुल गांधी ने एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र के संदर्भ में कई उदाहरण दिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज बिहार में जो हो रहा है, वह देश में कहीं भी हो सकता है। इसलिए यह एक गंभीर मुद्दा है, जो हमारे देश के लोकतंत्र को चुनौती दे रहा है। उनकी बात सुनने और प्रेजेंटेशन देखने के बाद कुछ नेताओं ने आगे बढ़ने के तरीके को लेकर कुछ सवाल उठाए। यह कहा गया कि 11 अगस्त को इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। देखते हैं क्या होता है।'