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मुंबई के जेजे अस्पताल में अंगदान: कोरोना महामारी के बाद पहला मामला, बचाई कई जिंदगियां
Fri, 20 May 2022 06:51 PM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 20 May 2022 06:51 PM IST
सार
मुंबई के जेजे अस्पताल में कोरोना महामारी के बाद अंगदान का पहला मामला सामने आया है। 43 वर्षीय एडवोकेट रीन बंसोड के अंग जरूरतमंद मरीजों को दिए गए। मुंबई में अंगदान से छोटी आंत का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण करने का पहला मामला है।
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मानव अंग
- फोटो : Reuters
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विस्तार
अंगदान जैसे महादान से आप कई लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं। इस नेक और सराहनीय काम को 43 वर्षीय एडवोकेट रीना बंसोड ने किया है। उन्हें 15 मई को मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों द्वारा ब्रेन डेड घोषित करने के बाद रीना बंसोड ने अंगदान किया।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रीना बंसोड को न्यूरोसर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. वर्नोन वेल्हो के तहत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीते बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। जिसके बाद रीना बंसोड के परिजनों को अंगदान करने की सलाह दी गई, जिसपर वे सहमत हो गए।
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जिसके बाद डॉक्टरों की एक टीम ने अंगदान की प्रक्रिया शुरू की। इस टीम में डॉ. पल्लवी सकते (डीन), डॉ. संजय सुरसे (चिकित्सा अधिक्षक) शामिल थे। रीना बंसोड के शरीर की पुन: जांच की गई। इसके बाद कई लोगों की जिंदगी बदल गई। रीना बंसोड ने अपनी छोटी आंत, किडनी, हृदय और कार्निया दान की।
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ये अंग जेजे अस्पताल, नानावती अस्पताल, ग्लोबल अस्पताल और कोकिलाबेन अस्पताल के जरूरतमंद मरीजों को दिए गए। मुंबई में अंगदान से छोटी आंत का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण करने का पहला मामला है। वहीं, कोरोना महामारी के बाद मुंबई के किसी अस्पताल में पहली बार अंगदान हुआ है।