दुखद: एशियाई शेरों के घर गिर के जंगल में लगी आग, तीन दिन तक तलाशेंगे जख्मी वन्यजीव
कुछ हिस्से अब भी जल रहे हैं। करीब 250 एकड़ में फैला यह क्षेत्र एशियाई शेरों की शरण स्थली है।
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विश्व में एशियाई शेरों की आखिरी पनाहगाह बने गुजरात के गिर के जंगलों में भीषण आग लग गई। अमरेली जिले में बने अभ्यारण्य के निकट घास के बड़े मैदानों में लगी इस आग को बुझाने में 300 से अधिक अधिकारी, वनकर्मी और अग्निशमन दल के सदस्य लगाए गए। फिलहाल किसी शेर के झुलसने की जानकारी सामने नहीं आई है।
यहां के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम मितियाला वन्य जीव अभयारण्य के निकट यह आग शुरू हुई जो शनिवार तक बड़े हिस्से में फैल गई। फिलहाल इसे नियंत्रित कर लिया गया है। कुछ हिस्से अब भी जल रहे हैं। करीब 250 एकड़ में फैला यह क्षेत्र एशियाई शेरों की शरण स्थली है।
अगले तीन दिन तलाशेंगे जख्मी वन्यजीव
राज्य के वन विभाग ने अगले तीन दिन तक जंगल में तलाशी अभियान चलाने की घोषणा की है। इस दौरान आग में जले वन्यजीवों, खासतौर से शेरों की तलाश होगी। कुछ क्षेत्रों में अब भी जल रही आग बुझाने की कोशिश होगी।
केवल 674 शेर बचे हैं
- 2020 तक विश्व में केवल 674 एशियाई शेर बचे थे, सभी गुजरात के जंगलों में हैं।
- सोमवार को गुजरात सरकार ने विधानसभा में बताया था कि 2020 से दिसंबर 2021 तक राज्य में 283 शेर मारे गए, इनमें 142 शावक थे।
- 29 शेरों व शावकों की मौत अप्राकृतिक थी।
आग पर काबू पाने का दावा
अमरेली के जिलाधिकारी गौरंग मकवाना ने बताया कि शेरों के कोर जंगल क्षेत्र में पहुंचने से पहले आग पर काबू पा लिया गया। उन्हाेंने ने दावा किया कि जंगल में आग लगने पर शेर प्रभावित हिस्सों से दूर जंगल के भीतर चले जाते हैं। अब तक किसी वन्यजीव का शव नहीं मिला है।