{"_id":"63927cb65f830055a35bab21","slug":"fintech-company-bharatpe-submitted-a-claim-of-88-67-crores-against-former-md-ashneer-grover-and-family","type":"story","status":"publish","title_hn":"BharatPe: भारतपे ने अशनीर ग्रोवर व परिवार के खिलाफ किया 88.67 करोड़ का दावा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BharatPe: भारतपे ने अशनीर ग्रोवर व परिवार के खिलाफ किया 88.67 करोड़ का दावा
Fri, 09 Dec 2022 08:41 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 09 Dec 2022 08:41 PM IST
सार
कंपनी ने ग्रोवर परिवार के खिलाफ कुल 17 मामले दर्ज कराए हैं। फिलहाल मामले की सुनवाई 9 जनवरी, 2023 में होगी। अगर ग्रोवर परिवार दोषी पाया गया, तो 10 वर्ष कैद की सजा भुगतनी पड़ सकती है।
विज्ञापन
अश्नीर ग्रोवर
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिनटेक कंपनी भारतपे ने अपने पूर्व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर और परिवार के खिलाफ 88.67 करोड़ का दावा पेश किया है। कंपनी की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बताया कि ग्रोवर परिवार ने कंपनी को धोखाधड़ी व गबन के जरिये कुल 83 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाया है। इसके अलावा कंपनी की प्रतिष्ठा धूमिल की है। दोनों को मिलाकर ग्रोवर परिवार के खिलाफ 88.67 करोड़ रुपये का दावा किया गया है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की तरफ से अंतरिम राहत की मांग पर प्रतिक्रिया देने को ग्रोवर परिवार को दो सप्ताह का समय दिया है। वहीं, कंपनी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने धोखाधड़ी और गबन के मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायत के मुताबिक अशनीर ने कंपनी के सीईओ के तौर पर पत्नी माधुरी ग्रोवर के अलावा बहनोई, ससुर और सास को अनुचित लाभ पहुंचाया। कंपनी से इस्तीफा देने के बाद वे ट्विटर व दूसरे मंचों से कंपनी को बदनाम कर रहे हैं। रोहतगी ने अदालत से अनुरोध किया कि ग्रोवर को कंपनी के खिलाफ दुष्प्रचार बंद करने का आदेश दिया जाए। ईओडब्ल्यू को दी गई शिकायत के मुताबिक ग्रोवर ने अपने परिजनों को नकली विक्रेता बनाया और उनसे बिना कुछ खरीदे ही उन्हें 71.7 करोड़ का भुगतान किया गया। इसके अलावा 7.7 करोड़ रुपये भर्तियों और जीएसटी पेनल्टी के नाम पर अपने ही परिवार को बांटे।
विज्ञापन
कंपनी ने ग्रोवर परिवार के खिलाफ कुल 17 मामले दर्ज कराए हैं। फिलहाल मामले की सुनवाई 9 जनवरी, 2023 में होगी। अगर ग्रोवर परिवार दोषी पाया गया, तो 10 वर्ष कैद की सजा भुगतनी पड़ सकती है।नायका के आईपीओ से शुरू हुई कहानी : ग्रोवर परिवार के पतन की कहानी नायका के आईपीओ से शुरू हुई। असल में अशनीर ग्रोवर ने नायका के आईपीओ में खुद के और पत्नी के नाम से अलॉटमेंट व फंडिंग नहीं मिलने पर कोटक समूह के एक कर्मचारी के साथ बदतमीजी की थी। उनका गाली-गलौज का ऑडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद कंपनी ने अशनीर को पद से हटा दिया था। इसके बाद माधुरी को भी कंपनी से निकाल दिया गया था। बाद में जांच में पता चला कि ग्रोवर ने कंपनी को जमकर लूटा था।
विज्ञापन
भारतपे ने ग्रोवर के 1.4 फीसदी शेयरों को वापस लेने के लिए मध्यस्थता याचिक दायर की
फिनटेक यूनिकॉर्न भारतपे ने अपने पूर्व प्रबंध निदेशक और सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर की प्रतिबंधित शेयरधारिता और संस्थापक उपाधि वापस लेने के लिए मध्यस्थता याचिका दायर की है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। मामले की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) के नियमों के तहत गुरुवार को यह मध्यस्थता याचिका दायर की गई। यदि भारतपे को इस मामले में राहत दी जाती है, तो ग्रोवर अपने अनिवेशित शेयर और संस्थापक शीर्षक का उपयोग करने का अधिकार खो सकते हैं।
ग्रोवर, जिस पर BharatPe ने धोखाधड़ी और धन के गबन का आरोप लगाया है के पास कंपनी का लगभग 8.5 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें से 1.4 प्रतिशत को निहित नहीं किया गया है। वही, इस मामले में भारतपे की ओर से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। कंपनी के बोर्ड की ओर से प्रबंध निदेशक के रूप में ग्रोवर के कार्यकाल के दौरान खामियों और गलत कामों के आरोपों की विस्तृत कॉरपोरेट व प्रशासनिक जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। सूत्रों ने बताया कि ग्रोवर की ओर से शेयरधारकों के समझौते का पालन करने से इनकार करने के बाद मध्यस्थता की कार्यवाही शुरू की गई। दिल्ली उच्च न्यायालय में दीवानी मुकदमे और आर्थिक अपराध शाखा में आपराधिक शिकायत दर्ज कराने के बाद ग्रोवर के खिलाफ भारतपे की यह तीसरी कानूनी कार्रवाई है।
अशनीर ग्रोवर ने ट्विटर पर निकाला अपने सहसंस्थापक पर गुस्सा
वहीं दूसरी ओर, अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover ) ने ट्विटर पर भारतपे (BharatPe) के सहसंस्थापक शाश्वत नकरानी (Shashvat Nakrani) के ऊपर गुस्से का इजहार किया है। अशनीर ग्रोवर का यह हमला ऐसे समय पर किया है, जब यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर चुकी फिनटेक स्टार्टअप Bharat Pe ने दो दिन पहले ही ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ कंपनी के पैसों में हेरफेर का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है और उनसे 88 करोड़ रुपये के हर्जाने के मांग की है। अशीनर ग्रोवर ने कभी साथ न देने के लिए अपने पूर्व सहयोगी की ट्वीट में आलोचना की है। अशनीर ग्रोवर भारतपे के को-फाउंडर के अलावा उसके पूर्व प्रबंध निदेशक हैं, जिन्हें इस साल की शुरुआत में एक लंबे विवाद के बाद कंपनी से बाहर कर दिया गया था।