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जेटली बोले-नोटबंदी, GST का असर पीछे छूटा, चिदंबरम ने बताया सिर्फ गिरावट पर लगाम है ग्रोथ
टीम डिजिटल अमर उजाला
Updated Thu, 30 Nov 2017 09:37 PM IST
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फाइल फोटो
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जीडीपी में उछाल आने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भाजपा सरकार की सराहना की है। उन्होंने कहा कि निवेश में तेजी बढ़ी है और हम आगे की तरफ बढ़ रहे हैं। बता दें कि जीडीपी 5.7 से 6.3 हो गई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद यह उछाल आया है। तीसरी चौथी तिमाही में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि 5 तिमाही से गिरावट का दौर रुक गया है।
उन्होंने कहा कि हमने नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के दो सुधारात्मक कदमों के प्रभाव को पीछे छोड़ दिया है। हमें उम्मीद है कि आने वाली तिमाही में हमारी विकास दर तेजी से बढ़ेगी। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से ही हमारी विकास दर लगातार कम होती जा रही थी लेकिन इस तिमाही से हम वृद्धि की ओर बढ़ेंगे।
पढ़ें- अटल के बाद मोदी सरकार का इकोनॉमी में जलवा, 13 साल बाद मूडीज ने बढ़ाई रेटिंग
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भारत की निरंतर विकास गाथा है यह जीडीपी: शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विकास दर में वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जारी देश की निरंतर विकास गाथा से जोड़ा है। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर को सकारात्मक संकेत बताते हुए ट्वीट किया, ‘आज की जीडीपी विकास दर एक बार फिर पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की निरंतर विकास गाथा को बयां करती है।
विकास दर में यह तेजी मोदी सरकार के ठोस आर्थिक प्रबंधन का ही नतीजा है। विश्व बैंक, मूडी और स्टैंडर्ड पूअर्स जैसी रेटिंग एजेंसियों की सकारात्मक रेटिंग भी बता चुकी है कि भारत की तरक्की को कोई रोक नहीं सकता।’
सिर्फ गिरावट पर लगाम है जीडीपी वृद्धि : चिदंबरम
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने जीडीपी विकास दर में वृद्धि का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने इसे लेकर आगाह भी किया कि यह विकास दर सिर्फ गिरावट को थामने वाली है और किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आपको अगली तीन-चार तिमाही तक इंतजार करना होगा।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘विकास दर 6.3 फीसदी पर पहुंचने से खुशी है। पिछली पांच तिमाही से इसमें गिरावट के दौर पर लगाम लगी है। लेकिन अभी हम यह नहीं कह सकते कि विकास दर में वृद्धि का रुझान कब से शुरू होगा। यह दर मोदी सरकार के वादे और पूर्ण व्यवस्थित भारतीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से बहुत नीचे है।’
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उन्होंने कहा कि हमने नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के दो सुधारात्मक कदमों के प्रभाव को पीछे छोड़ दिया है। हमें उम्मीद है कि आने वाली तिमाही में हमारी विकास दर तेजी से बढ़ेगी। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से ही हमारी विकास दर लगातार कम होती जा रही थी लेकिन इस तिमाही से हम वृद्धि की ओर बढ़ेंगे।
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भारत की निरंतर विकास गाथा है यह जीडीपी: शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विकास दर में वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जारी देश की निरंतर विकास गाथा से जोड़ा है। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर को सकारात्मक संकेत बताते हुए ट्वीट किया, ‘आज की जीडीपी विकास दर एक बार फिर पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की निरंतर विकास गाथा को बयां करती है।
विकास दर में यह तेजी मोदी सरकार के ठोस आर्थिक प्रबंधन का ही नतीजा है। विश्व बैंक, मूडी और स्टैंडर्ड पूअर्स जैसी रेटिंग एजेंसियों की सकारात्मक रेटिंग भी बता चुकी है कि भारत की तरक्की को कोई रोक नहीं सकता।’
सिर्फ गिरावट पर लगाम है जीडीपी वृद्धि : चिदंबरम
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने जीडीपी विकास दर में वृद्धि का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने इसे लेकर आगाह भी किया कि यह विकास दर सिर्फ गिरावट को थामने वाली है और किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आपको अगली तीन-चार तिमाही तक इंतजार करना होगा।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘विकास दर 6.3 फीसदी पर पहुंचने से खुशी है। पिछली पांच तिमाही से इसमें गिरावट के दौर पर लगाम लगी है। लेकिन अभी हम यह नहीं कह सकते कि विकास दर में वृद्धि का रुझान कब से शुरू होगा। यह दर मोदी सरकार के वादे और पूर्ण व्यवस्थित भारतीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से बहुत नीचे है।’
जीएसटी को लेकर आलोचना झेल रही सरकार को राहत
अरुण जेटली
वहीं देश के मुख्य सांख्यिकीविद टी सी ए अनंत ने बृहस्पतिवार को यहां वर्ष 2017-18 में जुलाई से सितंबर के बीच के जीडीपी आंकड़ों को जारी करते हुए बताया कि दूसरी तिमाही के दौरान विनिर्माण, बिजली, गैस, जल आूपर्ति, वाणिज्य, होटल, संचार आदि क्षेत्र में तेज विकास दर की बदौलत जीडीपी के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच तिमाही में गिरावट के बाद ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि दूसरी तिमाही में जीडीपी 31.66 लाख करोड़ रुपये के बराबर रहा जो कि एक साल पहले की इसी अवधि के 29.79 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 6.3 फीसदी अधिक है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की रफ्तार काफी धीमी हुई थी। अप्रैल से जून के बीच अर्थव्यवस्था 5.7 फीसदी की रफ्तार से ही आगे बढ़ी थी जो कि पिछली 13 तिमाहियों में सबसे धीमा था।
जीडीपी में बढ़ोतरी के आंकड़ों से केन्द्र सरकार को थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं क्योंकि अभी तक वह विपक्षी दलों एवं कुछ करोबारियों के निशाने पर रही है। आलोचकों का कहना है कि बिना पूर्ण तैयारी के जीएसटी लागू करने से अर्थव्यवस्था में सुस्ती का माहौल है जबकि लोगों के रोजगार छूट रहे हैं।
दूसरी तिमाही में विनिर्माण उद्योग में रही तेजी
टी सी ए अनंत का कहना है कि इस वर्ष दूसरी तिमाही में विनिर्माण उद्योग में सात फीसदी की तेजी दर्ज की गई। हालांकि एक साल पहले इसी तिमाही में इस क्षेत्र की विकास दर 7.7 फीसदी थी। लेकिन यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल पहली तिमाही के मुकाबले यह बेहतर है। इस दौरान बिजली, गैस और जल आपूर्ति के लिए भी बेहतर रहा। इस दौरान इस क्षेत्र में 7.6 फीसदी की बढ़ोतरी है।
कारोबार, होटल और संचार में तेज बढ़ोतरी
अनंत ने बताया कि इस वर्ष दूसरी तिमाही के दौरान कारोबार, होटल और संचार सेवाओं में 9.9 फीसदी की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो कि एक वर्ष पहले के मुकाबले ज्यादा है। पिछले वर्ष दूसरी तिमाही के दौरान इस क्षेत्र के लिए विकास दर 7.7 फीसदी था।
वहीं देश के मुख्य सांख्यिकीविद टी सी ए अनंत ने बृहस्पतिवार को यहां वर्ष 2017-18 में जुलाई से सितंबर के बीच के जीडीपी आंकड़ों को जारी करते हुए बताया कि दूसरी तिमाही के दौरान विनिर्माण, बिजली, गैस, जल आूपर्ति, वाणिज्य, होटल, संचार आदि क्षेत्र में तेज विकास दर की बदौलत जीडीपी के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच तिमाही में गिरावट के बाद ऐसा हुआ है। उन्होंने बताया कि दूसरी तिमाही में जीडीपी 31.66 लाख करोड़ रुपये के बराबर रहा जो कि एक साल पहले की इसी अवधि के 29.79 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 6.3 फीसदी अधिक है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की रफ्तार काफी धीमी हुई थी। अप्रैल से जून के बीच अर्थव्यवस्था 5.7 फीसदी की रफ्तार से ही आगे बढ़ी थी जो कि पिछली 13 तिमाहियों में सबसे धीमा था।
जीडीपी में बढ़ोतरी के आंकड़ों से केन्द्र सरकार को थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं क्योंकि अभी तक वह विपक्षी दलों एवं कुछ करोबारियों के निशाने पर रही है। आलोचकों का कहना है कि बिना पूर्ण तैयारी के जीएसटी लागू करने से अर्थव्यवस्था में सुस्ती का माहौल है जबकि लोगों के रोजगार छूट रहे हैं।
दूसरी तिमाही में विनिर्माण उद्योग में रही तेजी
टी सी ए अनंत का कहना है कि इस वर्ष दूसरी तिमाही में विनिर्माण उद्योग में सात फीसदी की तेजी दर्ज की गई। हालांकि एक साल पहले इसी तिमाही में इस क्षेत्र की विकास दर 7.7 फीसदी थी। लेकिन यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल पहली तिमाही के मुकाबले यह बेहतर है। इस दौरान बिजली, गैस और जल आपूर्ति के लिए भी बेहतर रहा। इस दौरान इस क्षेत्र में 7.6 फीसदी की बढ़ोतरी है।
कारोबार, होटल और संचार में तेज बढ़ोतरी
अनंत ने बताया कि इस वर्ष दूसरी तिमाही के दौरान कारोबार, होटल और संचार सेवाओं में 9.9 फीसदी की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो कि एक वर्ष पहले के मुकाबले ज्यादा है। पिछले वर्ष दूसरी तिमाही के दौरान इस क्षेत्र के लिए विकास दर 7.7 फीसदी था।
कृषि में खराब रही स्थिति
अरुण जेटली
उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र की हालत खराब रही है क्योंकि इस क्षेत्र में विकास दर 1.7 फीसदी ही रही। उनका कहना है कि पिछले साल कृषि क्षेत्र में विकास दर औसत से ज्यादा थी, इसलिए इस साल यह कम लग रही है। देखा जाए तो इस साल कृषि क्षेत्र की विकास दर पिछले पांच साल के औसत के बराबर ही है। लेकिन आप यदि पिछले साल से तुलना करेंगे तो यह कम लगेगा ही।
अभी और सुधार की उम्मीद
मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस की भारतीय शाखा आईसीआरए के अर्थशास्त्री अदिती नायर के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र की अगुवाई में क्रमिक सुधार की उम्मीद है, क्योंकि जीएसटी के लागू होने की वजह से पहली तिमाही में कारोबार कम रहा था। अब यह जोर पकड़ा है।
जीएसटी के असर से उबर गई अर्थव्यवस्था
अब यह सवाल सबसे मौजूं है कि क्या अर्थव्यवस्था जीएसटी के प्रभाव से उबर गई है। इस पर टी सी ए अनंत ने सीधे सीधे तो कुछ नहीं बताया लेकिन कहा कि अभी उत्पादन में और बढ़ोतरी होगी। वह ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योकि इस वर्ष पहली तिमाही में जीएसटी की वजह से अधिकतर निर्माण कार्य ठप रहा। दूसरी तिमाही में जो विनिर्माण हुआ, उसकी त्योहारी मौसम में बिक्री हो गई। इसलिए तीसरी तिमाही में भी विनिर्माण जारी रहेगा क्योंकि निर्माताओं को कुछ स्टॉक भी तो बना कर रखना है।
अभी और सुधार की उम्मीद
मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस की भारतीय शाखा आईसीआरए के अर्थशास्त्री अदिती नायर के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र की अगुवाई में क्रमिक सुधार की उम्मीद है, क्योंकि जीएसटी के लागू होने की वजह से पहली तिमाही में कारोबार कम रहा था। अब यह जोर पकड़ा है।
जीएसटी के असर से उबर गई अर्थव्यवस्था
अब यह सवाल सबसे मौजूं है कि क्या अर्थव्यवस्था जीएसटी के प्रभाव से उबर गई है। इस पर टी सी ए अनंत ने सीधे सीधे तो कुछ नहीं बताया लेकिन कहा कि अभी उत्पादन में और बढ़ोतरी होगी। वह ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योकि इस वर्ष पहली तिमाही में जीएसटी की वजह से अधिकतर निर्माण कार्य ठप रहा। दूसरी तिमाही में जो विनिर्माण हुआ, उसकी त्योहारी मौसम में बिक्री हो गई। इसलिए तीसरी तिमाही में भी विनिर्माण जारी रहेगा क्योंकि निर्माताओं को कुछ स्टॉक भी तो बना कर रखना है।