{"_id":"5d861d938ebc3e017e52bf3f","slug":"finance-commission-suggested-gst-council-to-keep-one-or-two-tax-rates","type":"story","status":"publish","title_hn":"वित्त आयोग ने जीएसटी परिषद को दिया सुझाव, एक या दो दरें रखने पर करें विचार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
वित्त आयोग ने जीएसटी परिषद को दिया सुझाव, एक या दो दरें रखने पर करें विचार
Sat, 21 Sep 2019 06:24 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sat, 21 Sep 2019 06:24 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
15वें वित्त आयोग ने माल एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद को जीएसटी के तहत एक या ज्यादा से ज्यादा दो दरें रखने पर विचार करने का सुझाव दिया है। आयोग ने बढ़ती राजस्व जरूरतों को पूरा करने के लिये कर दर बढ़ाने पर भी जोर दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
विज्ञापन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में यहां शुक्रवार को हुई जीएसटी परिषद की 37वीं बैठक में 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एन के सिंह ने परिषद को जीएसटी के तहत चार से अधिक दरें रखे जाने के बजाय एक या ज्यादा से ज्यादा दो दरें रखने पर विचार करने का सुझाव दिया।
विज्ञापन
आयोग ने कहा कि परिषद को 12 फीसदी और 18 फीसदी की दर को मिलाकर एक दर पर सहमति बनानी चाहिए। यह कदम वैश्विक मानकों के अनुरूप होगा। इसके साथ ही जीएसटी के तहत दी जा रही विभिन्न छूट एवं रियायतों को भी समाप्त किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
वित्त आयोग ने पेट्रोलियम उत्पादों, अल्कोहल और इलेक्ट्रिसिटी को भी जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी जीएसटी के दायरे में लाने का सुझाव दिया है और इसके लिये राज्यों के बीच सहमति बनाने पर जोर दिया है।
बैठक के दौरान माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने जीएसटी करदाताओं के पंजीकरण के साथ आधार को जोड़ने का शुक्रवार को सैद्धांतिक रूप से निर्णय लिया। परिषद ने इसके साथ ही रिफंड का दावा करते हुये आधार संख्या के उल्लेख को अनिवार्य बनाने की संभावना पर भी विचार किया।
परिषद ने जून में जारी उस परिपत्र को भी वापस लेने का फैसला किया है जिसमें कहा गया था कि एक कंपनी द्वारा किसी डीलर को दी गई अतिरिक्त छूट पर भी जीएसटी लगेगा।
बैठक के बाद जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, परिषद ने फर्जी रसीदों तथा धोखाधड़ी पूर्ण तरीके से रिफंड लेने के मामलों से निपटने के लिए जोखिम वाले करदाताओं द्वारा क्रेडिट का लाभ उठाने पर कुछ हद तक प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय किया है।