फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   fifty two crore people are suffering from diabetes in the world, read full report

Diabetes: विश्व के 52.9 करोड़ लोग मधुमेह के शिकार, 2050 तक चपेट में होंगे 130 करोड़ लोग

Sat, 24 Jun 2023 06:29 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 24 Jun 2023 06:29 AM IST
सार

हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद का एक अध्ययन सामने आया, जिसमें पता चला कि देश में 11 फीसदी आबादी डायबिटीज ग्रस्त हो सकती है। इससे कहीं अधिक चिंताजनक यह है कि 15 फीसदी से ज्यादा आबादी को भविष्य में डायबिटीज होने का जोखिम पाया गया।

विज्ञापन
fifty two crore people are suffering from diabetes in the world, read full report
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

आगामी 30 वर्ष में मधुमेह के रोगियों की संख्या दोगुनी से अधिक हो सकती है। आधुनिक जीवनशैली के चलते शहरों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी काफी तेजी से बीमारी का दायरा बढ़ रहा है।

विज्ञापन

मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने आशंका जताई है कि साल 2050 तक दुनिया में करीब 130 करोड़ लोग इस बीमारी से ग्रस्त होंगे जो उस समय की आबादी का करीब 13.4 फीसदी हिस्सा होगा। मौजूदा समय में दुनिया की 6.7% आबादी यानी करीब 52.9 करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में हैं। शोध के जरिये पता चला है कि जागरूकता अभियान, बहुराष्ट्रीय स्तर पर जारी प्रयासों के बाद भी मधुमेह रोग व्यापक रूप से बढ़ रहा है। 

विज्ञापन

भारत में 11 फीसदी आबादी चपेट में
हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद का एक अध्ययन सामने आया, जिसमें पता चला कि देश में 11 फीसदी आबादी डायबिटीज ग्रस्त हो सकती है। इससे कहीं अधिक चिंताजनक यह है कि 15 फीसदी से ज्यादा आबादी को भविष्य में डायबिटीज होने का जोखिम पाया गया। अगर समय रहते लोग जागरूक नहीं हुए तो आगामी समय में भारत की करीब एक चौथाई से ज्यादा आबादी डायबिटीज ग्रस्त हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

निम्न व मध्यम आय वाले देशों में ज्यादा असर
दुनियाभर में डायबिटीज, बीमारी और मृत्यु की बढ़ती दर में तेजी आने की एक वजह है। एक अनुमान के मुताबिक साल 2045 तक डायबिटीज ग्रस्त तीन चौथाई से ज्यादा वयस्क निम्न व मध्यम आय वाले देशों से होंगे, जिनमें 10 में से एक ही समय पर स्वास्थ्य देखभाल ले सकेगा।

शोधकर्ताओं के अनुसार, कोविड-19 महामारी ने विश्वस्तर पर डायबिटीज में असमानता को बढ़ा दिया है। जातीय अल्पसंख्यक समूहों के लोगों में गंभीर संक्रमण होने की आशंका विकसित देशों की तुलना में 50 फीसदी अधिक है और जिन्हें डायबिटीज नहीं है उन लोगों की तुलना में मरने की आशंका भी दोगुनी है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed