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Tamil Nadu: भारत-श्रीलंका के बीच फेरी सर्विस शुरू, पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कही ये बात
Sat, 14 Oct 2023 09:42 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 14 Oct 2023 09:42 AM IST
सार
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तमिलनाडु के नागापट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंतुराई के बीच फेरी सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
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Ferry service
- फोटो : Social Media
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विस्तार
तमिलनाडु के नागपट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंथुराई के बीच फेरी सेवा के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। इस समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने नागपट्टिनम और कांकेसंतुराई के बीच फेरी सेवा के शुभारंभ को भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।
उन्होंने भारत-श्रीलंका के संबंधों पर कहा, 'भारत और श्रीलंका संस्कृति, वाणिज्य और सभ्यता का गहरा इतिहास साझा करते हैं। हम भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह नौका सेवा उन सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को जीवंत बनाती है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'कनेक्टिविटी के लिए हमारा दृष्टिकोण परिवहन क्षेत्र से परे हैं। यूपीआई के कारण भारत में डिजिटल भुगतान जीवन का एक तरीका बन गया है, हम यूपीआई और लंका पे को जोड़कर फिनटेक सेक्टर कनेक्टिविटी पर काम कर रहे हैं।'
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श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बताया महत्वपूर्ण कदम
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने इसे भारत-श्रीलंका के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच की कनेक्टिविटी उत्तर में हो रहे युद्ध के कारण बाधित हो गया था, लेकिन अब फिर से एक बार कनेक्टिविटी को बढ़ाने का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, 'मैंने इस बारे में पीएम मोदी से बात की थी और मैं उनका और भारतीय शिपिंग निगम का उनके किरदार के लिए धन्यावाद करता हूं।'
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उन्होंने भारत-श्रीलंका के संबंधों पर कहा, 'भारत और श्रीलंका संस्कृति, वाणिज्य और सभ्यता का गहरा इतिहास साझा करते हैं। हम भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह नौका सेवा उन सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को जीवंत बनाती है।'
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पीएम मोदी ने कहा, 'कनेक्टिविटी के लिए हमारा दृष्टिकोण परिवहन क्षेत्र से परे हैं। यूपीआई के कारण भारत में डिजिटल भुगतान जीवन का एक तरीका बन गया है, हम यूपीआई और लंका पे को जोड़कर फिनटेक सेक्टर कनेक्टिविटी पर काम कर रहे हैं।'
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श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बताया महत्वपूर्ण कदम
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने इसे भारत-श्रीलंका के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच की कनेक्टिविटी उत्तर में हो रहे युद्ध के कारण बाधित हो गया था, लेकिन अब फिर से एक बार कनेक्टिविटी को बढ़ाने का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, 'मैंने इस बारे में पीएम मोदी से बात की थी और मैं उनका और भारतीय शिपिंग निगम का उनके किरदार के लिए धन्यावाद करता हूं।'
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तमिलनाडु के नागापट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंतुराई के बीच फेरी सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। उन्होंने इस उद्घाटन को भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच संपर्क के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
नौका सेवा की बहाली बड़ा कदम: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने की दिशा में नौका सेवा की शुरुआत को एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली का अपने पड़ोसी देशों को लेकर विनम्र तथा दूरदृष्टि भरा रुख है और उसका ध्यान कनेक्टिविटी, सहयोग तथा संपर्क पर केंद्रित है। भविष्य की योजनाओं पर उन्होंने कहा कि हम भविष्य में ग्रिड कनेक्शन, पाइपलाइन और आर्थिक गलियारे की संभावनाएं तलाश रहे हैं। साथ ही हम श्रीलंका में सभी के सम्मान और समान अधिकारों का समर्थन करते हैं।
साढ़े तीन घंटे में तय होगी 110 किमी की समुद्री यात्रा
भारतीय नौवहन निगम की ओर से संचालित उच्च गति वाली नौका में 150 लोगों के बैठने की क्षमता है। नागपट्टिनम और कांकेसनथुरई के बीच करीब 110 किलोमीटर की दूरी को लगभग साढ़े तीन घंटे में तय किया जा सकेगा। हालांकि, यह समुद्र की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। जानकारी के अनुसार, यदि किसी भारतीय को यहां से श्रीलंका जाना है तो उसे 7670 रुपये चुकाने होंगे, जिसमें 6500 किराया और 18 फीसदी जीएसटी शामिल है। साथ ही यात्री 50 किलोग्राम वजन का सामान भी अपने जा ले जा सकते हैं जबकि चेन्नई-जाफना के बीच विमान से 15 किलोग्राम सामान ले जा सकते हैं। भारत आने वाले तीर्थयात्री आसानी से मंदिरों (थिरुनल्लर, रामेश्वरम, मदुरै और तंजौर में सनीश्वरन मंदिर), चर्च (वेलानकन्नी) और मस्जिदों (नागोर) की यात्रा कर सकते हैं।