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दिल्ली एयरपोर्ट पर 'नो VIP कल्चर' का नारा लगाते हुए नीतीश की गाड़ी में फ्रंट सीट पर बैठा पैसेंजर
amarujala.com- presented by: नंदलाल शर्मा
Updated Tue, 25 Apr 2017 03:33 PM IST
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बिहार CM नीतीश कुमार
- फोटो : फाइल फोटो
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दिल्ली एयरपोर्ट पर 'नो VIP कल्चर' से साबका पड़ा। मुंबई से टर्मिनल 3 पर उतरे वीआईपी और वरिष्ठ लोगों के लिए उपलब्ध कार्ट में बैठने जा रहे नीतीश के सामने ही एक पैसेंजर दौड़ता हुआ आया और नो VIP कल्चर का नारा लगाते हुए कार्ट की पहली सीट पर बैठ गया।
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सुरक्षा एजेंसियों ने उक्त यात्री से उतर जाने को कहा लेकिन वह नहीं हिला। इसके बाद स्टॉफ ने उससे कुछ नहीं कहा और नीतीश कुमार भी खामोश रहे। हालांकि नीतीश कुमार इंटरनेशनल लाउंज में उतर गए और बाकी के पैसेंजर इमिग्रेशन काउंटर तक गए।
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हालांकि T3 काफी लंबा है और यहां स्वचालित सीढ़ियों के साथ वॉकअल्टर्स की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इमिग्रेशन काउंटर तक पहुंचने के लिए वीआईपी अक्सर गोल्फ कार्ट का प्रयोग करते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर इस तरह की 30 बैटरी चालित कार्ट की सुविधा उपलब्ध है।
नाम न छापने की शर्त पर एक सिक्योरिटी अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि शनिवार को यह वाकया 10 बजे रात को हुआ, जब नीतीश कुमार एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI310 से दिल्ली लौटे। गेठ नंबर आठ से बाहर आए नीतीश के लिए यहां एक कार्ट इंतजार कर रही थी। उक्त यात्री भी इसी फ्लाइट से वापस आया और कार्ट की फ्रंट सीट पर बैठ गया।
एयरपोर्ट पर किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को वीआईपी की तरह सम्मान दिया जाता है और सुरक्षा एजेंसियों उन्हें एस्कार्ट करती हैं। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था के जिम्मेदार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने कहा कि यात्री का व्यवहार हिंसक नहीं था इसलिए किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया। यहां तक कि नीतीश कुमार ने भी कोई आपत्ति नहीं की।
बता दें कि पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रियों, नेताओं और अफसरों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का निर्णय लिया था। देश भर में इस फैसले का स्वागत हुआ। केंद्र के फैसले के बाद योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फड़नवीस सहित कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटा दी और अपने मंत्रियों को भी ऐसा करने को कहा।
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सुरक्षा एजेंसियों ने उक्त यात्री से उतर जाने को कहा लेकिन वह नहीं हिला। इसके बाद स्टॉफ ने उससे कुछ नहीं कहा और नीतीश कुमार भी खामोश रहे। हालांकि नीतीश कुमार इंटरनेशनल लाउंज में उतर गए और बाकी के पैसेंजर इमिग्रेशन काउंटर तक गए।
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हालांकि T3 काफी लंबा है और यहां स्वचालित सीढ़ियों के साथ वॉकअल्टर्स की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इमिग्रेशन काउंटर तक पहुंचने के लिए वीआईपी अक्सर गोल्फ कार्ट का प्रयोग करते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर इस तरह की 30 बैटरी चालित कार्ट की सुविधा उपलब्ध है।
नाम न छापने की शर्त पर एक सिक्योरिटी अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि शनिवार को यह वाकया 10 बजे रात को हुआ, जब नीतीश कुमार एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI310 से दिल्ली लौटे। गेठ नंबर आठ से बाहर आए नीतीश के लिए यहां एक कार्ट इंतजार कर रही थी। उक्त यात्री भी इसी फ्लाइट से वापस आया और कार्ट की फ्रंट सीट पर बैठ गया।
एयरपोर्ट पर किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को वीआईपी की तरह सम्मान दिया जाता है और सुरक्षा एजेंसियों उन्हें एस्कार्ट करती हैं। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था के जिम्मेदार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने कहा कि यात्री का व्यवहार हिंसक नहीं था इसलिए किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया। यहां तक कि नीतीश कुमार ने भी कोई आपत्ति नहीं की।
बता दें कि पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रियों, नेताओं और अफसरों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का निर्णय लिया था। देश भर में इस फैसले का स्वागत हुआ। केंद्र के फैसले के बाद योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फड़नवीस सहित कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटा दी और अपने मंत्रियों को भी ऐसा करने को कहा।