Covaxin Trial: अमेरिकी एफडीए ने कोवैक्सिन के ट्रायल पर लगी रोक हटाई, डब्ल्यूएचओ की टिप्पणी के बाद लगी थी पाबंदी
एफडीए ने अप्रैल में परीक्षणों पर रोक इस वजह से लगाई थी क्योंकि भारत में कोवैक्सिन विनिर्माण संयंत्रों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रतिकूल टिप्पणियां की थीं।
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यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अमेरिका में भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन के चरण 2/3 नैदानिक परीक्षणों से रोक हटा दी है । अमेरिका और कनाडा में भारत बायोटेक के पार्टनर ओक्यूजेन इंक ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। ओक्यूजेन इंक के सीईओ डॉ. शंकर मुसुनुरी ने कहा कि हमें बेहद खुशी है कि हम कोवैक्सिन के लिए अपने नैदानिक परीक्षणों के साथ आगे बढ़ सकते हैं। हमारा मानना है कि वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन विकल्प देने की आवश्यकता है। एफडीए ने अप्रैल में परीक्षणों पर रोक इस वजह से लगाई थी क्योंकि भारत में कोवैक्सिन विनिर्माण संयंत्रों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रतिकूल टिप्पणियां की थीं। डब्ल्यूएचओ ने भारत के संयंत्रों की हालत और रखरखाव पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे नैदानिक परीक्षण भागीदारों और साइट सहयोगियों को उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद। ऑक्यूजेन अब इस नैदानिक विकास कार्यक्रम को पूरी तरह से तुरंत दोबारा शुरू करने के लिए सहयोगियों के साथ काम करेगा। डब्ल्यूएचओ ने इससे पहले अमेरिकी खरीद एजेंसियों के माध्यम से कोवैक्सिन की आपूर्ति को निलंबित कर दिया था, क्योंकि इसके निरीक्षकों ने भारत बायोटेक के विनिर्माण संयंत्रों में जीएमपी (गुड मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस) की कमियों की पहचान की थी।
सूत्रों ने कहा था कि फर्म ने हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की किसी एजेंसी को कोविड वैक्सीन की आपूर्ति नहीं की थी और इस निलंबन का कोई असर नहीं पड़ा था। OCU-002, कोवैक्सिन का ऑक्यूजेन का चरण 3 इम्यूनो-ब्रिजिंग अध्ययन है। डब्ल्यूएचओ के निरीक्षण के बाद भारत बायोटेक ने कहा था कि वह सुविधा अनुकूलन के लिए अपनी विनिर्माण इकाइयों में कोवैक्सिन के उत्पादन को अस्थायी रूप से धीमा कर रहा है क्योंकि यह पहले ही खरीद एजेंसियों को अपनी आपूर्ति दायित्वों को पूरा कर चुका है और मांग में कमी की संभावना भी है।