{"_id":"61ee97586815b565de1ae6fa","slug":"fcra-registration-sc-to-hear-plea-against-centre-s-decision-on-tuesday","type":"story","status":"publish","title_hn":"FCRA registration: 5789 संस्थाओं का एफसीआरए पंजीकरण खत्म करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
FCRA registration: 5789 संस्थाओं का एफसीआरए पंजीकरण खत्म करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई
Mon, 24 Jan 2022 05:41 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 24 Jan 2022 05:41 PM IST
सार
अमेरिका स्थित एनजीओ 'ग्लोबल पीस इनिशिएटिव' द्वारा दायर याचिका न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई थी।
विज्ञापन
NGO
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह उस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा जिसमें केंद्र के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें 5789 संस्थाओं का विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) पंजीकरण खत्म हो गया है। विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए किसी भी संगठन और एनजीओ के लिए एफसीआरए पंजीकरण अनिवार्य है।
विज्ञापन
अमेरिका स्थित एनजीओ 'ग्लोबल पीस इनिशिएटिव' द्वारा दायर याचिका न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी। 31 दिसंबर, 2021 तक कुल 22,762 एफसीआरए पंजीकृत संगठन थे। 1 जनवरी को यह संख्या घटकर 16,829 हो गई। इन्हें सक्रिय संगठन माना जाता है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने कहा था कि 18,778 संगठनों के एफसीआरए लाइसेंस 29 सितंबर 2020 और 31 दिसंबर 2021 के बीच समाप्त हो रहे थे। इनमें से 12,989 संगठनों ने 30 सितंबर 2020 और 31 दिसंबर 2021 के बीच एफसीआरए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। .
विज्ञापन
एक अधिकारी ने कहा था कि चूंकि 5,789 संगठनों ने एफसीआरए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था, इसलिए उन्हें पंजीकृत संगठन नहीं माना गया। इनके अलावा 179 संगठनों के नवीनीकरण के आवेदन भी गृह मंत्रालय ने अलग-अलग कारणों से खारिज कर दिए थे।