फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Farmers welcomed decision of the central govt of repeal all three farm laws

अन्नदाता के आगे झुका केंद्र: किसानों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत, पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निर्णय के बिना नहीं बनेगी बात

Fri, 19 Nov 2021 10:58 AM IST
प्रशांत कुमार झा अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Fri, 19 Nov 2021 10:58 AM IST
सार

आखिरकार अन्नदाता के आगे केंद्र सरकार झुक गई। पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया।  किसानों ने कहा है कि कृषि कानूनों की वापसी से उनकी आधी मांग पूरी हुई है। बाकी आधी मांग सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने की आजादी की बात पर प्रधानमंत्री ने अभी कोई आश्वासन नहीं दिया है। 

विज्ञापन
Farmers welcomed decision of the central govt of repeal all three farm laws
किसान का आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन बड़ी घोषणा करते हुए तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने देश से क्षमा मांगते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इन कानूनों को किसानों की भलाई के लिए लाया था, लेकिन वे अपनी बात कुछ किसानों को नहीं समझा पाए। उन्होंने आंदोलनरत किसानों से अपने घर वापस लौटने की अपील करते हुए कहा कि आगामी संसद सत्र में कृषि कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन किसान संगठन अभी भी घर वापसी करने को तैयार नहीं हैं।

विज्ञापन


किसानों ने कहा है कि कृषि कानूनों की वापसी से उनकी आधी मांग पूरी हुई है। बाकी आधी मांग सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने की आजादी की बात पर प्रधानमंत्री ने अभी कोई आश्वासन नहीं दिया है। आज शाम संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आंदोलन के आगे के भविष्य पर निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन


सैकड़ों किसानों की जान गंवानी पड़ी
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता अविक साहा ने अमर उजाला से कहा कि वे तीनों कृषि कानूनों की वापसी का स्वागत करते हैं और एक मजबूत निर्णय लेने के लिए केंद्र सरकार को बधाई देते हैं। लेकिन इस निर्णय को लेने में सरकार ने बहुत देर कर दी और इस आंदोलन में 500 से ज्यादा किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि प्रधानमंत्री यह निर्णय थोड़ा पहले ले लेते तो इतने किसानों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी उनकी मांगों का केवल एक हिस्सा है। हमारी दूसरी महत्वपूर्ण मांग सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी इस पर कोई आश्वासन नहीं दिया है। उन्हें इस पर सरकार को निर्णय लेना पड़ेगा। आंदोलन का उद्देश्य केवल तभी पूरा हो पाएगा।


 आंदोलन खत्म करने के मूड में नहीं हैं किसान नेता
किसान नेता डॉ. आशीष मित्तल ने कहा कि वे आंदोलन की सफलता पर किसानों को बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री को देश के किसानों की बात समझने में एक साल से ज्यादा का समय लग गया, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने एक अच्छा निर्णय किया है जिसका वे स्वागत करते हैं। किसान नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में केवल गेहूं-धान की फसलों पर ही न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता है। बाकी फसलों की खरीद पर कोई निर्धारित प्रक्रिया नहीं है और उनकी खरीद भी नहीं होती। इन मुद्दों पर निर्णय के बिना आंदोलन को समाप्त करने पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed