किसान बोले- 26 जनवरी को सरकारी भवनों पर नहीं फहराएंगे लाल झंडा, रहेंगे राजपथ से दूर
किसानों की ट्रैक्टर परेड अवश्य निकलेगी, लेकिन बहुत ही सभ्य तरीके से। जिस तरह से हर साल गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, वैसे ही इस बार भी मनेगा। कहीं कोई बाधा पहुंचाने का तो सवाल ही नहीं उठता...
किसानों की ट्रैक्टर परेड अवश्य निकलेगी, लेकिन बहुत ही सभ्य तरीके से। जिस तरह से हर साल गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, वैसे ही इस बार भी मनेगा। कहीं कोई बाधा पहुंचाने का तो सवाल ही नहीं उठता...
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किसान संगठन, 26 जनवरी को ऐसा कुछ नहीं करेंगे, जिससे देश के सम्मान को नुकसान पहुंचता हो। सरकारी भवनों पर लाल झंडा नहीं फहराया जाएगा। गणतंत्र दिवस पर किसान संगठन अपनी ट्रैक्टर परेड निकालेंगे, लेकिन मुख्य समारोह स्थल जैसे राजपथ से दूर रहेंगे। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के सदस्य सरदार जगमोहन सिंह का कहना है कि किसान आंदोलन को लेकर सरकार की तरफ से कई तरह की भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। इनमें एक बात यह भी रही है कि गणतंत्र दिवस पर किसान संगठन, सरकारी भवनों पर कोई झंडा आदि फहराएंगे या उनकी शोभा खराब करेंगे। ऐसा कुछ भी नहीं है। किसान अपने देश के गौरव और सम्मान को समझते हैं व उसका आदर करते हैं।
गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की रणनीति को लेकर कई तरह की अफवाहें सुनने को मिल रही थीं। इनमें कहा जा रहा है कि 26 जनवरी को किसान कुछ बड़ा कर सकते हैं। सभी राज्यों में होने वाले जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में बाधा पहुंचाने की योजना है। एआईकेएससीसी के वरिष्ठ सदस्य सरदार जगमोहन सिंह बताते हैं कि ये अफवाहें सरकार की तरफ से फैलाई जा रही हैं। इसके पीछे सरकार और भाजपा का पूरा तंत्र लगा हुआ है। इस मामले में किसान संगठनों की स्थिति बहुत साफ है। गणतंत्र दिवस पर ऐसा कुछ भी नहीं होने जा रहा है, जिससे सरकार को किसान आंदोलन को बदनाम करने का मौका मिल जाए।
किसानों की ट्रैक्टर परेड अवश्य निकलेगी, लेकिन बहुत ही सभ्य तरीके से। जिस तरह से हर साल गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, वैसे ही इस बार भी मनेगा। कहीं कोई बाधा पहुंचाने का तो सवाल ही नहीं उठता। ट्रैक्टर परेड, समारोह स्थल से पूरी तरह दूर रहेगी। दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में जहां भी किसानों की परेड आयोजित होगी, वहां इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि उस वजह से गणतंत्र दिवस समारोह प्रभावित न हो। बतौर सरदार जगमोहन, अब किसान आंदोलन दिन प्रतिदिन मजबूत होता जा रहा है। सभी राज्यों से लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
विदेश से आए दिन एक ऐसे संगठन के व्यक्ति के फोन मीडिया के पास आ रहे हैं, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकियों की सूची में शामिल किया है, इस बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में किसान नेता ने कहा, ऐसा कुछ नहीं है। सामान्य लोग मदद दे रहे हैं, आंदोलन आगे बढ़ता जा रहा है। किसानों को किसी ऐसे प्रतिबंधित संगठन से कोई मदद नहीं मिली। अगर कोई ऐसा प्रयास करता है तो उसकी मदद नहीं ली जाएगी। जिन लोगों ने खालिस्तान की आड़ में आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया है, उनके बारे में जनता को अच्छी समझ है।