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किसान नेताओं ने भाजपा के आरोपों का दिया जवाब, बोले- अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा है विपक्ष

Fri, 27 Nov 2020 05:59 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 27 Nov 2020 05:59 PM IST
सार

विपक्ष संसद में जनता की आवाज होता है। उसे जनता की आवाज उठाने का दायित्व मिला हुआ है। लेकिन विपक्ष अपनी यह जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा है और यही कारण है कि किसानों को स्वयं सड़क पर उतरना पड़ा है...

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Farmers Protest: Farmer leaders responded to BJP allegations, said Opposition has failed to fulfill its responsibility
किसान मोर्चा के सदस्य हिरासत में - फोटो : सुदर्शन झा

विस्तार

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किसान आंदोलन से केंद्र सरकार घिर गई है। वह कृषि कानूनों पर किसानों से बातचीत कर मामले का हल निकालने की राह तलाश रही है। इसी बीच भाजपा इसे विपक्षी दलों की साजिश बता रही है। पार्टी का आरोप है कि किसानों को गलत जानकारी देकर उन्हें भड़काया जा रहा है। पार्टी इसके लिए कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के बयान और विभिन्न राज्यों की कांग्रेस सरकारों द्वारा पास किए जा रहे कानूनों का हवाला दे रही है। वहीं किसान नेता इस आरोप को सिरे से इनकार कर रहे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि यह उनके आंदोलन को बदनाम करने की सरकार की एक कोशिश है।

भाजपा के आरोप पर ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति के सचिव अविक साहा ने कहा कि विपक्ष संसद में जनता की आवाज होता है। उसे जनता की आवाज उठाने का दायित्व मिला हुआ है। लेकिन विपक्ष अपनी यह जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा है और यही कारण है कि किसानों को स्वयं सड़क पर उतरना पड़ा है। इसलिए किसानों के आंदोलन को किसी दल का आंदोलन बताने से परहेज किया जाना चाहिए।

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अविक साहा ने कहा कि पूरे देश का किसान इस समय सड़कों पर हैं। यूपी-बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक के किसान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर इतना बड़ा आंदोलन करने की ताकत विपक्ष में होती तो आज वह विपक्ष में न होती। वह आज सत्ता संभाल रही होती। लेकिन विपक्षी दलों के अंदर आज यह ताकत नहीं रह गई है। यही कारण है कि किसानों को अपने अधिकारों के लिए खुद सड़कों पर उतरना पड़ा है।

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महाराष्ट्र की किसान नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा कि किसी आंदोलन को बदनाम करने की यह पुरानी कोशिश है। सरकार इस तरह मुख्य मुद्दे से देश का ध्यान भटकाने की साजिश कर रही है। लेकिन उसे समझना पड़ेगा कि उसकी इस तरह की कोशिशें हमेशा कामयाब नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि उनके आंदोलन में सरकार चाहे जितनी बाधाएं डाल ले, इस बार वे अपनी मांगों को पूरा किये बिना वापस नहीं जाएंगे।

यह है वजह

वहीं, भाजपा नेता सुदेश वर्मा ने कहा कि आंदोलन के नाम पर किसानों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। पूरे देश ने देखा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी स्वयं पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर राजनीति कर रहे थे। पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारों ने किसान कानूनों के असर को खत्म करने के लिए अपनी-अपनी विधानसभाओं में जिस प्रकार गैर-संवैधानिक तरीके से कानून बनाने की कोशिशें की हैं, उससे ही साफ हो जाता है कि इस आंदोलन के पीछे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हैं।



सुदेश वर्मा ने कहा कि इसके पहले भी इसी तरह की कोशिश की गई थी। लेकिन उसी बीच हुए एक सर्वे में यह बात साफ निकलकर आई थी कि देश के किसानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता न सिर्फ बनी हुई है, बल्कि वह लगातार बढ़ भी रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को किसानों के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

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