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Hindi News ›   India News ›   Farmers Protest: Amit Shah not participate in Raising Day celebrations of BSF, program canceled due to farmers agitation

बीएसएफ के स्थापना दिवस समारोह में भाग नहीं लेंगे गृह मंत्री शाह, किसान आंदोलन के कारण रद्द हुआ कार्यक्रम

Tue, 01 Dec 2020 10:55 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 01 Dec 2020 10:55 AM IST
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Farmers Protest: Amit Shah not participate in Raising Day celebrations of BSF, program canceled due to farmers agitation
गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

दिल्ली से सटी सीमाओं पर लगातार छठे दिन किसान तीन कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन का प्रभाव अब मंत्रियों के कार्यक्रम पर भी पड़ने लगा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन उनका यह कार्यक्रम किसान आंदोलन को देखते हुए रद्द कर दिया गया है।  

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अमित शाह को सीमा सुरक्षा बल के 56वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री के कार्यालय ने बीएसएफ को सूचित किया है कि  किसान आंदोलन के कारण वह समारोह में शामिल नहीं होंगे। वहीं, इस बात की संभावना है कि शाह की गैरमौजूदगी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। 
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नित्यानंद राय ने कोविड-19 के खिलाफ  लड़ाई में बीएसएफ की अग्रिम पंक्ति की कार्रवाई की सराहना की
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बीएसएफ के स्थापना दिवस पर कहा, 'हमारा पड़ोसी सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ संघर्ष विराम का लगातार उल्लंघन कर रहा है। हम घुसपैठ के लिए इस्तेमाल होने वाली अधिक से अधिक गुप्त सुरंगों का पता लगा रहे हैं। हम कोविड-19 के खिलाफ  लड़ाई में बीएसएफ की अग्रिम पंक्ति की कार्रवाई की भी सराहना करते हैं। हमारे जवान भी वायरस से संक्रमित हुए लेकिन लड़ने की भावना को कभी नहीं छोड़ा।'
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किसानों और सरकार के बीच आज होगी बातचीत
वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ छह दिन से दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को सरकार ने आज दोपहर तीन बजे विज्ञान भवन में बातचीत के लिए बुलाया है। इससे पहले किसानों ने कहा कि वे निर्णायक लड़ाई के लिए आए हैं। अपने हक में फैसला लेने के बाद ही लौटेंगे।  

यह भी पढ़ें: राहुल का सरकार पर हमला, 'अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं और ‘झूठ’ टीवी पर भाषण' 

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी व सर्दी का हवाला देते हुए तीन दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। 


रक्षा मंत्री राजनाथ करेंगे सरकार की अगुवाई
सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगुवाई करेंगे। इस दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत अन्य कुछ मंत्री भी उनके साथ रह सकते हैं। इनके अलावा कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी कानून पर विस्तार से बात करने के लिए मौजूद रहेंगे। 

छह दिन से लगातार जारी है प्रदर्शन
गौरतलब है कि हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले छह दिनों से धरने पर हैं। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना मंगलवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद से कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। किसान संसद के पिछले सत्र में बनाए गए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा।   

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