बीएसएफ के स्थापना दिवस समारोह में भाग नहीं लेंगे गृह मंत्री शाह, किसान आंदोलन के कारण रद्द हुआ कार्यक्रम
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दिल्ली से सटी सीमाओं पर लगातार छठे दिन किसान तीन कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन का प्रभाव अब मंत्रियों के कार्यक्रम पर भी पड़ने लगा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन उनका यह कार्यक्रम किसान आंदोलन को देखते हुए रद्द कर दिया गया है।
अमित शाह को सीमा सुरक्षा बल के 56वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री के कार्यालय ने बीएसएफ को सूचित किया है कि किसान आंदोलन के कारण वह समारोह में शामिल नहीं होंगे। वहीं, इस बात की संभावना है कि शाह की गैरमौजूदगी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
नित्यानंद राय ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में बीएसएफ की अग्रिम पंक्ति की कार्रवाई की सराहना की
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बीएसएफ के स्थापना दिवस पर कहा, 'हमारा पड़ोसी सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ संघर्ष विराम का लगातार उल्लंघन कर रहा है। हम घुसपैठ के लिए इस्तेमाल होने वाली अधिक से अधिक गुप्त सुरंगों का पता लगा रहे हैं। हम कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में बीएसएफ की अग्रिम पंक्ति की कार्रवाई की भी सराहना करते हैं। हमारे जवान भी वायरस से संक्रमित हुए लेकिन लड़ने की भावना को कभी नहीं छोड़ा।'
We also commend the BSF's frontline action in our fight during COVID19. Our personnel have also been infected but never gave up their spirit to fight: Nityanand Rai, Union MoS Home, at the 56th raising day of the Border Security Force https://t.co/Y5zyySgWY0
— ANI (@ANI) December 1, 2020
किसानों और सरकार के बीच आज होगी बातचीत
वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ छह दिन से दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को सरकार ने आज दोपहर तीन बजे विज्ञान भवन में बातचीत के लिए बुलाया है। इससे पहले किसानों ने कहा कि वे निर्णायक लड़ाई के लिए आए हैं। अपने हक में फैसला लेने के बाद ही लौटेंगे।
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी व सर्दी का हवाला देते हुए तीन दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ करेंगे सरकार की अगुवाई
सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगुवाई करेंगे। इस दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत अन्य कुछ मंत्री भी उनके साथ रह सकते हैं। इनके अलावा कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी कानून पर विस्तार से बात करने के लिए मौजूद रहेंगे।
छह दिन से लगातार जारी है प्रदर्शन
गौरतलब है कि हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले छह दिनों से धरने पर हैं। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना मंगलवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद से कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। किसान संसद के पिछले सत्र में बनाए गए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा।