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कृषि: रबी सीजन में गेहूं का रकबा घटा तो सरसों का 22 फीसदी बढ़ गया
Sat, 01 Jan 2022 05:03 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 01 Jan 2022 05:03 AM IST
सार
पिछले साल किसानों ने 329.11 लाख हेक्टेअर में गेहूं पैदा किया था, जबकि इस साल यह आंकड़ा 325.88 लाख हेक्टेअर का है।
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सरसों के खेत में किसान...
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
खाद्य तेल की आसमान छूती कीमतें और बढ़ती बाजार मांग का फायदा उठाने के लिए किसानों ने इस साल सरसों की बंपर खेती की है। कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 2021-22 के रबी सत्र में किसानों ने गेहूं के बजाए सरसों की खेती पर ज्यादा जोर दिया। इससे गेहूं के कुल रकबे में कमी आई जबकि सरसों का रकबा 22.46 फीसदी बढ़ गया।
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मंत्रालय के अनुसार, इस साल किसानों ने 88.54 लाख हेक्टेअर में सरसों की फसल उगाई है जिससे रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है। इसके उलट मुख्य फसल गेहूं के रकबे में कमी आई है। पिछले साल किसानों ने 329.11 लाख हेक्टेअर में गेहूं पैदा किया था, जबकि इस साल यह आंकड़ा 325.88 लाख हेक्टेअर का है।
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सरसों के अलावा अन्य तिलहन का रकबा भी इस साल बढ़ा है। किसानों ने 31 दिसंबर तक 97.07 लाख हेक्टेअर में तिलहन की बुआई पूरी कर ली थी। पिछले साल यह रकबा 80.06 लाख हेक्टेअर था। अन्य तिलहनों में मूंगफली का रकबा 3.64 लाख हेक्टेअर, अलसी 2.57 लाख हेक्टेअर, सूरजमुखी 1.01 लाख हेक्टेअर और कुसुम 0.68 लाख हेक्टेअर रहा।
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