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Farmers protest: किन-किन दलों ने दिया भारत बंद को समर्थन, क्या-क्या रहेगा बंद
Mon, 07 Dec 2020 08:37 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 07 Dec 2020 08:37 AM IST
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किसान आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के 8 दिसंबर को होने वाले भारत बंद को कांग्रेस, डीएमके, आप, बसपा और टीआरएस ने भी समर्थन देने का एलान किया है। अब तक 11 से ज्यादा विपक्षी दल और दस ट्रेड यूनियन भारत बंद का समर्थन कर चुकी हैं।
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इस बीच, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने केंद्र सरकार को चेताया है कि अगर गतिरोध जारी रहता है तो आंदोलन दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहेगा, पूरे देश के लोग किसानों के समर्थन में उतरेंगे।
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बसपा ने किया भारत बंद का समर्थन
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने किसान यूनियनों द्वारा 8 दिसंबर को बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'कृषि से संबंधित तीन नए कानूनों की वापसी को लेकर पूरे देशभर में किसान आंदोलित हैं व उनके संगठनों ने दिनांक 8 दिसम्बर को भारत बंद का जो एलान किया है, बीएसपी उसका समर्थन करती है। साथ ही, केंद्र से किसानों की मांगों को मानने की भी पुनः अपील।'
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कृषि से सम्बंधित तीन नये कानूनों की वापसी को लेकर पूरे देश भर में किसान आन्दोलित हैं व उनके संगठनों ने दिनांक 8 दिसम्बर को ’’भारत बंद’’ का जो एलान किया है, बी.एस.पी उसका समर्थन करती है। साथ ही, केन्द्र से किसानों की माँगों को मानने की भी पुनः अपील।
— Mayawati (@Mayawati) December 7, 2020
इस दिन क्या-क्या रहेगा बंद
वहीं, स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने कहा, मंगलवार को सुबह से शाम तक भारत बंद रहेगा। दोपहर तीन बजे तक चक्का जाम रहेगा। दूध, फल व सब्जी पर रोक रहेगी। शादी व इमरजेंसी सेवाओं पर किसी तरह की रोक नहीं होगी।
विपक्षी दलों ने रविवार शाम संयुक्त बयान जारी कर कहा, संसद में बिना वोटिंग व चर्चा के जल्दबाजी में पास कराए गए कृषि कानून भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा हैं। ये हमारे किसानों व कृषि को तबाह करने वाले हैं।
केंद्र सरकार को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए हमारे अन्नदाता किसानों की मांगें माननी चाहिए। बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, गुपकार अलायंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व अन्य के हस्ताक्षर हैं।
इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, किसानों के समर्थन में कांग्रेस सभी जिला व राज्य मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी और भारत बंद की सफलता सुनिश्चित करेगी। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा, कानूनों को वापस लेने की किसानों की मांग एकदम जायज है। अभिनेता कमल हासन की मक्कल निधि मयम ने भी किसानों का समर्थन किया है।
आप नेता गोपाल राय ने कहा, पार्टी के सभी कार्यकर्ता और वालियंटर्स किसानों के समर्थन में बंद में हिस्सा लेंगे। शनिवार को वाम दलों, टीएमसी, राजद और दस ट्रेड यूनियनों ने भी भारत बंद का समर्थन करने की घोषणा की थी।
तोमर ने जूनियर मंत्रियों के साथ किया मंथन
किसानों के साथ शनिवार को पांचवें दौर की वार्ता भी असफल रहने के बाद कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को राज्यमंत्री कैलाश चौधरी व पुरुषोत्तम रुपाला के साथ बैठक की। अब किसानों के साथ अगले दौर की बातचीत नौ नवंबर को होनी है।
कृषि कानून वापस नहीं होंगे: चौधरी
तीनों कृषि कानून किसानों के हक में है और इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। अगर जरूरी हुआ तो सरकार किसानों की कुछ मांगों को मानते हुए इनमें संशोधन कर सकती है। देश के असली किसान कानूनों से चिंतित नहीं है और अपने खेतों में काम कर रहे हैं। कुछ दलों ने राजनीतिक फायदे के लिए आंदोलन कर रहे लोगों को लालच दिया है। लिहाजा उन्हें ऐसे लोगों के लालच में नहीं आना चाहिए।
कैलाश चौधरी, कृषि राज्यमंत्री
विजेंद्र ने दी खेल रत्न अवार्ड लौटाने की चेतावनी
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने कहा, अगर कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो वह अपना राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड लौटा देंगे। विजेंद्र रविवार को सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों का समर्थन करने पहुंचे थे। इस बीच, दो बार के एशियन खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पद्म श्री पहलवान करतार सिंह 30 दिग्गज खिलाडिय़ों के अवार्ड वापस करने के लिए रविवार की शाम दिल्ली पहुंच गए।
भारत बंद के चलते 9 को करेंगे बात
सरकार की ओर से हमें वार्ता के लिए 8 तारीख दी गई थी, लेकिन उस दिन भारत बंद को तोड़ना हमें सही नहीं लगा। यह सरकार की मंशा नहीं थी। हमारी ओर से ही वार्ता के लिए 9 तारीख का समय दिया गया है।- बलदेव सिंह, किसान नेता