फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   farmer protests : Children reaching for help in day attend online classes and serve langar at night

किसानों की मदद के लिए पहुंच रहे बच्चे, दिन में ऑनलाइन पढ़ाई और रात में लंगर में दे रहे हैं सेवा

Sun, 20 Dec 2020 07:14 PM IST
दीप्ति मिश्रा डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sun, 20 Dec 2020 07:14 PM IST
विज्ञापन
farmer protests : Children reaching for help  in day attend online classes  and serve langar at night
किसान आंदोलन

सिंघु बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में सभी लोग अपने तरीकों से किसानों की मदद कर रहे हैं। आंदोलन में बच्चे, युवा और महिलाएं भी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। अपने परिवार के साथ आंदोलन में पहुंच रहे बच्चे किसानों की मांग और नारों के बीच समय निकालकर ऑनलाइन पढ़ाई भी कर रहे हैं और परिवार वालों के साथ लंगर में सेवा भी दे रहे हैं।

विज्ञापन


चंडीगढ़ में रहने वाली तीसरी कक्षा की छात्रा तनमीत कौर इन दिनों सिंघु बार्डर पर अपनी मां के साथ किसानों की मदद में लगी हुई है। तनमीत ने अमर उजाला को बताया कि सुबह उठकर वह अपने परिवार के लोगों के साथ किसानों की मदद करती है। लंगर में सेवा देती है। इसके बाद दिन के समय में अपने टेंट जाकर ऑनलाइन पढ़ाई भी करती है। करीब आठ दिन से वे अपने परिवार के साथ है। 
विज्ञापन


तनमीत की मां रतिंदरबीर कौर ने अमर उजाला से कहा कि हम लोग यहां किसानों की मदद के लिए आए हैं। कोशिश यही होगी कि अन्य दिनों में अपने काम कर शुक्रवार से रविवार तक यहां रहें और किसानों आंदोलन में शामिल हों। बच्चे भी हमारे साथ किसानों की सेवा में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिन में पढ़ाई और रात में लंगर में मदद 
गुरदासपुर के रहने वाले हरदीप सिंह ने अमर उजाला को बताया कि सुबह के दौर में वे प्रदर्शन मे अपने परिवार के साथ शामिल होते हैं। इसके बाद अपने जत्थे में ऑनलाइन क्लास में शामिल होते हैं। कभी कभी ऑनलाइन क्लास छूट भी जाती है, तो वो वाईफाई की मदद से डाउनलोड कर शाम में पढ़ाई करते हैं। रात के समय में लंगर में सेवा देते हैं। 

हरदीप बताते हैं कि बीते पांच दिनों से यहीं हैं, लेकिन ऐसी कोशिश करेंगे कि हर शुक्रवार से लेकर रविवार तक यहीं रहें और आंदोलन में परिवार और किसानों का साथ दें।   


नेट की दिक्कत के कारण होती है परेशानी 
हरियाणा से आए कक्षा 8 वीं के छात्र अमरेंद्र ने बताया कि वह अपने पिता और काका के साथ आंदोलन में आया हुआ है। कोरोना के चलते स्कूल बंद हैं, इसलिए ऑनलाइन क्लास चल रही है। दोपहर में ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई करता हूं, लेकिन कई बार नेट की दिक्कत के चलते पूरी क्लास छूट जाती है। गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे किसानों का आंदोलन 25वें दिन भी जारी है। कड़ाके की ठंड में भी किसानों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद किए हुए हैं। सरकार बार-बार किसानों से चर्चा के जरिए हल निकालने की बात कह रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed