फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Farmer leader VM Singh faces serious allegations against by his colleagues

किसान नेता वीएम सिंह पर उनके सहयोगियों ने लगाए गंभीर आरोप, मध्य प्रदेश इकाई में फूट पड़ी

Fri, 12 Feb 2021 06:06 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 12 Feb 2021 06:06 PM IST
सार

नाराज नेताओं ने कहा- वीएम सिंह ने निजी स्वार्थ के चलते संगठन को आंदोलन से किया अलग...

विज्ञापन
Farmer leader VM Singh faces serious allegations against by his colleagues
VM singh - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह के रवैये के बाद उनका संगठन टूटने लगा है। उनके ही संगठन के मध्य प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष राहुल राज ने वीएम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीएम सिंह से अलग होने का एलान करते हुए राहुल ने कहा है कि किसान आंदोलन से अपने संगठन को अलग करना एक दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है। वीएम सिंह ने एक बार नहीं कई बार आंदोलन को क्षति पहुचाई है। इससे जाहिर होता है कि उनका निजी स्वार्थ किसान हित से ज्यादा है। इन आरोपों पर वीएम सिंह की प्रतिक्रिया जानने के लिए अमर उजाला संवाददाता ने उनसे संपर्क करने की कई बार कोशिशें कीं, लेकिन वो उपलब्ध नहीं हुए।

विज्ञापन


राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष रहे राहुल राज ने आरोप लगाया कि वीएम सिंह ने शुरुआत से ही इस आंदोलन को पंचर करने का काम किया। जब ये आंदोलन शुरू हुआ तब वे कोरोना से स्वास्थ्य लाभ लेकर घर में आराम कर रहे थे, फिर भी एक एक वीडियो बयान जारी कर दिल्ली आ रहे किसानों को यहां नहीं आने का आह्वान किया। इसके बाद जब आंदोलन ने जोर पकड़ा और किसान दिल्ली आ गए, तो अचानक से फिर एक वीडियो डाल कर सभी से बुराड़ी मैदान आने की अपील कर दी। जबकि सभी किसान साथी जानते थे कि बुराड़ी मैदान एक अस्थाई जेल है। किसानों ने जब वहां आने से मना कर दिया फिर भी वीएम सिंह सभी को बुराड़ी बुलाते रहे।
विज्ञापन


राहुल राज कहते हैं कि वीएम सिंह को संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से बाहर किया गया। वहीं जब सरकार ने उन्हें वार्ता में नहीं बुलाया तो वे घर चले गए और किसानों को आंदोलन खत्म कर घर वापस जाने हो कहा। जब आंदोलन तेज हुआ तो वे अचानक गाजीपुर पहुंच कर किसानों के धरना स्थल से ऊपर अपना डेरा जमा लिया। फिर भी जब सरकार ने उन्हें बैठक में नहीं बुलाया, तो वे एक के बाद एक उल्टे सीधे बयान संयुक्त किसान मोर्चा के निर्णयों के विपरीत देने लगे और भ्रम की स्थिति जान बूझकर पैदा करने लग गए, जिससे किसान संगठनों में फूट दिखाई दे। आज जब आंदोलन निर्णायक मोड़ पर है और 26 जनवरी को सरकार की ओर से किये गए षड्यंत्र से किसान आंदोलन जूझ रहा है, ऐसे में आंदोलन को पीठ दिखाकर भागना और उल्टे सीधे बयान देकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति करने से पूरे किसान समाज में एक गलत संदेश गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राहुल ने कहा कि मैं और मेरी पूरी टीम राष्ट्रीय किसान मज़दूर संगठन से इस्तीफा दे रही है। मेरे लिए किसान हित सर्वोपरि था और रहेगा। अंतिम सांस तक किसान हित की लड़ाई लड़ता रहूंगा। मैं कल भी आंदोलन के साथ था, आज भी आंदोलन के साथ हूं और आगे भी रहूंगा। जब तक काले कानून वापस नहीं होते और समर्थन मूल्य पर खरीदी कि गारंटी का कानून नहीं बनता आंदोलन जारी रहेगा।


उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश में भी बड़ी किसान महापंचायत के जरिये प्रत्येक जिले में आंदोलन को तेज किया जाएगा। 18 फरवरी को देशव्यापी रेल रोको अभियान में मध्य प्रदेश का किसान भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed