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मिसाल: सरपंच ने मांगे थे 60 हजार रुपये तो किसान ने अकेले खोद डाला 32 फीट गहरा कुआं, अब बुझ रही गांव की प्यास
Fri, 01 Jul 2022 04:30 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वासुरणा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वासुरणा
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 01 Jul 2022 04:30 PM IST
सार
60 वर्षीय किसान गंगाभाई पवार ने गांव के सरपंच से मदद लेने की कोशिश की, लेकिन जब सरपंच ने इसके लिए 60 हजार रुपये मांगा तो उन्होंने खुद पानी के लिए एक कुआं खोदना शुरू कर दिया।
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कुआं खोदते किसान
- फोटो : ANI
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विस्तार
गुजरात के डांग जिले में पानी की कमी को दूर करने के प्रयास में एक किसान अकेले अपने दम पर अपने गांव के लोगों के लिए कुआं खोद डाला। इस 32 फीट कुआं को खोदने में लगभग डेढ वर्ष लगे। आमतौर पर डांग में भारी वर्षा होती है, लेकिन इसके पहाड़ी और चट्टानी इलाके के कारण गर्मी के चार महीनों के दौरान पीने के पानी की भारी कमी हो जाती है। 60 वर्षीय किसान गंगाभाई पवार ने गांव के सरपंच से मदद लेने की कोशिश की, लेकिन जब सरपंच ने इसके लिए 60 हजार रुपये मांगा तो उन्होंने खुद पानी के लिए एक कुआं खोदना शुरू कर दिया।
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दूसरे प्रयास में गंगाभाई को मिली सफलता
कुआं खोदने के लिए गंगाभाई को देशभर से बधाई मिल रही है। लोग उनकी हिम्मत की दाद दे रहे हैं। वहीं मीडिया से बात करते हुए गंगाभाई ने कहा कि जब मुझे पहला कुआं खोदने के बाद एक पत्थर मिला, तो मुझे अपने दूसरे प्रयास में पानी मिला। अकेले 32 फीट का कुआं खोदने में मुझे 1.5 साल लगे।
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ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है
डांग जिले में हर मानसून में लगभग 125 इंच बारिश दर्ज की जाती है। लेकिन बारिश का सारा पानी समुद्र में बह जाता है। यहां के ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है और दैनिक उपयोग के लिए इसकी व्यवस्था करनी पड़ती है। यहां की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है और पानी की कमी के कारण उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पिछले सप्ताह बनासकांठा और पाटन के 135 गांवों को पीने और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी थी।
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