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मशहूर बांग्ला कवि नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती का निधन
Wed, 26 Dec 2018 12:16 AM IST
Trainee Trainee
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 26 Dec 2018 12:16 AM IST
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नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती
- फोटो : Social Media
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बांग्ला के मशहूर कवि नीरेंद्रनाथ चक्रवर्ती का कोलकाता के एक अस्पताल में मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 94 साल के थे। उनके पारिवारिक सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्यजनित समस्याओं की वजह से उनको सोमवार को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
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वहां उनको सोमवार आधी रात को दिल का दौरा पड़ गया। उनका निधन रात को लगभग 12.25 बजे हुआ। उनके परिवार में दो पुत्रियां हैं। चक्रवर्ती की पत्नी का इसी साल जनवरी में निधन हुआ था।अविभाजित बंगाल के फरीदपुर में वर्ष 1924 में पैदा होने वाले चक्रवर्ती बांग्ला साहित्य जगत की एक प्रमुख हस्ती थे। उनकी कविताओं की पहली पुस्तक ‘नील निरजने’ वर्ष 1954 में 30 साल की उम्र में प्रकाशित हुई थी।
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अपनी कविता उलंग राजा के लिए उनको वर्ष 1974 में साहित्य अकादमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। गंभीर रूप से बीमार होने से पहले तक वे साहित्यिक गतिविधियों में काफी सक्रिय रहे थे। वे संपादक के तौर पर बांग्ला साहित्यिक पत्रिका देश और बच्चों की पत्रिका आनंद मेला से वर्षों तक जुडे़ रहे थे। अभी बीते महीने ही उन्होंने एक पत्रिका के लिए अपनी आखिरी कविता लिखी थी जो अगले महीने कोलकाता पुस्तक मेले के मौके पर प्रकाशित होगी।
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चक्रवर्ती ने अपने जीवनकाल में विभिन्न विषयों पर सैकड़ों लेख और 12 उपन्यासों के अलावा 47 पुस्तकें लिखी थीं। उनमें से ज्यादातर पुस्तकें बच्चों के लिए थीं। पश्चिम बंगाल बांग्ला अकादमी के अध्यक्ष रहे चक्रवर्ती को आनंद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चक्रवर्ती के निधन पर गहरा शोक जताया है। अपने एक ट्वीट में ममता ने कहा कि नीरेंद्रनाथ का जाना हम सबके लिए एक बड़ी क्षति है। बांग्ला साहित्य में अपने योगदान के जरिए वे हमेशा हमारे बीच रहेंगे। इसके अलावा महानगर के कई जाने-माने कवियों व साहित्यकारों ने भी चक्रवर्ती के निधन पर गहरा दुख जताया है।