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Karnataka: कर्नाटक में सांप्रदायिक हिंसा पीड़ितों के परिवार को मिले 25 लाख रुपये, सीएम ने की नौकरी की घोषणा

Mon, 19 Jun 2023 04:22 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 19 Jun 2023 04:22 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार राहत देते समय लोगों के बीच भेदभाव करती थी और उसने केवल प्रवीण नेत्तार एवं हर्ष के परिजन को मुआवजा दिया था। नेत्तार दक्षिण कन्नड़ से भाजपा नेता थे और हर्ष बजरंग दल से जुड़े थे। 

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Family of victims of communal violence get Rs 25 lakh in Karnataka, CM announces jobs for them
Siddaramaiah - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को 2018 के बाद से सांप्रदायिक घटनाओं में मारे गए छह लोगों के परिवारों को मुआवजा के तौर पर 25 लाख रुपये का चेक दिया और उनके परिवारों को नौकरी देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य में इस प्रकार की असामयिक मौत नहीं हो।

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सिद्धारमैया के अनुसार, दीपक राव (दक्षिण कन्नड़ जिला) की तीन जनवरी 2018 को हत्या कर दी गई थी, वहीं अन्य घटनाओं में मसूद (दक्षिण कन्नड़ जिला) 19 जुलाई 2022 को; मोहम्मद फाजिल (दक्षिण कन्नड़) 28 जुलाई 2022 को; अब्दुल जलील (दक्षिण कन्नड़) 24 दिसंबर 2022 को; इदरीश पाशा (मांड्या) 31 मार्च 2023 को और समीर (गदग) 17 जनवरी 2022 को मारे गए थे। इनमें से दीपक राव की हत्या तब हुई थी जब साढे पांच वर्ष पहले सिद्धारमैया मुख्यमंत्री थे, वहीं पांच अन्य लोगों की मौत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल में हुई।

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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार राहत देते समय लोगों के बीच भेदभाव करती थी और उसने केवल प्रवीण नेत्तार एवं हर्ष के परिजन को मुआवजा दिया था। नेत्तार दक्षिण कन्नड़ से भाजपा नेता थे और हर्ष बजरंग दल से जुड़े थे। सिद्धारमैया ने कहा कि जब प्रवीण नेत्तार की हत्या हुई थी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री (बसवराज बोम्मई) उनके घर गए थे, जो सही था लेकिन उन्हें मसूद और फाजिल के घर भी जाना चाहिए था।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में बोम्मई ने हर्ष और प्रवीण नेत्तार के परिवार के सदस्यों को नौकरी दी थी। यह ठीक है, लेकिन क्या दूसरों को नौकरी और मुआवजा नहीं दिया जाना चाहिए था? यह जानकर उन्हें आश्चर्य हुआ। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने छह पीड़ितों के परिजनों को कोई मुआवजा नहीं दिया। आज हम उनके परिवारों के साथ न्याय कर रहे हैं। साथ ही हम मामले की जांच करेंगे और अपराध में शामिल दोषियों को सजा सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के तत्कालीन नेता के तौर पर उन्होंने मारे गए मुस्लिमों के परिजनों को नौकरी और मुआवजे का प्रस्ताव कर्नाटक विधानसभा में दिया था, लेकिन भाजपा सरकार इसके लिए राजी नहीं हुई थी। सिद्धारमैया ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद हम मारे गए छह लोगों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दे रहे हैं। हम उन्हें नौकरी भी देंगे क्योंकि सभी को समान रूप से देखा जाना चाहिए। सरकार को लोगों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। भाजपा के लोगों ने भेदभाव किया है। चीजों को सुधारने के लिए हम यह काम कर रहे हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपराध में शामिल दोषियों को सजा सुनिश्चित करने के लिए मामलों की जांच करवाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य में सांप्रदायिक झगड़ों और नैतिक पुलिसिंग के खिलाफ भी लोगों को आगाह किया। मुख्यमंत्री ने कहा, हम राज्य के लोगों को यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं। हम सभी की रक्षा करेंगे, चाहे वह हिंदू हों, मुस्लिम हों, ईसाई हों या सिख हों। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी की, उनकी संपत्तियों और जीवन की रक्षा करे। कोई भेदभाव नहीं होगा।

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