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Assam: जिरीबाम मुठभेड़ मारे गए उग्रवादियों के परिजनों की पुलिस से झड़प, सिलचर मेडिकल कॉलेज के बाहर भिड़ंत
Sat, 16 Nov 2024 03:10 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 16 Nov 2024 03:10 PM IST
सार
मणिपुर के जिरीबाम में सीआरपीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए उग्रवादियों के परिजनों की पुलिस से झड़प खबर सामने आयी है। जानकारी के मुताबिक उग्रवादियों के परिजन शवों की मांग करते हुए सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए, इसके बाद मौके पर पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए उनपर लाठी चार्ज किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
11 नवंबर को मणिपुर के जिरीबाम में सीआरपीएफ और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ में मारे गए उग्रवादियों से परिजनों से पुलिस से झड़प हुई है। इसके बाद सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएमसीएच) के बाहर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यह घटना तब हुई जब मणिपुर के जिरीबाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए 10 उग्रवादियों के परिवार के लोग पुलिस से झड़प करने लगे। वे मांग कर रहे थे कि शव उन्हें सौंप दिए जाएं।
उग्रवादियों के परिजनों ने किया पुलिस पर पथराव
बता दें कि उग्रवादियों के परिवार वाले सोमवार से ही अस्पताल के बाहर डेरा डाले हुए थे और शव मांग रहे थे। वहीं इस मामले में असम पुलिस के अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की कि शव मणिपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे और परिवार वाले उनसे बात कर सकते हैं। लेकिन परिवार वाले इस प्रस्ताव को मानने को तैयार नहीं हुए और पत्थरबाजी करने लगे। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए। घायलों में चार पत्रकार भी शामिल थे, जिनमें एक महिला पत्रकार भी थी।
इसके बाद स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ समय बाद हालात काबू में आए। आखिरकार उग्रवादियों के परिवार वाले इस बात पर सहमत हो गए कि वे मणिपुर पुलिस से शव लेंगे। वहीं गुवाहाटी प्रशासन ने फैसला किया है कि मणिपुर और असम पुलिस मिलकर इन शवों को हवाई मार्ग से चुराचांदपुर ले जाएगी और यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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सीआरपीएफ और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़
मणिपुर में 11 नवंबर को दोपहर तीन बजे जिरीबाम जिले के जकुराधोर और बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन के निकट सीआरपीएफ पोस्ट पर 200 से अधिक हथियारबंद उग्रवादियों ने हमला किया था। जिस वक्त यह औचक हमला हुआ, तब पोस्ट पर महज डेढ़ से दो दर्जन जवान तैनात थे। इसके बावजूद सीआरपीएफ जवानों ने दो सौ से ज्यादा उग्रवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। इस कार्रवाई में दस उग्रवादी मारे गए थे।
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उग्रवादियों के परिजनों ने किया पुलिस पर पथराव
बता दें कि उग्रवादियों के परिवार वाले सोमवार से ही अस्पताल के बाहर डेरा डाले हुए थे और शव मांग रहे थे। वहीं इस मामले में असम पुलिस के अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की कि शव मणिपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे और परिवार वाले उनसे बात कर सकते हैं। लेकिन परिवार वाले इस प्रस्ताव को मानने को तैयार नहीं हुए और पत्थरबाजी करने लगे। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए। घायलों में चार पत्रकार भी शामिल थे, जिनमें एक महिला पत्रकार भी थी।
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इसके बाद स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ समय बाद हालात काबू में आए। आखिरकार उग्रवादियों के परिवार वाले इस बात पर सहमत हो गए कि वे मणिपुर पुलिस से शव लेंगे। वहीं गुवाहाटी प्रशासन ने फैसला किया है कि मणिपुर और असम पुलिस मिलकर इन शवों को हवाई मार्ग से चुराचांदपुर ले जाएगी और यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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सीआरपीएफ और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़
मणिपुर में 11 नवंबर को दोपहर तीन बजे जिरीबाम जिले के जकुराधोर और बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन के निकट सीआरपीएफ पोस्ट पर 200 से अधिक हथियारबंद उग्रवादियों ने हमला किया था। जिस वक्त यह औचक हमला हुआ, तब पोस्ट पर महज डेढ़ से दो दर्जन जवान तैनात थे। इसके बावजूद सीआरपीएफ जवानों ने दो सौ से ज्यादा उग्रवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। इस कार्रवाई में दस उग्रवादी मारे गए थे।